सुकमा में आयोजित प्रेसवार्ता के दौरान हरीश कवासी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन को लेकर कांग्रेस के प्रस्तावित कार्यक्रम की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की ओर से इस दिन बेरोजगारी दिवस, महंगाई दिवस, वनाधिकार दिवस और किसान धोखा दिवस के रूप में अपनी बात जनता तक पहुंचाने का अभियान चलाया जाएगा। यह कांग्रेस का राजनीतिक कार्यक्रम है, जिसके माध्यम से पार्टी केंद्र सरकार के कामकाज और विभिन्न नीतियों को लेकर अपने सवाल जनता के सामने रखने की तैयारी में है।
प्रेसवार्ता में बेरोजगारी और महंगाई को प्रमुख मुद्दों के तौर पर उठाया गया। हरीश कवासी ने रोजगार के अवसरों, बढ़ती कीमतों और आम लोगों पर पड़ने वाले आर्थिक प्रभाव को लेकर केंद्र सरकार से जवाब मांगे। कांग्रेस की ओर से छत्तीसगढ़ समेत प्रदेश के अलग-अलग जिलों में पत्रकार वार्ताओं के माध्यम से इन मुद्दों को उठाने की घोषणा पहले ही की गई थी।
कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने किसानों की आय और कृषि से जुड़े विषयों को भी प्रेसवार्ता में उठाया। इसके अलावा पेट्रोल और डीजल की कीमतों, नोटबंदी, जीएसटी और अग्निवीर योजना को लेकर भी केंद्र सरकार से सवाल किए गए। कांग्रेस का कहना है कि इन मुद्दों पर सरकार को जनता के सामने अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। इन दावों और सवालों को कांग्रेस के राजनीतिक पक्ष के रूप में देखा जाना चाहिए।
सुकमा की प्रेसवार्ता में 43 सवालों के जरिए केंद्र सरकार से जवाब मांगने की बात कही गई। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, छत्तीसगढ़ में कांग्रेस ने प्रधानमंत्री के जन्मदिन के अवसर पर महंगाई, बेरोजगारी, रोजगार और आर्थिक मुद्दों को लेकर अपनी बात रखने की रणनीति बनाई है। वहीं भाजपा की ओर से प्रधानमंत्री के जन्मदिन और जनसेवा के 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर ‘सेवा संकल्प अभियान’ शुरू किया गया है, जो 17 सितंबर से एक महीने तक चलने वाला है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर सुकमा में कांग्रेस की प्रेसवार्ता के बाद स्थानीय स्तर पर राजनीतिक गतिविधियां तेज होती दिखाई दे रही हैं। कांग्रेस ने जहां केंद्र सरकार की नीतियों से जुड़े सवालों को जनता के बीच रखने की बात कही है, वहीं भाजपा अपने सेवा संकल्प कार्यक्रमों के जरिए विभिन्न गतिविधियां कर रही है। दोनों दलों के अलग-अलग कार्यक्रमों के बीच सुकमा में राजनीतिक मुद्दों को लेकर बयानबाजी का दौर जारी है।