चिंतन शिविर 3.0 से सुशासन के नए मॉडल की तैयारी, तकनीक और नवाचार पर सरकार का जोर

रायपुर स्थित आईआईएम में आयोजित चिंतन शिविर 3.0 में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि यह शिविर विकसित छत्तीसगढ़ के लिए सुशासन, डिजिटल गवर्नेंस, कृषि सुधार और नेतृत्व विकास की नई दिशा तय करेगा। मुख्यमंत्री ने बताया कि पिछले चिंतन शिविरों के सुझावों से ई-ऑफिस, मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 और सेवा सेतु जैसी महत्वपूर्ण पहलें सफलतापूर्वक लागू हुई हैं।

Jul 5, 2026 - 10:38
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चिंतन शिविर 3.0 से सुशासन के नए मॉडल की तैयारी, तकनीक और नवाचार पर सरकार का जोर

UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l रायपुर स्थित भारतीय प्रबंधन संस्थान (आईआईएम) में आयोजित दो दिवसीय चिंतन शिविर 3.0 में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि यह शिविर केवल विचार-विमर्श का मंच नहीं, बल्कि सुशासन, नवाचार और प्रभावी नीति-निर्माण की दिशा में सरकार की महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने कहा कि चिंतन शिविर का उद्देश्य शासन-प्रशासन को अधिक पारदर्शी, आधुनिक, तकनीक आधारित और जनहितैषी बनाते हुए विकसित छत्तीसगढ़ की मजबूत आधारशिला तैयार करना है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले दो चिंतन शिविरों से प्राप्त सुझावों को सरकार ने सफलतापूर्वक लागू किया है। इसके परिणामस्वरूप मंत्रालय में ई-ऑफिस प्रणाली लागू हुई, जिससे फाइलों के निस्तारण की प्रक्रिया अधिक तेज और पारदर्शी बनी। इसी प्रकार मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 और सेवा सेतु जैसी महत्वपूर्ण पहलें भी चिंतन शिविरों से निकले सुझावों का परिणाम हैं। वर्तमान में सेवा सेतु के माध्यम से 36 विभागों की 520 से अधिक सेवाएं नागरिकों को ऑनलाइन उपलब्ध कराई जा रही हैं।

चिंतन शिविर 3.0 के प्रथम दिन नेतृत्व विकास, सुशासन, उभरती तकनीकों और कृषि समृद्धि जैसे विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई। आध्यात्मिक चिंतक गौर गोपाल दास ने नेतृत्व, सेवा भावना, भावनात्मक संतुलन और जनप्रतिनिधियों की नैतिक जिम्मेदारियों पर अपने विचार साझा करते हुए मूल्य आधारित नेतृत्व को प्रभावी प्रशासन की आधारशिला बताया।

शिविर में नीति आयोग के सदस्य प्रोफेसर अभय करंदीकर ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर, 5जी, ड्रोन, ब्लॉकचेन, जियोस्पेशियल टेक्नोलॉजी और डेटा आधारित प्रशासन पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि आधुनिक तकनीकों के उपयोग से शासन व्यवस्था को अधिक दक्ष, पारदर्शी और नागरिक केंद्रित बनाया जा सकता है। साथ ही रोजगार, डिजिटल समावेशन और नवाचार के क्षेत्र में भी नई संभावनाओं पर प्रकाश डाला गया।

कृषि विषयक सत्र में कृषि अर्थशास्त्री डॉ. रमेश चंद और कृषि विशेषज्ञ टी. विजय कुमार ने प्राकृतिक खेती, जलवायु अनुकूल कृषि, फसल विविधीकरण, मूल्य संवर्धन, बाजार संपर्क और तकनीक आधारित कृषि सुधारों पर अपने अनुभव साझा किए। विशेषज्ञों ने किसानों की आय बढ़ाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए देश के विभिन्न राज्यों के सफल मॉडलों की जानकारी भी दी।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने विश्वास व्यक्त किया कि चिंतन शिविर 3.0 से प्राप्त सुझाव सुशासन, तकनीक आधारित प्रशासन, कृषि सुधार, विभागीय समन्वय और जनसेवा के नए मानक स्थापित करेंगे। उन्होंने कहा कि विकसित भारत 2047 के लक्ष्य के अनुरूप विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण के लिए सरकार नवाचार, ज्ञान, आधुनिक तकनीक और प्रभावी नीति-निर्माण को लगातार प्रोत्साहित करती रहेगी। शिविर में प्राप्त सुझावों को शीघ्र ही ठोस प्रशासनिक और नीतिगत निर्णयों के रूप में लागू किया जाएगा, जिससे प्रदेश में सुशासन और विकास को नई गति मिलेगी।