मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने पद्म विभूषण डॉ. तीजन बाई को दी श्रद्धांजलि, बताया सांस्कृतिक विरासत की अपूरणीय क्षति

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने एम्स रायपुर पहुंचकर पद्म विभूषण से सम्मानित विश्वविख्यात पंडवानी गायिका डॉ. तीजन बाई को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि डॉ. तीजन बाई का निधन छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति और सांस्कृतिक विरासत के लिए अपूरणीय क्षति है। इस दौरान स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल और विधायक पुरंदर मिश्रा सहित कई जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।

Jul 5, 2026 - 10:48
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मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने पद्म विभूषण डॉ. तीजन बाई को दी श्रद्धांजलि, बताया सांस्कृतिक विरासत की अपूरणीय क्षति

UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने रविवार को रायपुर स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) पहुंचकर पद्म विभूषण से सम्मानित विश्वविख्यात पंडवानी गायिका डॉ. तीजन बाई को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री ने उनके पार्थिव शरीर पर पुष्पचक्र अर्पित कर अंतिम नमन किया तथा शोक संतप्त परिजनों से मुलाकात कर अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि डॉ. तीजन बाई ने अपने अद्वितीय गायन, असाधारण प्रतिभा और आजीवन साधना के माध्यम से पंडवानी कला को राष्ट्रीय ही नहीं बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी विशिष्ट पहचान दिलाई। उन्होंने अपनी कला के माध्यम से छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोक परंपरा और सांस्कृतिक विरासत को विश्व मंच तक पहुंचाया। उनका योगदान आने वाली पीढ़ियों के लिए हमेशा प्रेरणास्रोत बना रहेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि डॉ. तीजन बाई का निधन केवल छत्तीसगढ़ ही नहीं बल्कि पूरे देश की लोक कला जगत के लिए बड़ी क्षति है। उन्होंने कहा कि लोक संस्कृति के संरक्षण और संवर्धन में उनका योगदान अतुलनीय रहा है। पंडवानी जैसी पारंपरिक लोकगायन शैली को उन्होंने अपनी विशिष्ट प्रस्तुति, प्रभावशाली अभिनय और सशक्त अभिव्यक्ति के माध्यम से नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया।

उन्होंने कहा कि डॉ. तीजन बाई ने कठिन परिस्थितियों में भी अपनी कला साधना को कभी नहीं छोड़ा और अपने समर्पण, संघर्ष तथा प्रतिभा के बल पर विश्वभर में सम्मान अर्जित किया। उनकी उपलब्धियां छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान का गौरवपूर्ण अध्याय हैं और प्रदेश के कलाकारों को सदैव प्रेरित करती रहेंगी।

मुख्यमंत्री ने ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति तथा शोक संतप्त परिवार को इस कठिन समय में संबल प्रदान करने की प्रार्थना की। उन्होंने कहा कि डॉ. तीजन बाई की स्मृतियां, उनकी कला और सांस्कृतिक विरासत सदैव जीवित रहेंगी तथा आने वाली पीढ़ियां उनसे प्रेरणा प्राप्त करती रहेंगी।

श्रद्धांजलि कार्यक्रम के दौरान स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, विधायक पुरंदर मिश्रा सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। सभी ने डॉ. तीजन बाई को श्रद्धासुमन अर्पित कर उनके कला योगदान को याद किया।

डॉ. तीजन बाई ने पंडवानी गायन को वैश्विक पहचान दिलाकर छत्तीसगढ़ का नाम विश्वभर में गौरवान्वित किया। उनके निधन से लोक कला जगत में एक ऐसा शून्य उत्पन्न हुआ है जिसकी भरपाई आसान नहीं होगी। छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक धरोहर को समृद्ध बनाने में उनके योगदान को सदैव सम्मान और आदर के साथ याद किया जाएगा।