स्वच्छता दीदियां बनीं गांवों की ब्रांड एंबेसडर, घर-घर पहुंचकर दे रहीं स्वच्छता और कचरा पृथक्करण का संदेश

कबीरधाम जिले में स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत स्वच्छता दीदियां गांवों की ब्रांड एंबेसडर बनकर घर-घर कचरा संग्रहण और जागरूकता अभियान चला रही हैं। ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम-2026 के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए 60 ग्राम पंचायतों में विशेष अभियान संचालित किया जा रहा है, जिसका लक्ष्य 2 अक्टूबर 2026 तक शत-प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित करना है।

Jul 10, 2026 - 18:14
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स्वच्छता दीदियां बनीं गांवों की ब्रांड एंबेसडर, घर-घर पहुंचकर दे रहीं स्वच्छता और कचरा पृथक्करण का संदेश

UNITED NEWS OF ASIA. कवर्धा। स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत कबीरधाम जिले में स्वच्छता को जनआंदोलन का स्वरूप देने के लिए स्वच्छता दीदियां गांवों की ब्रांड एंबेसडर बनकर महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। जिला प्रशासन के मार्गदर्शन में संचालित इस विशेष अभियान के अंतर्गत वे घर-घर पहुंचकर कचरा संग्रहण करने के साथ ग्रामीणों को ठोस अपशिष्ट प्रबंधन और स्वच्छता के प्रति जागरूक भी कर रही हैं।

कलेक्टर गोपाल वर्मा और जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी अभिषेक अग्रवाल के मार्गदर्शन में जिले की 60 ग्राम पंचायतों में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम-2026 के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान का उद्देश्य 2 अक्टूबर 2026 तक सभी चयनित ग्राम पंचायतों में नियमों का शत-प्रतिशत पालन सुनिश्चित करना है।

अभियान के तहत स्वच्छाग्रही प्रतिदिन घर-घर जाकर अलग-अलग प्रकार के कचरे का संग्रहण कर रहे हैं तथा लोगों को स्रोत स्तर पर कचरा पृथक्करण के लिए प्रेरित कर रहे हैं। स्वच्छता दीदियां चार डिब्बा प्रणाली के माध्यम से गीला, सूखा, सेनेटरी अपशिष्ट और ई-वेस्ट का अलग-अलग संग्रहण कर रही हैं। इसके लिए हरे डिब्बे में गीला कचरा, नीले डिब्बे में सूखा कचरा, लाल डिब्बे में सेनेटरी अपशिष्ट और काले डिब्बे में ई-वेस्ट एकत्र करने की व्यवस्था लागू की जा रही है।

इसके अलावा स्वच्छता दीदियां प्रत्येक घर में चार डिब्बों की उपलब्धता, शौचालय के नियमित उपयोग तथा सोकपिट निर्माण का भी सत्यापन कर रही हैं। साथ ही वे ग्रामीण परिवारों को ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम-2026 की जानकारी देकर स्वच्छता बनाए रखने की शपथ भी दिला रही हैं।

जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी अभिषेक अग्रवाल ने कहा कि स्वच्छता दीदियां इस अभियान की सबसे मजबूत कड़ी हैं। वे केवल कचरा संग्रहण तक सीमित नहीं हैं, बल्कि ग्रामीणों की सोच में सकारात्मक बदलाव लाने का कार्य भी कर रही हैं। उनके सहयोग से जिले में स्वच्छता संबंधी नियमों के प्रभावी पालन का लक्ष्य हासिल किया जाएगा।

स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के जिला समन्वयक संजय सोनी ने बताया कि जिले की 400 से अधिक स्वच्छता दीदियों को चार डिब्बा प्रणाली, सोकपिट निर्माण और वैज्ञानिक कचरा प्रबंधन का विशेष प्रशिक्षण दिया जा चुका है। प्रशिक्षण के बाद वे पूरे उत्साह के साथ गांव-गांव में लोगों को जागरूक कर रही हैं, जिसका सकारात्मक असर भी दिखाई देने लगा है।

जनपद पंचायत कवर्धा, सहसपुर लोहारा, बोड़ला और पंडरिया की कई ग्राम पंचायतों के जनप्रतिनिधियों ने बताया कि स्वच्छता दीदियों के नियमित प्रयासों से ग्रामीणों में स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ी है। अब अधिकांश परिवार गीले और सूखे कचरे को अलग-अलग एकत्र कर अभियान में सहयोग कर रहे हैं। जिला प्रशासन ने सभी ग्रामीणों से अपील की है कि वे स्वच्छता दीदियों का सहयोग करें, नियमित रूप से उपयोगकर्ता शुल्क का भुगतान करें तथा ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम-2026 का पालन करते हुए स्वच्छ और स्वस्थ गांव के निर्माण में अपनी सक्रिय भागीदारी निभाएं।