सेवा संकल्प अभियान: उन्नत नस्ल की गाय से ओम प्रकाश की बढ़ी अतिरिक्त आय

जशपुर जिले के सन्ना निवासी ओम प्रकाश यादव ने प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना 2.0 से मिली 56 हजार रुपये की सहायता से उन्नत नस्ल की गाय खरीदी। अब प्रतिदिन 6 से 8 लीटर दूध उत्पादन हो रहा है और दूध की बिक्री से 40 हजार रुपये से अधिक की अतिरिक्त आय प्राप्त हो चुकी है।

Sep 26, 2026 - 10:18
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सेवा संकल्प अभियान: उन्नत नस्ल की गाय से ओम प्रकाश की बढ़ी अतिरिक्त आय

UNITED NEWS OF ASIA. जशपुर l प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना 2.0 के तहत आजीविका गतिविधियों के लिए मिलने वाली सहायता ग्रामीण किसानों के लिए अतिरिक्त आय का जरिया बन रही है। जशपुर जिले के बगीचा विकासखंड के ग्राम सन्ना निवासी ओम प्रकाश यादव ने योजना से मिली सहायता का उपयोग उन्नत नस्ल की गाय खरीदने में किया। इससे उनके पारंपरिक पशुपालन को नियमित आय के साधन में बदलने में मदद मिली है। दूध की बिक्री से उन्हें अब तक 40 हजार रुपये से अधिक की अतिरिक्त आय प्राप्त हो चुकी है।

ओम प्रकाश यादव पहले से गाय पालन करते थे, लेकिन उनके पास उन्नत नस्ल की गाय नहीं थी। इसके कारण दूध का उत्पादन सीमित रहता था और अधिकांश दूध परिवार की जरूरतों में ही उपयोग हो जाता था। पशुपालन से नियमित अतिरिक्त आय नहीं हो पाने के कारण उन्होंने इसे व्यवस्थित आजीविका गतिविधि के रूप में आगे बढ़ाने का प्रयास किया।

56 हजार रुपये की सहायता से खरीदी गाय

कृषि विकास एवं किसान कल्याण तथा जैव प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा संचालित प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना 2.0 के तहत उत्पादन प्रणाली मद में ओम प्रकाश यादव को गाय पालन के लिए 56 हजार रुपये की अनुदान सहायता प्रदान की गई। इस सहायता राशि से उन्होंने उन्नत नस्ल की गाय खरीदी।

उन्नत नस्ल की गाय खरीदने के बाद उनके पशुपालन से होने वाले दूध उत्पादन में बढ़ोतरी हुई। वर्तमान में प्रतिदिन करीब 6 से 8 लीटर दूध का उत्पादन हो रहा है। परिवार की आवश्यकता पूरी करने के बाद बचने वाले दूध को बेचकर उन्हें अतिरिक्त आमदनी प्राप्त हो रही है।

दूध बिक्री से 40 हजार रुपये से अधिक आय

ओम प्रकाश यादव के अनुसार, उन्नत नस्ल की गाय से मिलने वाले अतिरिक्त दूध की बिक्री से अब तक 40 हजार रुपये से अधिक की आमदनी हो चुकी है। इससे पशुपालन उनके परिवार के लिए अतिरिक्त आय का नियमित माध्यम बन रहा है।

पशुपालन से उन्हें केवल दूध बिक्री का ही लाभ नहीं मिल रहा है। गाय के गोबर से जैविक खाद तैयार कर उसका उपयोग खेती में किया जा रहा है। इससे खेतों में बाहरी खाद पर होने वाले खर्च में कमी आई है। इस तरह दूध से अतिरिक्त आय और जैविक खाद के उपयोग से खेती की लागत में बचत, दोनों का लाभ परिवार को मिल रहा है।

पारंपरिक पशुपालन से आत्मनिर्भरता की ओर

ओम प्रकाश यादव बताते हैं कि पहले देशी गाय से मिलने वाला दूध मुख्य रूप से परिवार की जरूरतों में ही उपयोग हो जाता था। योजना के तहत मिली सहायता से उन्नत नस्ल की गाय खरीदने के बाद दूध उत्पादन बढ़ा और अतिरिक्त दूध बेचकर हर महीने आमदनी का अवसर मिला।

उनका कहना है कि योजना से मिली सहायता ने पशुपालन को व्यवस्थित तरीके से आगे बढ़ाने में मदद की है। अब दूध की बिक्री से अतिरिक्त कमाई के साथ खेती में जैविक खाद के उपयोग से खर्च भी कम हो रहा है।

प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना 2.0 के माध्यम से कृषि के साथ पशुपालन जैसी आजीविका गतिविधियों को बढ़ावा मिलने से ग्रामीण परिवारों के लिए आय के अतिरिक्त अवसर तैयार हो रहे हैं। ओम प्रकाश यादव का अनुभव बताता है कि योजनाबद्ध सहायता और उपलब्ध संसाधनों के बेहतर उपयोग से पारंपरिक पशुपालन को नियमित आय के माध्यम में बदला जा सकता है।