कवर्धा कलेक्टर गोपाल वर्मा के निर्देश, राशन वितरण की निगरानी और राजस्व प्रकरणों का समयबद्ध निराकरण

कवर्धा कलेक्टर गोपाल वर्मा ने चावल उत्सव के तहत राशन वितरण की नियमित मॉनिटरिंग और पर्याप्त भंडारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही राजस्व प्रकरणों के त्वरित निराकरण और महतारी वंदन योजना के ई-केवाईसी पर भी जोर दिया।

Apr 7, 2026 - 18:34
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कवर्धा कलेक्टर गोपाल वर्मा के निर्देश, राशन वितरण की निगरानी और राजस्व प्रकरणों का समयबद्ध निराकरण

UNITED NEWS OF ASIA. कवर्धा। कवर्धा जिले में प्रशासनिक कार्यों की गति तेज करने और जनहित योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर कलेक्टर गोपाल वर्मा ने समय-सीमा की बैठक में अधिकारियों को महत्वपूर्ण निर्देश दिए। उन्होंने चावल उत्सव के तहत खाद्यान्न वितरण की नियमित मॉनिटरिंग और सभी राशन दुकानों में पर्याप्त भंडारण सुनिश्चित करने पर जोर दिया।

कलेक्टर वर्मा ने कहा कि शासन के निर्देशानुसार हितग्राहियों को तीन माह का राशन एक साथ वितरित किया जा रहा है, ऐसे में सभी उचित मूल्य दुकानों में पर्याप्त चावल उपलब्ध होना चाहिए। उन्होंने खाद्य अधिकारी को निर्देशित किया कि सभी केंद्रों की लगातार निगरानी की जाए, ताकि किसी भी प्रकार की कमी न हो और जरूरत के अनुसार आपूर्ति सुनिश्चित हो सके।

बैठक में कलेक्टर ने राजस्व प्रकरणों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को लंबित मामलों के त्वरित निराकरण के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि नक्शा बटांकन, खाता विभाजन और त्रुटि सुधार जैसे प्रकरण समय-सीमा से बाहर लंबित नहीं रहने चाहिए। उन्होंने खसरों के डिजिटल हस्ताक्षरीकरण को भी प्राथमिकता देने और मैदानी अमले के साथ नियमित बैठक कर प्रगति की समीक्षा करने को कहा।

महतारी वंदन योजना के तहत हितग्राही महिलाओं के ई-केवाईसी कार्य को भी कलेक्टर ने गंभीरता से लेने के निर्देश दिए। उन्होंने महिला एवं बाल विकास विभाग और ई-डिस्ट्रिक्ट मैनेजर को समन्वय बनाकर सीएससी केंद्रों के माध्यम से ई-केवाईसी की प्रक्रिया शीघ्र पूर्ण कराने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने इस कार्य की नियमित प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने को भी कहा।

इसके अलावा, कलेक्टर ने छत्तीसगढ़ मिशन कर्मयोगी के अंतर्गत सभी अधिकारी-कर्मचारियों की ऑनबोर्डिंग 15 अप्रैल तक पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी विभाग अपने कर्मचारियों को ऑनलाइन कोर्स के माध्यम से प्रशिक्षण दिलाएं, क्योंकि इस प्रक्रिया की राज्य स्तर पर निगरानी की जा रही है।

प्रधानमंत्री आवास योजना की समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने स्वीकृत लेकिन अप्रारंभ आवासों के निर्माण को जल्द शुरू कराने पर जोर दिया। उन्होंने जनपद पंचायतों के सीईओ से विकासखंडवार प्रगति की जानकारी ली और हितग्राहियों से व्यक्तिगत संपर्क कर निर्माण कार्य प्रारंभ कराने के निर्देश दिए।

बैठक में एक महत्वपूर्ण पहल के तहत पांडुलिपियों के डिजिटल सर्वेक्षण की भी चर्चा हुई। भारत सरकार की “ज्ञान भारतम” पहल के तहत जिले में प्राचीन पांडुलिपियों का सर्वेक्षण और डिजिटल संरक्षण किया जाएगा। कलेक्टर ने इसके लिए सर्वे दल गठित कर आवश्यक प्रशिक्षण देने और कार्य शीघ्र शुरू करने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि जिले में अब तक 104 पांडुलिपियां चिन्हित की जा चुकी हैं, जिनका डिजिटल रिकॉर्ड तैयार किया जाएगा।

इस बैठक में जिला पंचायत सीईओ अभिषेक अग्रवाल, अपर कलेक्टर विनय पोयाम सहित कई अधिकारी उपस्थित रहे।

कुल मिलाकर, कलेक्टर गोपाल वर्मा के निर्देशों से यह स्पष्ट है कि प्रशासन जनहित योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, पारदर्शिता और समयबद्धता सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह सक्रिय है।