रोबोटिक जॉइंट रिप्लेसमेंट पर स्वास्थ्य कार्यशाला आयोजित, आधुनिक तकनीक से दर्दमुक्त जीवन का दिया संदेश

छत्तीसगढ़ चेम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज द्वारा रायपुर में रोबोटिक जॉइंट रिप्लेसमेंट विषय पर स्वास्थ्य जागरूकता कार्यशाला आयोजित की गई। रामकृष्ण केयर हॉस्पिटल्स के विशेषज्ञों ने आधुनिक तकनीक, सटीक सर्जरी और त्वरित रिकवरी के बारे में जानकारी दी। चेम्बर अध्यक्ष सतीश थौरानी ने स्वास्थ्य जागरूकता को व्यापारिक उन्नति का महत्वपूर्ण आधार बताया।

Jul 5, 2026 - 11:00
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रोबोटिक जॉइंट रिप्लेसमेंट पर स्वास्थ्य कार्यशाला आयोजित, आधुनिक तकनीक से दर्दमुक्त जीवन का दिया संदेश

UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l रायपुर में छत्तीसगढ़ चेम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के तत्वावधान में "रोबोटिक जॉइंट रिप्लेसमेंट" विषय पर स्वास्थ्य जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया। वीआईपी चौक स्थित होटल बेबीलॉन कैपिटल में आयोजित इस संगोष्ठी का उद्देश्य लोगों को घुटनों और जोड़ों से जुड़ी गंभीर समस्याओं के आधुनिक उपचार तथा रोबोटिक तकनीक की उपयोगिता के बारे में जागरूक करना था।

कार्यक्रम में रामकृष्ण केयर हॉस्पिटल्स के ऑर्थोपेडिक्स, जॉइंट रिप्लेसमेंट एवं स्पोर्ट्स इंजरी विभाग के प्रमुख डॉ. पंकज धाबलिया ने मुख्य वक्ता के रूप में संबोधित किया। उन्होंने कहा कि आर्थोपेडिक सर्जरी का उद्देश्य केवल हड्डियों का उपचार करना नहीं, बल्कि मरीज के जीवन की सामान्य गतिशीलता और आत्मविश्वास को वापस लौटाना भी है। उन्होंने बताया कि आधुनिक जीवनशैली, शारीरिक गतिविधियों में कमी और असंतुलित खानपान के कारण कम उम्र में ही हड्डियों और जोड़ों से जुड़ी समस्याएं बढ़ रही हैं। उन्होंने नियमित व्यायाम, संतुलित आहार और सक्रिय जीवनशैली अपनाने की सलाह दी।

चेम्बर प्रदेश अध्यक्ष सतीश थौरानी ने कहा कि व्यापारी वर्ग अत्यधिक व्यस्तता और तनाव के कारण अक्सर अपने स्वास्थ्य की अनदेखी करता है। उन्होंने कहा कि शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ व्यक्ति ही अपने व्यवसाय और सामाजिक दायित्वों का बेहतर निर्वहन कर सकता है। उन्होंने छत्तीसगढ़ में रोबोटिक तकनीक जैसी आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं की उपलब्धता को राज्य के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि बताते हुए कहा कि ऐसी तकनीकों की सही जानकारी समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचनी चाहिए।

कार्यक्रम में डॉ. प्रतीक धाबलिया ने रोबोटिक जॉइंट रिप्लेसमेंट तकनीक का विस्तृत प्रदर्शन किया। उन्होंने बताया कि इस तकनीक में अत्याधुनिक रोबोटिक सिस्टम और रियल-टाइम थ्री-डी विजुअलाइजेशन की सहायता से कृत्रिम जोड़ को अत्यंत सटीक तरीके से लगाया जाता है। इससे सर्जरी अधिक सुरक्षित होती है, मानवीय त्रुटि की संभावना कम होती है, रक्तस्राव कम होता है और मांसपेशियों को न्यूनतम क्षति पहुंचती है।

उन्होंने बताया कि पारंपरिक जॉइंट रिप्लेसमेंट की तुलना में रोबोटिक तकनीक से मरीज तेजी से स्वस्थ होता है। अधिकांश मरीज सर्जरी के कुछ घंटों के भीतर चलने-फिरने लगते हैं और अस्पताल में भी कम समय तक भर्ती रहना पड़ता है। इसके अलावा कृत्रिम जोड़ की कार्यक्षमता और उसकी आयु भी अधिक होती है।

कार्यशाला में उपस्थित वरिष्ठ पदाधिकारियों ने कहा कि इस प्रकार के स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम समाज में फैली भ्रांतियों को दूर करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि पहले लोग घुटनों के ऑपरेशन से डरते थे, लेकिन आधुनिक रोबोटिक तकनीक ने सुरक्षित और दर्दमुक्त उपचार का नया विकल्प उपलब्ध कराया है। कार्यक्रम के अंत में संवाद सत्र आयोजित किया गया, जिसमें उपस्थित लोगों ने विशेषज्ञों से अपनी स्वास्थ्य संबंधी जिज्ञासाओं का समाधान प्राप्त किया। बड़ी संख्या में व्यापारी, सामाजिक प्रतिनिधि और गणमान्य नागरिक कार्यशाला में उपस्थित रहे।