सिंगरौली: कोरसर और कोरसर कोठार में PM आवास योजना की बड़ी पहल, 144 हितग्राहियों को पहली किस्त जारी
सिंगरौली जिले के कोरसर और कोरसर कोठार पंचायतों में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 144 हितग्राहियों के खातों में पहली किस्त जारी की गई है। इस पहल से ग्रामीणों में खुशी का माहौल है और पक्के घर का सपना साकार होने की उम्मीद बढ़ी है।
UNITED NEWS OF ASIA.आदर्श तिवारी, सिंगरौली। (मध्यप्रदेश) के सिंगरौली जिले में जनपद पंचायत चितरंगी अंतर्गत ग्राम पंचायत कोरसर और कोरसर कोठार में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत महत्वपूर्ण प्रगति देखने को मिली है। योजना के अंतर्गत कुल 144 हितग्राहियों के खातों में पहली किस्त की राशि जारी कर दी गई है, जिससे क्षेत्र के ग्रामीणों में खुशी और उत्साह का माहौल है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, ग्राम पंचायत कोरसर में 56 हितग्राहियों और कोरसर कोठार में 88 हितग्राहियों को इस योजना का लाभ मिला है। इन लाभार्थियों का चयन वर्ष 2018 में किए गए सर्वे के आधार पर किया गया था। अब इन पात्र परिवारों को पहली किस्त मिलने के साथ ही उनके पक्के घर का सपना साकार होने की दिशा में कदम बढ़ गया है।
प्रधानमंत्री आवास योजना का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले गरीब और जरूरतमंद परिवारों को पक्का मकान उपलब्ध कराना है। इस योजना के तहत आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोगों को वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है, ताकि वे सुरक्षित और स्थायी आवास में रह सकें।
वर्तमान में ग्राम पंचायत कोरसर की सरपंच डॉ. स्वाति सिंह चंदेल और कोरसर कोठार के सरपंच विद्यासागर तिवारी द्वारा शेष पात्र परिवारों के लिए नए सिरे से सर्वे कराया जा रहा है। इस सर्वे का उद्देश्य उन परिवारों को चिन्हित करना है, जो अभी तक योजना के लाभ से वंचित हैं।
सरपंचों ने बताया कि नए सर्वे में पात्र हितग्राहियों की पहचान कर ली गई है और उन्हें भी जल्द ही प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवास उपलब्ध कराया जाएगा। इससे क्षेत्र के और अधिक जरूरतमंद परिवारों को इस योजना का लाभ मिल सकेगा।
इस पहल से न केवल ग्रामीणों को पक्का घर मिलने की उम्मीद जगी है, बल्कि उनके जीवन स्तर में भी सुधार होने की संभावना है। पक्के घर के साथ सुरक्षा, स्वच्छता और बेहतर जीवन की सुविधाएं मिलेंगी, जिससे सामाजिक और आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।
ग्रामीणों ने सरकार की इस योजना की सराहना करते हुए कहा कि यह उनके लिए एक बड़ी राहत है। कई वर्षों से कच्चे मकानों में रहने वाले परिवार अब पक्के घर में रहने का सपना साकार होते देख रहे हैं।
यह पहल दर्शाती है कि सरकार ग्रामीण विकास और गरीबों के कल्याण के लिए लगातार प्रयास कर रही है। आने वाले समय में यदि इसी प्रकार योजनाओं का क्रियान्वयन होता रहा, तो ग्रामीण क्षेत्रों में विकास की गति और तेज होगी।