चिंतन शिविर 3.0 के दूसरे दिन योग से शुरुआत, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने दिया स्वस्थ जीवन का संदेश

रायपुर के आईआईएम नवा रायपुर में आयोजित चिंतन शिविर 3.0 के दूसरे दिन की शुरुआत योग सत्र से हुई। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने मंत्रिमंडल के सदस्यों के साथ योगाभ्यास कर स्वस्थ, संतुलित और अनुशासित जीवन का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि सुशासन और प्रभावी निर्णय क्षमता के लिए शारीरिक एवं मानसिक रूप से स्वस्थ रहना आवश्यक है।

Jul 5, 2026 - 10:42
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चिंतन शिविर 3.0 के दूसरे दिन योग से शुरुआत, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने दिया स्वस्थ जीवन का संदेश

UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l रायपुर स्थित भारतीय प्रबंधन संस्थान (आईआईएम) नवा रायपुर में आयोजित चिंतन शिविर 3.0 के दूसरे दिन की शुरुआत योगाभ्यास के साथ हुई। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने मंत्रिमंडल के सदस्यों के साथ विशेष योग सत्र में भाग लेकर स्वस्थ जीवनशैली, मानसिक संतुलन और अनुशासित दिनचर्या का संदेश दिया। स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में आयोजित इस सामूहिक योग सत्र में विभिन्न योगासन और प्राणायाम का अभ्यास किया गया।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि योग भारत की प्राचीन ज्ञान परंपरा की अमूल्य धरोहर है, जो व्यक्ति के शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक विकास का प्रभावी माध्यम है। उन्होंने कहा कि नियमित योगाभ्यास न केवल शरीर को स्वस्थ रखता है, बल्कि मन को शांत, एकाग्र और सकारात्मक बनाता है। यही कारण है कि आधुनिक जीवनशैली में भी योग की उपयोगिता लगातार बढ़ रही है।

मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से योग को अपनी दैनिक दिनचर्या का हिस्सा बनाने की अपील करते हुए कहा कि स्वस्थ समाज ही विकसित राज्य की सबसे बड़ी शक्ति होता है। उन्होंने कहा कि योग व्यक्ति को प्रकृति के साथ सामंजस्य स्थापित करने, तनाव कम करने और जीवन में संतुलन बनाए रखने की प्रेरणा देता है।

उन्होंने कहा कि सुशासन और प्रभावी निर्णय क्षमता के लिए जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों का शारीरिक एवं मानसिक रूप से स्वस्थ रहना अत्यंत आवश्यक है। इसी सोच के साथ चिंतन शिविर 3.0 के दूसरे दिन की शुरुआत योग से की गई, ताकि सकारात्मक ऊर्जा और एकाग्रता के साथ राज्य के विकास से जुड़े विषयों पर सार्थक विचार-विमर्श किया जा सके।

मुख्यमंत्री ने कहा कि योग केवल व्यायाम नहीं, बल्कि जीवन जीने की एक समग्र पद्धति है। नियमित योगाभ्यास से कार्यक्षमता बढ़ती है, निर्णय लेने की क्षमता मजबूत होती है और तनावपूर्ण परिस्थितियों में भी संतुलन बनाए रखने में सहायता मिलती है। उन्होंने कहा कि शासन-प्रशासन में बेहतर प्रदर्शन के लिए मानसिक स्पष्टता और शारीरिक स्वास्थ्य दोनों समान रूप से महत्वपूर्ण हैं।

योग सत्र में उपमुख्यमंत्री अरुण साव, वन मंत्री केदार कश्यप, कृषि मंत्री रामविचार नेताम, खाद्य मंत्री दयालदास बघेल, उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन, स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा, महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े, पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल, स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव सहित मंत्रिमंडल के सदस्य और आईआईएम रायपुर के अधिकारी भी उपस्थित रहे।

योगाभ्यास के बाद चिंतन शिविर के दूसरे दिन विभिन्न विषयों पर विशेषज्ञों के साथ सत्र आयोजित किए गए। सरकार का मानना है कि योग, अनुशासन और सकारात्मक सोच के साथ नीति निर्माण और प्रशासनिक निर्णय अधिक प्रभावी बनते हैं। चिंतन शिविर 3.0 के माध्यम से राज्य में सुशासन, नवाचार, तकनीक आधारित प्रशासन और जनहितकारी नीतियों को नई दिशा देने का प्रयास किया जा रहा है।