जिला जेल कबीरधाम के 500 मीटर दायरे में नो-ड्रोन जोन घोषित, कलेक्टर गोपाल वर्मा का आदेश

कवर्धा में जिला जेल की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कलेक्टर गोपाल वर्मा ने 500 मीटर के दायरे को नो-ड्रोन फ्लाइंग जोन घोषित किया है। आदेश तत्काल प्रभाव से लागू किया गया है।

Apr 7, 2026 - 18:41
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जिला जेल कबीरधाम के 500 मीटर दायरे में नो-ड्रोन जोन घोषित, कलेक्टर गोपाल वर्मा का आदेश

UNITED NEWS OF ASIA. कवर्धा।  कवर्धा जिले में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के उद्देश्य से कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी गोपाल वर्मा ने महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है। आदेश के तहत जिला जेल कबीरधाम परिसर के 500 मीटर के दायरे को नो-ड्रोन फ्लाइंग जोन घोषित किया गया है। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है।

प्रशासन द्वारा यह निर्णय जिला जेल की सुरक्षा और कानून व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। अधिकारियों का मानना है कि वर्तमान समय में ड्रोन तकनीक का उपयोग तेजी से बढ़ा है, जिसके कारण सुरक्षा से जुड़े नए खतरे भी सामने आए हैं। ऐसे में जेल परिसर जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में ड्रोन उड़ान को नियंत्रित करना अत्यंत आवश्यक हो गया है।

जिला प्रशासन के अनुसार, जेल परिसर के आसपास कई आवासीय क्षेत्र स्थित हैं, जिनमें हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी सहित अन्य बस्तियां शामिल हैं। इन क्षेत्रों से असामाजिक तत्वों द्वारा ड्रोन के माध्यम से जेल के भीतर प्रतिबंधित सामग्री पहुंचाने की आशंका बनी रहती है। इस प्रकार की घटनाएं न केवल सुरक्षा व्यवस्था को प्रभावित कर सकती हैं, बल्कि कानून-व्यवस्था के लिए भी गंभीर चुनौती बन सकती हैं।

विशेष रूप से आगामी त्योहारों को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को और सुदृढ़ करने के लिए यह कदम उठाया है। त्योहारों के दौरान भीड़भाड़ और गतिविधियों में वृद्धि के कारण सुरक्षा संबंधी जोखिम बढ़ जाते हैं, ऐसे में यह प्रतिबंध संभावित खतरों को रोकने में सहायक साबित होगा।

आदेश में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि निर्धारित 500 मीटर के दायरे में किसी भी प्रकार के ड्रोन का उड़ान पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा। यदि कोई व्यक्ति या संस्था इस आदेश का उल्लंघन करती है, तो उसके विरुद्ध नियमानुसार सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

प्रशासन ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि वे इस आदेश का पालन करें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत संबंधित अधिकारियों को दें। साथ ही ड्रोन संचालकों को विशेष रूप से सतर्क रहने और प्रतिबंधित क्षेत्रों में ड्रोन का उपयोग न करने के निर्देश दिए गए हैं।

यह निर्णय जिले में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। इससे जेल परिसर की निगरानी बेहतर होगी और संभावित अवैध गतिविधियों पर रोक लगाई जा सकेगी।

कुल मिलाकर, जिला प्रशासन का यह कदम तकनीकी चुनौतियों के बीच सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में एक आवश्यक और समयानुकूल निर्णय है, जो आने वाले समय में अन्य संवेदनशील क्षेत्रों के लिए भी उदाहरण बन सकता है।