16वें वित्त आयोग की कार्यशाला में शामिल हुए विजय शर्मा, छत्तीसगढ़ को ग्रामीण निकायों के लिए 11,664 करोड़ रुपये का अनुदान

नई दिल्ली में आयोजित 16वें वित्त आयोग की अनुशंसाओं पर राष्ट्रीय कार्यशाला में उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने भाग लिया। कार्यशाला में पंचायतों की वित्तीय स्वायत्तता, पारदर्शिता और ग्रामीण विकास पर चर्चा हुई। आयोग की अनुशंसाओं के अनुसार वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक छत्तीसगढ़ को ग्रामीण स्थानीय निकायों के लिए 11,664 करोड़ रुपये का अनुदान मिलेगा।

Jul 5, 2026 - 10:56
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16वें वित्त आयोग की कार्यशाला में शामिल हुए विजय शर्मा, छत्तीसगढ़ को ग्रामीण निकायों के लिए 11,664 करोड़ रुपये का अनुदान

UNITED NEWS OF ASIA. नई दिल्ली में आयोजित 16वें वित्त आयोग की अनुशंसाओं पर राष्ट्रीय कार्यशाला में छत्तीसगढ़ के उप मुख्यमंत्री एवं पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री विजय शर्मा ने भाग लिया। कार्यशाला में देश के विभिन्न राज्यों के पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्रियों, वरिष्ठ अधिकारियों और नीति-निर्माताओं ने हिस्सा लेकर ग्रामीण स्थानीय निकायों के वित्तीय सशक्तिकरण और विकास से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर विचार-विमर्श किया।

कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य पंचायतों की वित्तीय क्षमता को मजबूत बनाना, स्थानीय निकायों की वित्तीय स्वायत्तता बढ़ाना तथा 16वें वित्त आयोग की अनुशंसाओं के प्रभावी क्रियान्वयन की दिशा तय करना था। इस दौरान ग्रामीण क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं के विस्तार, पारदर्शिता, जवाबदेही और प्रदर्शन आधारित अनुदान व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने पर भी विस्तार से चर्चा की गई।

विजय शर्मा ने कार्यशाला के विभिन्न तकनीकी सत्रों में सक्रिय सहभागिता करते हुए पंचायत एवं ग्रामीण विकास से जुड़े विभिन्न विषयों पर विशेषज्ञों की प्रस्तुतियों और सुझावों का अवलोकन किया। उन्होंने स्थानीय निकायों को अधिक सक्षम और आत्मनिर्भर बनाने के लिए वित्तीय संसाधनों के प्रभावी उपयोग पर भी विशेष ध्यान दिया।

कार्यशाला के दौरान 16वें वित्त आयोग द्वारा ग्रामीण स्थानीय निकायों के लिए प्रस्तावित अनुदान की जानकारी भी साझा की गई। आयोग की अनुशंसाओं के अनुसार वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2030-31 की अवधि में छत्तीसगढ़ को कुल 11,664 करोड़ रुपये का अनुदान प्राप्त होगा। इसमें 9,331 करोड़ रुपये बेसिक ग्रांट तथा 2,333 करोड़ रुपये परफॉर्मेंस ग्रांट के रूप में दिए जाएंगे। साथ ही ग्रामीण स्थानीय निकायों के लिए अंतर-राज्यीय अनुदान वितरण में छत्तीसगढ़ की हिस्सेदारी 2.68 प्रतिशत निर्धारित की गई है।

वर्षवार प्रस्तावित आवंटन के अनुसार वर्ष 2026-27 में राज्य को 1,498 करोड़ रुपये की बेसिक ग्रांट मिलेगी। वर्ष 2027-28 में 1,663 करोड़ रुपये बेसिक ग्रांट और 248 करोड़ रुपये परफॉर्मेंस ग्रांट, वर्ष 2028-29 में 1,846 करोड़ रुपये बेसिक ग्रांट तथा 624 करोड़ रुपये परफॉर्मेंस ग्रांट, वर्ष 2029-30 में 2,049 करोड़ रुपये बेसिक ग्रांट और 693 करोड़ रुपये परफॉर्मेंस ग्रांट तथा वर्ष 2030-31 में 2,275 करोड़ रुपये बेसिक ग्रांट एवं 768 करोड़ रुपये परफॉर्मेंस ग्रांट का प्रावधान किया गया है।

यह अनुदान ग्राम पंचायतों और अन्य ग्रामीण स्थानीय निकायों के माध्यम से आधारभूत अधोसंरचना के विकास, पेयजल, स्वच्छता, सड़क, सामुदायिक सुविधाओं और अन्य जनहितकारी कार्यों को गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में सेवा वितरण की गुणवत्ता सुधारने, स्थानीय निकायों की जवाबदेही बढ़ाने और विकास योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को भी मजबूती मिलेगी।

कार्यशाला में यह भी रेखांकित किया गया कि वित्तीय संसाधनों के बेहतर प्रबंधन, पारदर्शी कार्यप्रणाली और प्रदर्शन आधारित अनुदान व्यवस्था से पंचायतों को अधिक सशक्त बनाया जा सकता है। इससे ग्रामीण विकास को नई गति मिलने के साथ स्थानीय स्तर पर जनसुविधाओं का विस्तार और सुशासन को भी मजबूती मिलेगी।