बालोद पुलिस ने बघमरा स्कूल में चलाया जागरूकता अभियान, साइबर सुरक्षा और नए कानूनों की दी जानकारी
बालोद पुलिस ने शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बघमरा में जागरूकता अभियान आयोजित कर विद्यार्थियों को साइबर सुरक्षा, यातायात नियम, नशामुक्ति और नए आपराधिक कानूनों की जानकारी दी। कार्यक्रम में 1930 साइबर हेल्पलाइन, सुरक्षित डिजिटल व्यवहार और भारतीय न्याय संहिता (BNS), भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) एवं भारतीय साक्ष्य अधिनियम (BSA) के प्रावधानों पर विस्तार से जानकारी दी गई।
UNITED NEWS OF ASIA. सुनील साहू, बालोद l बालोद पुलिस ने जिले में जनजागरूकता अभियान के तहत शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बघमरा में साइबर सुरक्षा, यातायात जागरूकता, नशामुक्ति और नवीन आपराधिक कानूनों पर आधारित विशेष कार्यक्रम आयोजित किया। अभियान का उद्देश्य विद्यार्थियों और आम नागरिकों को बदलते कानूनों, डिजिटल सुरक्षा और सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक बनाना रहा। कार्यक्रम में शिक्षक, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
पुलिस अधीक्षक योगेश कुमार पटेल के निर्देशन एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मोनिका ठाकुर के मार्गदर्शन में आयोजित कार्यक्रम में थाना प्रभारी शिशुपाल सिन्हा ने भारतीय न्याय संहिता (BNS), भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) और भारतीय साक्ष्य अधिनियम (BSA) के प्रमुख प्रावधानों की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि नए आपराधिक कानून न्याय प्रक्रिया को अधिक सरल, पारदर्शी, तकनीक आधारित और समयबद्ध बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से अपने अधिकारों और कर्तव्यों की जानकारी रखने तथा जिम्मेदार नागरिक बनने का आह्वान किया।
यातायात प्रभारी रविशंकर पांडे ने सड़क सुरक्षा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए हेलमेट और सीट बेल्ट के अनिवार्य उपयोग, निर्धारित गति सीमा का पालन, वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का उपयोग नहीं करने तथा नशे की हालत में वाहन नहीं चलाने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि छोटी-छोटी सावधानियां अपनाकर सड़क दुर्घटनाओं में काफी कमी लाई जा सकती है। इस अवसर पर यातायात नियमों के प्रति जागरूकता फैलाने वाले शिक्षक मनीष को हेलमेट भेंट कर सम्मानित किया गया।
साइबर प्रभारी एएसआई धरम भूआर्य ने बढ़ते साइबर अपराधों और ऑनलाइन ठगी के नए तरीकों की जानकारी देते हुए विद्यार्थियों को फर्जी कॉल, फर्जी लिंक, एपीके फाइल, डिजिटल अरेस्ट, क्यूआर कोड धोखाधड़ी, ओटीपी, बैंकिंग जानकारी और पासवर्ड किसी के साथ साझा नहीं करने की सलाह दी। उन्होंने बताया कि किसी भी प्रकार की साइबर ठगी होने पर तत्काल राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर संपर्क करें और राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं।
कार्यक्रम में विद्यार्थियों को नशे के दुष्प्रभावों के बारे में भी जानकारी दी गई और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया गया। पुलिस अधिकारियों ने सभी से अपील की कि वे स्वयं जागरूक रहें और अपने परिवार व समाज के लोगों को भी साइबर सुरक्षा, यातायात नियमों और नए कानूनों के प्रति जागरूक करें।
कार्यक्रम में सरपंच मंजुलता साहू, उप सरपंच त्रासदास मानिकपुरी, सीता साहू, विद्यालय के प्राचार्य एस.के. बेक, प्रधान पाठिका रामटेके, शिक्षक मनीष, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता कमलेश्वरी साहू, अन्य शिक्षक, वार्ड पंच और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। बालोद पुलिस ने बताया कि जिलेभर में इस प्रकार के जागरूकता अभियान लगातार चलाए जाएंगे ताकि अधिक से अधिक लोगों तक कानून, साइबर सुरक्षा और सड़क सुरक्षा संबंधी महत्वपूर्ण जानकारी पहुंचाई जा सके।