रामानुजगंज पशु चिकित्सा विभाग पर कमीशनखोरी का आरोप, सहायक चिकित्सा अधिकारी का ऑडियो वायरल

रामानुजगंज में पशु चिकित्सा विभाग पर गंभीर भ्रष्टाचार के आरोप लगे हैं। सहायक चिकित्सा अधिकारी बृजभूषण गुप्ता का कथित ऑडियो वायरल हुआ है, जिसमें वे गौ सेवक से 15% कमीशन की मांग करते सुनाई दे रहे हैं। मामले के सामने आने के बाद विभाग में हड़कंप मच गया है।

Apr 2, 2026 - 11:43
Apr 2, 2026 - 11:47
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रामानुजगंज पशु चिकित्सा विभाग पर कमीशनखोरी का आरोप, सहायक चिकित्सा अधिकारी का ऑडियो वायरल

UNITED NEWS OF ASIA.अली खान, बलरामपुर। रामानुजगंज में पशु चिकित्सा विभाग एक बार फिर विवादों में आ गया है। विभाग पर कमीशनखोरी के गंभीर आरोप लगे हैं, जिसके बाद पूरे क्षेत्र में चर्चा का माहौल बन गया है। मामला तब सामने आया जब विभाग के ही एक कर्मचारी द्वारा सहायक चिकित्सा अधिकारी का कथित ऑडियो वायरल किया गया।

वायरल ऑडियो में बृजभूषण गुप्ता एक गौ सेवक से भुगतान के बदले 15 प्रतिशत कमीशन की मांग करते हुए कथित तौर पर सुनाई दे रहे हैं। आरोप है कि विभाग द्वारा गौ सेवकों के खातों में फर्जी तरीके से राशि डाली जाती है और बाद में उनसे कमीशन के रूप में पैसे वापस मांगे जाते हैं। इस पूरे मामले ने विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

सूत्रों के अनुसार, यह ऑडियो विभाग के अंदरूनी व्यक्ति द्वारा ही वायरल किया गया है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि मामला केवल बाहरी आरोपों तक सीमित नहीं है, बल्कि विभाग के भीतर भी असंतोष की स्थिति बनी हुई है। ऑडियो वायरल होने के बाद से प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है और मामले की जांच की मांग तेज हो गई है।

स्थानीय लोगों और गौ सेवकों का कहना है कि यदि यह आरोप सही साबित होते हैं, तो यह न केवल भ्रष्टाचार का मामला है, बल्कि उन लोगों के साथ अन्याय भी है जो पशुओं की सेवा के लिए कार्य कर रहे हैं। उनका कहना है कि इस तरह की गतिविधियों से सरकारी योजनाओं की पारदर्शिता और विश्वसनीयता पर असर पड़ता है।

हालांकि, इस मामले में अब तक संबंधित अधिकारी की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। वहीं, जिला प्रशासन भी मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच की तैयारी में जुट गया है। संभावना जताई जा रही है कि जल्द ही इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि सरकारी विभागों में इस तरह की अनियमितताएं सामने आती हैं, तो इससे आम जनता का भरोसा कमजोर होता है। इसलिए जरूरी है कि इस मामले की पारदर्शी और निष्पक्ष जांच हो, ताकि सच्चाई सामने आ सके और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

फिलहाल, रामानुजगंज में यह मामला चर्चा का केंद्र बना हुआ है और लोग प्रशासन की कार्रवाई का इंतजार कर रहे हैं। अब देखना होगा कि जांच के बाद इस मामले में क्या सच्चाई सामने आती है और जिम्मेदार लोगों पर क्या कार्रवाई की जाती है।