पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती पर ओपी चौधरी ने किया श्रद्धापूर्वक नमन
पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती के अवसर पर वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने नवा रायपुर स्थित उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धापूर्वक नमन किया। उन्होंने अंत्योदय और एकात्म मानव दर्शन के विचारों को राष्ट्र निर्माण के लिए प्रेरणादायी बताते हुए पंडित दीनदयाल उपाध्याय के योगदान को याद किया।
UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती के अवसर पर वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने नवा रायपुर स्थित उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धापूर्वक नमन किया। इस अवसर पर मंत्री गुरु खुशवंत साहेब सहित अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान पंडित दीनदयाल उपाध्याय के राष्ट्र निर्माण में योगदान और उनके विचारों को याद किया गया।
ओपी चौधरी ने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय ने समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति के उत्थान को केंद्र में रखते हुए अंत्योदय की अवधारणा को सामने रखा। उनके अनुसार विकास का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचना चाहिए। उन्होंने कहा कि अंत्योदय का यह विचार आज भी सामाजिक और आर्थिक विकास के संदर्भ में प्रासंगिक और प्रेरणादायी है।
एकात्म मानव दर्शन के विचारों को किया याद
वित्त मंत्री ने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय ने एकात्म मानव दर्शन के माध्यम से समाज और राष्ट्र के समग्र विकास की अवधारणा प्रस्तुत की। उनका चिंतन व्यक्ति, समाज और राष्ट्र के बीच समन्वय पर आधारित था। उन्होंने समाज के प्रत्येक वर्ग को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने तथा अंतिम व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंचाने की आवश्यकता पर जोर दिया।
ओपी चौधरी ने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय का जीवन और उनका चिंतन राष्ट्र निर्माण के लिए महत्वपूर्ण रहा है। उनके विचारों में समाज के वंचित और जरूरतमंद वर्गों के उत्थान को विशेष महत्व दिया गया। उन्होंने कहा कि उनके द्वारा प्रस्तुत अंत्योदय की अवधारणा समाज के अंतिम व्यक्ति तक अवसर और विकास पहुंचाने की प्रेरणा देती है।
नवा रायपुर में प्रतिमा पर किया माल्यार्पण
जयंती के अवसर पर नवा रायपुर में आयोजित कार्यक्रम में ओपी चौधरी ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। इस दौरान उपस्थित लोगों ने भी उनके योगदान को स्मरण किया।
ओपी चौधरी ने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय के विचारों में समाज के सभी वर्गों के समावेश और राष्ट्र के समग्र विकास की भावना दिखाई देती है। उनका चिंतन नई पीढ़ी के लिए भी सामाजिक दायित्व और राष्ट्र निर्माण की दिशा में प्रेरणा देने वाला है।
उन्होंने कहा कि अंत्योदय जैसे विचार समाज के अंतिम व्यक्ति को विकास की प्रक्रिया से जोड़ने की दिशा दिखाते हैं। पंडित दीनदयाल उपाध्याय के विचार और आदर्श राष्ट्र के लिए निरंतर प्रेरणा का स्रोत बने रहेंगे।
कार्यक्रम में मंत्री गुरु खुशवंत साहेब सहित अन्य गणमान्य नागरिक मौजूद रहे। इस अवसर पर पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती पर उनके सामाजिक चिंतन, राष्ट्र निर्माण में योगदान और अंत्योदय के विचारों को स्मरण किया गया।