प्रथम राष्ट्रीय रोवर-रेंजर जम्बूरी को लेकर आयोजित हुई प्रेस वार्ता, 9 से 13 जनवरी तक ग्राम दूधली में होगा ऐतिहासिक आयोजन

भारत स्काउट्स एवं गाइड्स के तत्वावधान में 9 से 13 जनवरी 2026 तक ग्राम दूधली, जिला बालोद में भारत का प्रथम राष्ट्रीय रोवर-रेंजर जम्बूरी आयोजित होगा। प्रेस वार्ता में अधिकारियों ने आयोजन स्थगन की खबरों को भ्रामक बताते हुए तैयारियां पूर्ण होने की जानकारी दी।

Jan 8, 2026 - 12:30
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प्रथम राष्ट्रीय रोवर-रेंजर जम्बूरी को लेकर आयोजित हुई प्रेस वार्ता, 9 से 13 जनवरी तक ग्राम दूधली में होगा ऐतिहासिक आयोजन

UNITED NEWS OF ASIA. परस साहू, बालोद | भारत स्काउट्स एवं गाइड्स नई दिल्ली के तत्वावधान में भारतवर्ष के इतिहास में प्रथम राष्ट्रीय रोवर-रेंजर जम्बूरी का आयोजन आगामी 9 से 13 जनवरी 2026 तक ग्राम दूधली, जिला बालोद (छत्तीसगढ़) में किया जा रहा है। इस ऐतिहासिक आयोजन को लेकर आज भारत स्काउट्स एवं गाइड्स छत्तीसगढ़ के तत्वावधान में एक प्रेस वार्ता आयोजित की गई, जिसमें आयोजन की तैयारियों और महत्व पर विस्तृत जानकारी दी गई।

प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए राज्य मुख्य आयुक्त इंद्रजीत सिंह खालसा ने कहा कि अब तक भारत में केवल स्काउट-गाइड जम्बूरी का आयोजन होता रहा है, लेकिन यह पहली बार है जब रोवर-रेंजर जम्बूरी राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित की जा रही है। उन्होंने बताया कि इतने बड़े और ऐतिहासिक आयोजन की मेजबानी छत्तीसगढ़ को मिलना राज्य के लिए न केवल उपलब्धि है बल्कि गर्व की बात भी है।

इंद्रजीत सिंह खालसा ने जम्बूरी के स्थगन को लेकर चल रही खबरों को पूरी तरह भ्रामक बताते हुए स्पष्ट किया कि आयोजन अपने निर्धारित समय पर ही संपन्न होगा। उन्होंने विश्वास जताया कि मीडिया और जनसहयोग से यह जम्बूरी ऐतिहासिक रूप से सफल होगी।

इस अवसर पर राज्य सचिव जितेंद्र साहू एवं राज्य मुख्य आयुक्त (रोवर) अशोक देशमुख ने बताया कि जम्बूरी की तैयारियां लगभग पूर्ण कर ली गई हैं। देश के विभिन्न राज्यों जैसे राजस्थान, महाराष्ट्र, हरियाणा, बिहार, सेंटर रेलवे सहित अन्य क्षेत्रों से रोवर-रेंजर दल ग्राम दूधली पहुंच चुके हैं। वहीं छत्तीसगढ़ राज्य से करीब 4200 रोवर-रेंजर पहले ही पहुंच चुके हैं, जिनका पूर्वाभ्यास शिविर वर्तमान में संचालित किया जा रहा है।

अधिकारियों ने बताया कि आने वाले दिनों में देश के अन्य राज्यों से भी प्रतिभागी पहुंचेंगे। इसके साथ ही श्रीलंका से भी रोवर-रेंजर दल के पहुंचने की पुष्टि की गई है, जिससे यह आयोजन अंतरराष्ट्रीय स्वरूप भी प्राप्त करेगा।

राष्ट्रीय मुख्यालय की टीम पूरी तैनाती के साथ जम्बूरी स्थल पर मौजूद है और कार्यक्रम की प्रत्येक गतिविधि को सुव्यवस्थित रूप से संपन्न कराने में जुटी हुई है। जम्बूरी के दौरान साहसिक गतिविधियां, सांस्कृतिक कार्यक्रम, सेवा कार्य, प्रशिक्षण सत्र और युवा नेतृत्व विकास से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

यह प्रथम राष्ट्रीय रोवर-रेंजर जम्बूरी न केवल स्काउटिंग आंदोलन के इतिहास में मील का पत्थर साबित होगी, बल्कि छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक नई पहचान भी दिलाएगी।