पिपरिया में एचपीवी टीकाकरण अभियान की शुरुआत, किशोरियों को सर्वाइकल कैंसर से बचाने की पहल

जिला कबीरधाम के पिपरिया सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में एचपीवी टीकाकरण अभियान की शुरुआत की गई है। इस अभियान का उद्देश्य 14 से 15 वर्ष की किशोरियों को सर्वाइकल कैंसर से सुरक्षा प्रदान करना है। पहले दिन 5 बालिकाओं का टीकाकरण किया गया।

Apr 7, 2026 - 12:01
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पिपरिया में एचपीवी टीकाकरण अभियान की शुरुआत, किशोरियों को सर्वाइकल कैंसर से बचाने की पहल

UNITED NEWS OF ASIA. सौरभ नामदेव, कवर्धा। जिला कबीरधाम के अंतर्गत पिपरिया स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में 06 अप्रैल 2026 से एचपीवी (ह्यूमन पैपिलोमा वायरस) टीकाकरण अभियान का शुभारंभ किया गया। यह अभियान विशेष रूप से किशोरी बालिकाओं को ध्यान में रखकर शुरू किया गया है, जिसका मुख्य उद्देश्य उन्हें सर्वाइकल कैंसर जैसी गंभीर और जानलेवा बीमारी से सुरक्षित करना है।

स्वास्थ्य विभाग की इस महत्वपूर्ण पहल के तहत 14 से 15 वर्ष आयु वर्ग की बालिकाओं को एचपीवी का टीका लगाया जा रहा है। अभियान के पहले दिन कुल 5 बालिकाओं का सफलतापूर्वक टीकाकरण किया गया। टीकाकरण के बाद सभी लाभार्थियों का डेटा यूवीन (UWIN) पोर्टल में दर्ज किया गया, जिससे भविष्य में उनकी स्वास्थ्य निगरानी और रिकॉर्ड प्रबंधन सुगम हो सके।

इस अवसर पर खंड चिकित्सा अधिकारी (BMO) डॉ. विनोद चंद्रवंशी ने टीकाकृत बालिकाओं को प्रमाण पत्र वितरित किए। उन्होंने उपस्थित अभिभावकों और स्थानीय नागरिकों को संबोधित करते हुए एचपीवी टीके के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह टीका किशोरियों को सर्वाइकल कैंसर से बचाने में अत्यंत प्रभावी है और समय पर टीकाकरण कराने से भविष्य में गंभीर स्वास्थ्य जोखिमों को टाला जा सकता है।

डॉ. चंद्रवंशी ने यह भी कहा कि समाज में अभी भी कई लोग इस टीके के प्रति जागरूक नहीं हैं, इसलिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा जागरूकता अभियान भी चलाया जा रहा है। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे अपनी बेटियों को इस टीकाकरण अभियान का लाभ दिलाएं और उनके स्वास्थ्य को प्राथमिकता दें।

स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार यह टीकाकरण अभियान जिला चिकित्सालयों और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में नियमित रूप से संचालित किया जा रहा है। टीकाकरण का समय प्रातः 10 बजे से शाम 4 बजे तक निर्धारित किया गया है, जबकि रविवार एवं अन्य अवकाश दिवसों पर यह सेवा उपलब्ध नहीं रहेगी।

टीकाकरण के लिए पात्र बालिकाओं को अपने अभिभावकों के साथ स्वास्थ्य केंद्र पहुंचना आवश्यक है। साथ ही उन्हें आधार कार्ड या जन्म प्रमाण पत्र साथ लाना होगा ताकि उनकी आयु का सत्यापन किया जा सके। स्वास्थ्य विभाग ने यह भी सलाह दी है कि बालिकाएं टीकाकरण से पहले भोजन अवश्य कर लें, ताकि उन्हें किसी प्रकार की असुविधा न हो।

यह अभियान न केवल एक स्वास्थ्य सेवा है, बल्कि समाज में महिलाओं के स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने का एक महत्वपूर्ण कदम भी है। सर्वाइकल कैंसर महिलाओं में होने वाले प्रमुख कैंसरों में से एक है, जिसे समय रहते टीकाकरण के माध्यम से रोका जा सकता है।

स्वास्थ्य विभाग ने सभी अभिभावकों से अपील की है कि वे इस पहल को गंभीरता से लें और अधिक से अधिक बालिकाओं को टीकाकरण के लिए प्रेरित करें। यह अभियान आने वाले समय में महिला स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।