IPS दीपका का समर कैंप बना ग्रामीण बच्चों की प्रतिभा निखारने का मंच
कोरबा जिले के दीपका स्थित Indus Public School Dipka में आयोजित समर कैंप ग्रामीण बच्चों के लिए सीखने और व्यक्तित्व विकास का बड़ा मंच बनकर उभरा है। कैंप में बच्चों को डांस, म्यूजिक, स्विमिंग, स्पोकन इंग्लिश, पॉटरी और आर्ट एंड क्राफ्ट जैसी गतिविधियों का प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
UNITED NEWS OF ASIA. राहुल गुप्ता, कोरबा l कोरबा जिले के दीपका स्थित Indus Public School Dipka में आयोजित समर कैंप इन दिनों ग्रामीण बच्चों के लिए सीखने, रचनात्मकता विकसित करने और अपनी प्रतिभा को निखारने का महत्वपूर्ण मंच बन गया है। गर्मी की छुट्टियों में आयोजित इस विशेष समर कैंप में बच्चों को डांस, म्यूजिक, स्विमिंग, स्पोकन इंग्लिश, पॉटरी, आर्ट एंड क्राफ्ट तथा फन गेम्स जैसी विभिन्न गतिविधियों का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। खास बात यह है कि बतारी ग्राम पंचायत सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से बड़ी संख्या में बच्चों ने इस कैंप में उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया है।
समर कैंप का उद्देश्य बच्चों को केवल किताबों तक सीमित शिक्षा देने के बजाय व्यवहारिक और रचनात्मक सीख प्रदान करना है। कैंप में शामिल बच्चे पूरे उत्साह और ऊर्जा के साथ अलग-अलग गतिविधियों में भाग ले रहे हैं। बच्चों ने डांस और म्यूजिक के माध्यम से अपनी अभिव्यक्ति क्षमता को बेहतर बनाया, वहीं पॉटरी और आर्ट एंड क्राफ्ट के जरिए उनकी कल्पनाशक्ति और रचनात्मक सोच को बढ़ावा मिला।
विद्यालय प्रबंधन का मानना है कि आधुनिक शिक्षा में केवल अकादमिक ज्ञान पर्याप्त नहीं है। बच्चों के भीतर आत्मविश्वास, संवाद क्षमता और सामाजिक कौशल का विकास भी उतना ही जरूरी है। इसी सोच के साथ इस समर कैंप का आयोजन किया गया है, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चों को भी शहरों जैसी आधुनिक गतिविधियों और प्रशिक्षण का अवसर मिल सके।
विद्यालय के संचालक डॉ. संजय गुप्ता ने कहा कि आज के समय में शिक्षा को बहुआयामी बनाना आवश्यक है। उन्होंने बताया कि बच्चों के मानसिक और शारीरिक विकास के लिए इस प्रकार की गतिविधियां बेहद महत्वपूर्ण होती हैं। डांस और म्यूजिक जहां बच्चों के तनाव को कम करने में मदद करते हैं, वहीं स्विमिंग उन्हें शारीरिक रूप से मजबूत बनाती है। स्पोकन इंग्लिश प्रशिक्षण बच्चों के आत्मविश्वास को बढ़ाने में सहायक साबित हो रहा है।
डॉ. संजय गुप्ता ने यह भी कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है। जरूरत सिर्फ उन्हें सही मंच और मार्गदर्शन देने की है। उन्होंने बताया कि बच्चों में सीखने की ललक और उत्साह देखकर यह स्पष्ट होता है कि यदि उन्हें उचित अवसर मिले तो वे हर क्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन कर सकते हैं।
समर कैंप के माध्यम से बच्चों के व्यक्तित्व विकास पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। यहां बच्चों को टीमवर्क, अनुशासन, आत्मविश्वास और संवाद कौशल जैसी महत्वपूर्ण बातें भी सिखाई जा रही हैं। अभिभावकों ने भी इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह के कार्यक्रम बच्चों के भविष्य को नई दिशा देने में मददगार साबित होंगे।
विद्यालय प्रबंधन ने अभिभावकों से अपील की है कि वे बच्चों को केवल परीक्षा और अंकों तक सीमित न रखें, बल्कि उनकी रुचियों और प्रतिभाओं को पहचानकर उन्हें आगे बढ़ने के अवसर दें। समर कैंप के सफल आयोजन से ग्रामीण बच्चों में नई ऊर्जा और आत्मविश्वास देखने को मिल रहा है।