‘हम अलग…’, दीपके ने तसलीमा नसरीन की टिप्पणी पर दिया जवाब, बोले- ‘आंदोलन को बदनाम करने की साजिश’

जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शन को लेकर तसलीमा नसरीन की टिप्पणी के बाद CJP संस्थापक अभिजीत दीपके ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि उनका आंदोलन पूरी तरह संवैधानिक है और इसकी तुलना बांग्लादेश के छात्र आंदोलन से नहीं की जा सकती। साथ ही उन्होंने आंदोलन को बदनाम करने की साजिश का आरोप लगाया। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

Aug 3, 2026 - 15:58
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‘हम अलग…’, दीपके ने तसलीमा नसरीन की टिप्पणी पर दिया जवाब, बोले- ‘आंदोलन को बदनाम करने की साजिश’

UNITED NEWS OF ASIA. नई दिल्ली। जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) द्वारा आयोजित प्रदर्शन को लेकर विवाद लगातार गहराता जा रहा है। बांग्लादेशी लेखिका तसलीमा नसरीन द्वारा इस आंदोलन की तुलना बांग्लादेश के छात्र आंदोलन से किए जाने के बाद CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि उनके संगठन के आंदोलन को बदनाम करने के लिए सुनियोजित प्रयास किए जा रहे हैं और इसकी तुलना किसी दूसरे देश के घटनाक्रम से करना उचित नहीं है।

सोमवार को मीडिया से बातचीत के दौरान अभिजीत दीपके ने कहा कि CJP का आंदोलन पूरी तरह भारतीय संविधान के दायरे में संचालित हो रहा है। उन्होंने कहा कि संगठन लोकतांत्रिक तरीके से अपनी मांगों को उठा रहा है और उसका उद्देश्य छात्रों की आवाज को मजबूत करना है। उनके अनुसार, बांग्लादेश या नेपाल के आंदोलनों से इसकी तुलना करना तथ्यात्मक रूप से गलत है।

दीपके ने कहा कि अब संगठन की जिम्मेदारी पहले से अधिक बढ़ गई है और CJP देशभर में प्रदर्शन कर रहे छात्रों का नेतृत्व करने की दिशा में काम करेगा। उन्होंने यह भी कहा कि आने वाले समय में संगठन का विस्तार किया जाएगा ताकि विभिन्न राज्यों में छात्रों और युवाओं के मुद्दों को प्रभावी ढंग से उठाया जा सके।

प्रेस वार्ता के दौरान अभिजीत दीपके ने दिल्ली पुलिस पर भी गंभीर आरोप लगाए। उनका दावा था कि जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन को बदनाम करने के लिए बाहरी लोगों का इस्तेमाल किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदर्शन स्थल पर पहले से पत्थरों से भरा एक ट्रक और एक क्षतिग्रस्त वैन मौजूद थी, जो कथित रूप से पहले से बनाई गई योजना का हिस्सा थे। हालांकि, इन आरोपों की किसी स्वतंत्र एजेंसी या आधिकारिक जांच से पुष्टि नहीं हुई है।

दीपके ने NEET पेपर लीक मामले का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इस प्रकरण से प्रभावित और आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को अब तक एक करोड़ रुपये के मुआवजे की मांग पूरी नहीं हुई है। उन्होंने सरकार से ऐसे सभी प्रभावित परिवारों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की मांग दोहराई।

विवाद की शुरुआत तब हुई जब तसलीमा नसरीन ने CJP के प्रदर्शन की तुलना बांग्लादेश के छात्र आंदोलन से की। उन्होंने कहा कि बांग्लादेश में भी शुरुआत में आंदोलन छात्रों की मांगों तक सीमित दिखाई देता था, लेकिन बाद में परिस्थितियां बदल गईं। उन्होंने इस तरह के आंदोलनों को लेकर चिंता व्यक्त की और कहा कि ऐसी स्थिति से बचना जरूरी है।

तसलीमा नसरीन की टिप्पणी और अभिजीत दीपके के जवाब के बाद इस मुद्दे पर राजनीतिक और सामाजिक बहस तेज हो गई है। एक ओर CJP अपने आंदोलन को लोकतांत्रिक और संवैधानिक बता रही है, वहीं दूसरी ओर इस पूरे घटनाक्रम को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। फिलहाल मामले को लेकर आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है और संबंधित दावों की आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है।