इस नई सुविधा के शुरू होने से अब छत्तीसगढ़ सहित आसपास के राज्यों के मरीजों को फेफड़ों की गंभीर बीमारियों और लंग फेल्योर के इलाज के लिए बड़े महानगरों का रुख नहीं करना पड़ेगा। इससे मरीजों के समय और खर्च दोनों की बचत होगी, साथ ही मानसिक तनाव भी कम होगा। यह सुविधा विशेष रूप से उन मरीजों के लिए राहत लेकर आई है, जिन्हें अब तक इलाज के लिए दिल्ली, मुंबई या चेन्नई जाना पड़ता था।
अस्पताल की यह उपलब्धि इसलिए भी खास है क्योंकि श्री वेंकटेश हॉस्पिटल पहले ही 1500 से अधिक सफल हृदय सर्जरी कर चुका है, जिनमें से लगभग 90 प्रतिशत सर्जरी अत्याधुनिक मिनिमली इनवेसिव तकनीक (MICS) के माध्यम से की गई हैं। इससे अस्पताल की विशेषज्ञता और भरोसेमंद सेवाओं का प्रमाण मिलता है।
उद्घाटन समारोह में MGM हेल्थकेयर, चेन्नई के प्रसिद्ध विशेषज्ञ डॉ. सौमित्र सिन्हा रॉय और डॉ. मुरली कृष्णा विशेष रूप से उपस्थित रहे। इस दौरान डॉ. रॉय ने कहा कि उनका उद्देश्य उन्नत ट्रांसप्लांट सेवाओं को केवल मेट्रो शहरों तक सीमित न रखकर रायपुर जैसे शहरों तक पहुंचाना है। उन्होंने यह भी बताया कि छत्तीसगढ़ की चिकित्सा टीम को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुसार ECMO सपोर्ट और लंग ट्रांसप्लांट की विशेष ट्रेनिंग दी जाएगी।
वहीं, श्री वेंकटेश हॉस्पिटल के डायरेक्टर एवं पल्मोनोलॉजिस्ट डॉ. आर. के. पंडा ने कहा कि ILD क्लिनिक और लंग ट्रांसप्लांट OPD की शुरुआत उनके लंबे समय से देखे गए सपने का साकार रूप है। उन्होंने विश्वास जताया कि अब प्रदेश के मरीजों को उनके अपने शहर में विश्वस्तरीय फेफड़ों का उपचार मिल सकेगा।
CTVS सर्जन डॉ. निशांत चंदेल ने बताया कि लंग ट्रांसप्लांट एक जटिल प्रक्रिया होती है, लेकिन MGM के सहयोग और अस्पताल की एडवांस क्रिटिकल केयर तथा ECMO यूनिट के साथ अब एंड-स्टेज लंग डिजीज के मरीजों को नई जिंदगी देने की दिशा में काम किया जाएगा।
डॉ. कमलकांत आदिले और डॉ. संदीप चंद्राकर ने भी इस पहल को छत्तीसगढ़ में सुपर स्पेशलिटी हेल्थकेयर के नए युग की शुरुआत बताया। उनका कहना है कि इस सुविधा से मरीजों को किफायती और उच्च गुणवत्ता वाली चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
कार्यक्रम में अस्पताल के CEO विनीत सैनी सहित कई वरिष्ठ डॉक्टर और चिकित्सा स्टाफ उपस्थित रहे। MGM हेल्थकेयर, चेन्नई, जिसके नाम 1000 से अधिक सफल हार्ट और लंग ट्रांसप्लांट का रिकॉर्ड है, के साथ यह साझेदारी रायपुर को मध्य भारत का एडवांस लंग केयर हब बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।