नियमित भर्ती और पदोन्नति रोककर आउटसोर्सिंग से सरकार चला रही BJP: कांग्रेस
छत्तीसगढ़ कांग्रेस ने प्रदेश सरकार पर नियमित भर्ती और पदोन्नति की प्रक्रिया रोककर संविदा नियुक्तियों और आउटसोर्सिंग को बढ़ावा देने का आरोप लगाया है। कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने सेवानिवृत्त IRS अधिकारी को पांच साल के लिए विशेष सचिव पद पर संविदा नियुक्ति दिए जाने पर सवाल उठाते हुए सरकार से नियम और नियुक्ति प्रक्रिया स्पष्ट करने की मांग की है।
UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l छत्तीसगढ़ में संविदा नियुक्तियों और आउटसोर्सिंग को लेकर कांग्रेस ने प्रदेश सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मुख्य प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने आरोप लगाया है कि सरकार नियमित भर्ती और पदोन्नति की प्रक्रिया को रोककर संविदा नियुक्तियों और आउटसोर्सिंग के सहारे प्रशासनिक व्यवस्था चला रही है। कांग्रेस ने विशेष सचिव स्तर से लेकर निचले पदों तक की नियुक्तियों में पारदर्शिता को लेकर भी सवाल उठाए हैं।
कांग्रेस प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने एक सेवानिवृत्त IRS अधिकारी को पांच साल के लिए विशेष सचिव पद पर संविदा नियुक्ति दिए जाने का मुद्दा उठाया। उन्होंने दावा किया कि सामान्य तौर पर सेवानिवृत्त अधिकारियों को संविदा नियुक्ति एक वर्ष के लिए दी जाती है और कार्य प्रदर्शन की समीक्षा के आधार पर इसे एक-एक वर्ष के लिए आगे बढ़ाया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि सेवानिवृत्त अधिकारियों की संविदा नियुक्ति को अधिकतम 70 वर्ष की आयु तक बढ़ाया जा सकता है।
कांग्रेस का कहना है कि यदि किसी सेवानिवृत्त अधिकारी की नियुक्ति मुख्यमंत्री या मंत्री के साथ विशेषाधिकारी अथवा विशेष सचिव के रूप में की जाती है, तो ऐसी नियुक्ति संबंधित मुख्यमंत्री या मंत्री के कार्यकाल के साथ समाप्त मानी जाती है। इसी आधार पर कांग्रेस ने सवाल उठाया है कि जब मौजूदा सरकार के कार्यकाल की अवधि करीब सवा दो वर्ष बताई जा रही है, तो किसी अधिकारी को पांच वर्ष के लिए संविदा नियुक्ति किस आधार पर दी गई।
सुरेंद्र वर्मा ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार के सत्ता में आने के बाद प्रदेश में नियमित भर्ती प्रक्रियाएं प्रभावित हुई हैं और कर्मचारियों की पदोन्नति के अवसर भी सीमित हुए हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश के लाखों युवा वर्षों से प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं, लेकिन नियमित पदों पर भर्ती के बजाय संविदा और आउटसोर्सिंग का रास्ता अपनाया जा रहा है।
कांग्रेस ने आरोप लगाया कि विभिन्न विभागों में बिना पर्याप्त पारदर्शिता के संविदा नियुक्तियां और आउटसोर्सिंग की जा रही हैं। पार्टी का दावा है कि इससे एक ओर सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के अवसर प्रभावित हो रहे हैं, वहीं दूसरी ओर पहले से कार्यरत अधिकारियों और कर्मचारियों की पदोन्नति की संभावनाएं भी प्रभावित हो रही हैं।
सुरेंद्र वर्मा ने यह भी आरोप लगाया कि छत्तीसगढ़ की योग्य प्रतिभाओं को अवसर देने के बजाय बाहरी एजेंसियों और पसंदीदा अधिकारियों को लाभ पहुंचाया जा रहा है। उन्होंने सरकार से सवाल किया कि नियमित पदों पर आउटसोर्सिंग एजेंसियों के माध्यम से भर्ती कराने का निर्णय किस आधार पर लिया जा रहा है और इसके पीछे जिम्मेदार कौन हैं।
कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि सरकार को संविदा नियुक्तियों और आउटसोर्सिंग से जुड़े सभी मामलों में नियम, चयन प्रक्रिया और नियुक्ति की अवधि सार्वजनिक करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि युवाओं और सरकारी कर्मचारियों के हितों को ध्यान में रखते हुए नियमित भर्ती और पदोन्नति प्रक्रिया को गति दी जानी चाहिए।
कांग्रेस ने सरकार से नियम विरुद्ध संविदा नियुक्तियों की समीक्षा करने और आउटसोर्सिंग व्यवस्था में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग की है। पार्टी का कहना है कि सरकारी व्यवस्था में नियुक्तियां स्पष्ट नियमों और योग्यता के आधार पर होनी चाहिए, ताकि युवाओं और कर्मचारियों का भरोसा बना रहे।