UNITED NEWS OF ASIA. महेंद्र अग्रवाल, रायगढ़ l 9 सितंबर 2026। जिले में जल जीवन मिशन के कार्यों को गति देने और हर घर तक नल के माध्यम से जल पहुंचाने के लक्ष्य को समय-सीमा में पूरा करने के लिए कलेक्टर एवं जिला जल एवं स्वच्छता मिशन के अध्यक्ष मयंक चतुर्वेदी ने विभागीय अधिकारियों की समीक्षा बैठक ली। कलेक्टोरेट सभाकक्ष में आयोजित बैठक में जल जीवन मिशन के तहत संचालित विभिन्न योजनाओं की प्रगति, लंबित कार्यों और निर्धारित लक्ष्यों की विस्तार से समीक्षा की गई। कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्माण कार्यों में तेजी लाने के साथ-साथ गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए।
बैठक के दौरान समूह नल-जल योजनाओं के लंबित कार्यों की भी समीक्षा की गई। कलेक्टर ने कहा कि जल जीवन मिशन शासन की महत्वपूर्ण योजना है, जिसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों के प्रत्येक परिवार तक नियमित और सुरक्षित पेयजल पहुंचाना है। ऐसे में योजनाओं के क्रियान्वयन में अनावश्यक देरी स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने लंबे समय से काम बंद रखकर योजनाओं की प्रगति प्रभावित करने वाले ठेकेदारों के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। इसी क्रम में मेसर्स प्रीति कंस्ट्रक्शन, बिलासपुर और मेसर्स जीतेश्वर साहू, बरमकेला के विरुद्ध संबंधित एसडीएम के माध्यम से नोटिस जारी करने को कहा गया।
कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जल जीवन मिशन के सभी कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग की जाए और जिन स्थानों पर कार्य की गति अपेक्षा के अनुरूप नहीं है, वहां जिम्मेदारी तय करते हुए आवश्यक प्रशासनिक कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि योजनाओं को निर्धारित समय-सीमा में पूरा करने के साथ निर्माण कार्यों की गुणवत्ता से किसी प्रकार का समझौता नहीं होना चाहिए। मैदानी स्तर पर अधिकारियों की सक्रिय निगरानी से योजनाओं की वास्तविक स्थिति का लगातार आकलन करने और आवश्यकता के अनुसार सुधारात्मक कदम उठाने पर भी जोर दिया गया।
बैठक में रायगढ़ जिले को हर घर जल जिला बनाने के लिए तैयार की जा रही कार्ययोजना पर भी विस्तार से चर्चा हुई। अधिकारियों ने जल जीवन मिशन 2.0 के अंतर्गत स्वीकृत कार्यों की अद्यतन प्रगति और मैदानी स्तर पर योजनाओं की वास्तविक स्थिति की जानकारी प्रस्तुत की। कलेक्टर ने शेष कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा कराने और कार्ययोजना के अनुसार लगातार समीक्षा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि हर घर जल के लक्ष्य को हासिल करने के लिए संबंधित विभागों और कार्य एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय जरूरी है।
समीक्षा बैठक में अक्टूबर 2026 तक जिले में 378 योजनाओं को पूर्ण करने के लक्ष्य पर भी चर्चा की गई। कलेक्टर ने अधिकारियों को लक्ष्य के अनुरूप स्पष्ट कार्ययोजना तैयार कर योजनाओं की निरंतर मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए। उन्होंने निर्माण कार्यों की गुणवत्ता, समय-सीमा और मैदानी प्रगति पर विशेष ध्यान देने को कहा। बैठक में एसएनए स्पर्श के माध्यम से भुगतान प्रक्रिया, जल जीवन मिशन के अंतर्गत खंड कार्यालयों में उपलब्ध देयकों और उनके भुगतान की स्थिति की भी समीक्षा की गई।
इसके अलावा सेवा संकल्प अभियान, जल अर्पण दिवस के आयोजन तथा एसवीएस योजनाओं के भुगतान के लिए निर्धारित पेमेंट प्रोटोकॉल पर भी अधिकारियों के साथ चर्चा की गई। कलेक्टर ने संबंधित विभागीय अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ काम करते हुए निर्धारित लक्ष्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने शासन द्वारा निर्धारित मानकों और प्रक्रियाओं का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी अभिजीत बबन पठारे, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग की कार्यपालन अभियंता प्रतिभा नवरतन, सहायक अभियंता, उप अभियंता सहित जिला जल एवं स्वच्छता मिशन के अन्य सदस्य उपस्थित रहे। बैठक के माध्यम से जिले में जल जीवन मिशन के लंबित कार्यों को गति देने, ठेकेदारों की जिम्मेदारी तय करने और निर्धारित समय-सीमा में योजनाओं को पूरा करने पर प्रशासन का फोकस स्पष्ट किया गया।