JDA की 17 सूत्रीय मांगों को लेकर हड़ताल जारी, स्वास्थ्य सेवाओं पर असर का दावा

छत्तीसगढ़ में जूनियर डॉक्टर एसोसिएशन 17 सूत्रीय मांगों को लेकर हड़ताल पर है। पूर्व विधायक विकास उपाध्याय ने दावा किया कि हड़ताल के कारण अस्पतालों में मरीजों के इलाज और स्वास्थ्य सेवाओं पर असर पड़ रहा है। उन्होंने सरकार से JDA के प्रतिनिधियों से बातचीत कर गतिरोध समाप्त करने की मांग की।

Sep 26, 2026 - 10:24
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JDA की 17 सूत्रीय मांगों को लेकर हड़ताल जारी, स्वास्थ्य सेवाओं पर असर का दावा

UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l छत्तीसगढ़ में जूनियर डॉक्टर एसोसिएशन (JDA) की 17 सूत्रीय मांगों को लेकर हड़ताल जारी है। हड़ताल के चलते अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवाओं और मरीजों के इलाज पर असर पड़ने का दावा किया जा रहा है। लंबे समय से चल रहे आंदोलन के बीच सरकारी अस्पतालों में उपचार के लिए पहुंचने वाले मरीजों और उनके परिजनों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

पूर्व विधायक विकास उपाध्याय ने जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल को लेकर सरकार से तत्काल बातचीत कर समाधान निकालने की मांग की है। उन्होंने कहा कि सरकारी अस्पतालों पर बड़ी संख्या में गरीब और जरूरतमंद मरीज उपचार के लिए निर्भर रहते हैं। ऐसे में डॉक्टरों की हड़ताल के कारण स्वास्थ्य सेवाओं पर पड़ने वाले प्रभाव को देखते हुए गतिरोध को जल्द समाप्त करने की जरूरत है।

17 सूत्रीय मांगों को लेकर हड़ताल

जूनियर डॉक्टर एसोसिएशन अपनी 17 सूत्रीय मांगों को लेकर लगातार हड़ताल पर है। संगठन की मांगों के कारण डॉक्टरों और सरकार के बीच गतिरोध की स्थिति बनी हुई है। हड़ताल के दौरान अस्पतालों में मरीजों को मिलने वाली नियमित स्वास्थ्य सेवाओं पर प्रभाव पड़ने की बात सामने आई है।

जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल का असर उपचार व्यवस्था पर कितना पड़ा है, यह अस्पताल और संबंधित सेवाओं के अनुसार अलग-अलग हो सकता है। हालांकि, आंदोलन के चलते मरीजों की परेशानी बढ़ने की बात कही जा रही है।

सरकारी अस्पतालों पर निर्भर गरीब मरीज

विकास उपाध्याय ने कहा कि आर्थिक रूप से कमजोर और जरूरतमंद परिवारों के लिए सरकारी अस्पताल इलाज का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। ऐसे में स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी तरह का व्यवधान सीधे मरीजों और उनके परिजनों को प्रभावित कर सकता है।

उन्होंने सरकार से मांग की कि JDA की मांगों पर गंभीरता से चर्चा की जाए और बातचीत के जरिए समाधान निकालने का प्रयास किया जाए। उनका कहना है कि स्वास्थ्य सेवाओं को सामान्य बनाए रखने के लिए सरकार और जूनियर डॉक्टरों के बीच संवाद जरूरी है।

सरकार से बातचीत कर गतिरोध खत्म करने की मांग

विकास उपाध्याय ने सरकार से जूनियर डॉक्टर एसोसिएशन के प्रतिनिधियों के साथ तत्काल बातचीत करने की मांग की। उन्होंने कहा कि हड़ताल के समाधान के लिए दोनों पक्षों के बीच संवाद की प्रक्रिया आगे बढ़नी चाहिए, ताकि मरीजों को उपचार में परेशानी न हो।

उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य व्यवस्था सीधे जनता से जुड़ी हुई है और लंबे समय तक चलने वाले किसी भी गतिरोध का असर आम मरीजों पर पड़ सकता है। ऐसे में सरकार को JDA की मांगों पर चर्चा कर समाधान की दिशा में पहल करनी चाहिए।

पूर्व विधायक ने स्वास्थ्य सेवाओं को जल्द सामान्य किए जाने और मरीजों को राहत दिलाने की मांग उठाई। उन्होंने कहा कि हड़ताल के समाधान के साथ-साथ अस्पतालों में मरीजों के इलाज की व्यवस्था सुचारु बनाए रखना प्राथमिकता होनी चाहिए।