कबीरधाम में 13 से 18 जुलाई तक विशेष एचपीवी टीकाकरण अभियान, पात्र बालिकाओं को लगेगा निःशुल्क टीका

कबीरधाम जिले में 13 से 18 जुलाई 2026 तक विशेष एचपीवी टीकाकरण अभियान चलाया जाएगा। अभियान के तहत 14 वर्ष से अधिक और 15 वर्ष से कम आयु की पात्र बालिकाओं को गर्भाशय ग्रीवा (सर्वाइकल) कैंसर से बचाव के लिए निःशुल्क एचपीवी वैक्सीन लगाई जाएगी। जिले में अब तक 1177 बालिकाओं का सफलतापूर्वक टीकाकरण किया जा चुका है।

Jul 10, 2026 - 18:18
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कबीरधाम में 13 से 18 जुलाई तक विशेष एचपीवी टीकाकरण अभियान, पात्र बालिकाओं को लगेगा निःशुल्क टीका

UNITED NEWS OF ASIA. कवर्धा। गर्भाशय ग्रीवा (सर्वाइकल) कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से बालिकाओं को सुरक्षित रखने के उद्देश्य से कबीरधाम जिले में 13 से 18 जुलाई 2026 तक विशेष एचपीवी (ह्यूमन पैपिलोमा वायरस) टीकाकरण अभियान चलाया जाएगा। इस अभियान के तहत 14 वर्ष से अधिक तथा 15 वर्ष से कम आयु की पात्र बालिकाओं को शासकीय स्वास्थ्य संस्थानों में निःशुल्क एचपीवी वैक्सीन लगाई जाएगी।

जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. सलिल मिश्रा ने बताया कि जिले में एचपीवी टीकाकरण की शुरुआत 16 मार्च 2026 को जिला चिकित्सालय से की गई थी। वर्तमान में जिला चिकित्सालय, सभी छह सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों तथा कोल्ड चेन प्वाइंट वाले प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में रविवार और सार्वजनिक अवकाश को छोड़कर प्रतिदिन सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक नियमित टीकाकरण किया जा रहा है। विशेष अभियान के दौरान भी निर्धारित केंद्रों पर पात्र बालिकाओं का टीकाकरण किया जाएगा।

उन्होंने बताया कि एचपीवी संक्रमण गर्भाशय ग्रीवा (सर्वाइकल) कैंसर का प्रमुख कारण माना जाता है। समय पर लगाया गया एचपीवी टीका इस बीमारी से बचाव का प्रभावी माध्यम है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, विश्व स्तर पर प्रतिवर्ष बड़ी संख्या में महिलाओं की मृत्यु सर्वाइकल कैंसर के कारण होती है, जिनमें भारत का भी उल्लेखनीय हिस्सा है। ऐसे में समय पर टीकाकरण से इस गंभीर बीमारी के खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

टीकाकरण के लिए बालिका की आयु का सत्यापन आधार कार्ड अथवा जन्म प्रमाण-पत्र के आधार पर किया जाएगा। एचपीवी वैक्सीन की 0.5 मिलीलीटर की एकल (सिंगल) डोज बाईं ऊपरी बांह में लगाई जाएगी। स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि गर्भावस्था की स्थिति में यह टीका नहीं लगाया जाएगा तथा लाभार्थी को खाली पेट टीका नहीं लगवाना चाहिए। टीकाकरण के बाद लाभार्थी की तर्जनी उंगली पर मार्किंग की जाएगी, टीकाकरण कार्ड प्रदान किया जाएगा और सामान्य स्वास्थ्य निगरानी के लिए 30 मिनट तक केंद्र पर रुकने की सलाह दी जाएगी। टीकाकरण से पहले अभिभावक की सहमति भी अनिवार्य होगी।

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. डी.के. तुरे ने जिले के सभी अभिभावकों से अपील की है कि वे अपनी पात्र बेटियों का एचपीवी टीकाकरण अवश्य कराएं। उन्होंने बताया कि जिले में अब तक 1177 बालिकाओं को यह टीका लगाया जा चुका है और टीकाकरण के बाद किसी भी प्रकार की गंभीर प्रतिकूल घटना सामने नहीं आई है। इससे यह स्पष्ट होता है कि वैक्सीन सुरक्षित और प्रभावी है।

उन्होंने यह भी बताया कि यही एचपीवी वैक्सीन निजी अस्पतालों में लगभग 4,000 से 6,000 रुपये की लागत से उपलब्ध है, जबकि शासकीय स्वास्थ्य संस्थानों में पात्र बालिकाओं को यह पूरी तरह निःशुल्क उपलब्ध कराई जा रही है। स्वास्थ्य विभाग ने सभी अभिभावकों से अपील की है कि वे इस विशेष अभियान का लाभ उठाकर अपनी बेटियों को भविष्य में सर्वाइकल कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से सुरक्षित रखने में सहयोग करें।