लोकसभा में सांसद बृजमोहन अग्रवाल का ऐतिहासिक संबोधन: “जी राम जी” विधेयक से ग्रामीण भारत के नवयुग की नींव

लोकसभा में “जी राम जी” विधेयक पर प्रथम वक्ता के रूप में सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने सरकार का पक्ष मजबूती से रखते हुए इसे ग्रामीण भारत की अर्थव्यवस्था, रोजगार और आत्मनिर्भरता के लिए ऐतिहासिक बताया। उन्होंने कहा कि यह विधेयक विकसित भारत के साथ विकसित गांवों के सपने को साकार करेगा।

Dec 19, 2025 - 13:48
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लोकसभा में सांसद बृजमोहन अग्रवाल का ऐतिहासिक संबोधन: “जी राम जी” विधेयक से ग्रामीण भारत के नवयुग की नींव

 UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्नवर सिंह, रायपुर |  नई दिल्ली/रायपुर। लोकसभा में सांसद  बृजमोहन अग्रवाल ने “जी राम जी” विधेयक पर प्रथम वक्ता के रूप में चर्चा की शुरुआत करते हुए इसे ग्रामीण भारत के नवयुग की नींव बताया। अपने ओजस्वी और दूरदर्शी संबोधन में उन्होंने कहा कि देश के इतिहास में पहली बार ऐसा विधेयक लाया गया है, जो गांवों को आत्मनिर्भर, संसाधनयुक्त और समृद्ध बनाने की दिशा में ठोस कदम है। यह कानून ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त करेगा, बेरोजगारी घटाएगा और गांवों में सड़क, पानी, बिजली, सिंचाई तथा टिकाऊ परिसंपत्तियों के निर्माण को गति देगा।

सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि जहां मनरेगा ने 100 दिनों के रोजगार की गारंटी दी थी, वहीं “जी राम जी” विधेयक 125 दिनों का रोजगार, 15 दिन में कार्य उपलब्ध कराने की बाध्यता, बेरोजगारी भत्ता, डिजिटल मस्टर रोल और पारदर्शी व्यवस्था सुनिश्चित करता है। इससे भ्रष्टाचार पर अंकुश लगेगा और जवाबदेही तय होगी। उन्होंने इसे गांधी जी के ग्राम-स्वराज के सपनों को साकार करने वाला कानून बताया और कहा कि यदि किसी सरकार ने गांधी जी के विचारों को जमीन पर उतारा है, तो वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार है।  

अपने भाषण में उन्होंने प्रभु श्रीराम और रामराज्य की अवधारणा का उल्लेख करते हुए कहा कि “विकसित भारत के साथ विकसित गांव” ही प्रभु राम की इच्छा है। उन्होंने “जी राम जी” का अर्थ बताते हुए कहा—V विकसित, B भारत, G गारंटी, R रोजगार, A आजीविका, M मिशन—और इसे गांवों में न्याय, समृद्धि और स्वाभिमान का प्रतीक बताया।

विपक्ष पर निशाना साधते हुए सांसद ने कांग्रेस की पुरानी नीतियों की आलोचना की और कहा कि पहले फर्जी मस्टर रोल और भ्रष्टाचार के जरिए योजनाओं को नुकसान पहुंचाया गया, जबकि अब डिजिटल व्यवस्था से पारदर्शिता लाई जा रही है। उन्होंने राहुल गांधी पर तंज कसते हुए कहा कि काम के बदले अनाज जैसी योजनाओं ने ग्रामीणों की वास्तविक जरूरतों को नजरअंदाज किया।

सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने बताया कि इस योजना से गांवों में पलायन रुकेगा, कृषि कार्यों को मजदूर मिलेंगे और शहरों पर बढ़ता दबाव कम होगा। केंद्र सरकार द्वारा 60 प्रतिशत वित्तीय सहयोग से राज्यों की सहभागिता भी सुनिश्चित होगी। अंत में उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मंत्री शिवराज सिंह चौहान को इस युगांतरकारी विधेयक के लिए बधाई देते हुए कहा कि “जी राम जी” गांवों में समृद्धि, स्वाभिमान और अवसरों का नया सूर्योदय लेकर आएगा।