इस नव निर्मित चौपाटी की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यहां 60 फुटपाथ विक्रेताओं को व्यवस्थित रूप से स्थान प्रदान किया गया है। इससे न केवल उन्हें स्थायी रोजगार मिला है, बल्कि उन्हें सुरक्षित और सम्मानजनक व्यापारिक वातावरण भी प्राप्त हुआ है।
नगरपालिका अध्यक्ष चंद्रप्रकाश चंद्रवंशी ने बताया कि यह पहल कवर्धा विधायक एवं छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा की मंशा के अनुरूप की गई है। उनका मुख्य उद्देश्य छोटे व्यापारियों और फुटपाथ विक्रेताओं को स्थायी व्यवसायिक स्थान उपलब्ध कराना है, ताकि वे बिना किसी डर या असुविधा के अपना काम कर सकें।
इस पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए नगर पालिका द्वारा लॉटरी प्रणाली अपनाई गई, जिससे सभी पात्र विक्रेताओं को निष्पक्ष रूप से स्थान आवंटित किया गया। इस कदम से न केवल पारदर्शिता सुनिश्चित हुई, बल्कि विक्रेताओं के बीच विश्वास भी बढ़ा।
चौपाटी में स्वच्छता, पेयजल, प्रकाश व्यवस्था और बैठने की सुविधा जैसी कई आवश्यक व्यवस्थाएं की गई हैं। इससे व्यापारियों को बेहतर कार्य वातावरण मिला है और आम नागरिकों को भी यहां आने में सुविधा हो रही है।
इस पहल से शहर की अव्यवस्थित फुटपाथ व्यापार व्यवस्था को भी एक नई दिशा मिली है। पहले जहां सड़क किनारे बेतरतीब तरीके से दुकानें लगने के कारण यातायात प्रभावित होता था, वहीं अब सभी विक्रेता एक ही स्थान पर व्यवस्थित रूप से अपना व्यवसाय कर रहे हैं। इससे शहर की सुंदरता और ट्रैफिक व्यवस्था दोनों में सुधार देखने को मिल रहा है।
चौपाटी को एक फूड हब के रूप में भी विकसित किया गया है। यहां लोगों को एक ही स्थान पर विभिन्न प्रकार के स्वादिष्ट व्यंजन मिल रहे हैं, जिससे यह जगह शहरवासियों के लिए एक नया आकर्षण केंद्र बन गई है। परिवार और मित्रों के साथ समय बिताने के लिए यह स्थान अब पसंदीदा बनता जा रहा है।
फुटपाथ विक्रेताओं ने भी इस पहल की सराहना करते हुए इसे अपने जीवन में सकारात्मक बदलाव बताया है। उनका कहना है कि अब उन्हें स्थायी जगह मिलने से उनकी आय में वृद्धि होगी और भविष्य को लेकर उनका आत्मविश्वास भी बढ़ा है।
कुल मिलाकर, यह चौपाटी न केवल रोजगार सृजन का माध्यम बनी है, बल्कि शहर के विकास और सौंदर्यीकरण की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो रही है।