बोर्ड परीक्षा परिणाम सुधार पर कलेक्टर की सख्त पहल, प्राचार्यों को दिए अहम निर्देश

सिंगरौली जिले में कलेक्टर गौरव बैनल की अध्यक्षता में शासकीय विद्यालयों के प्राचार्यों की बैठक आयोजित हुई। बैठक में हाईस्कूल एवं हायर सेकेंडरी बोर्ड परीक्षा परिणाम बेहतर बनाने के लिए कमजोर छात्रों की पहचान, रेमिडियल क्लास, नियमित अभ्यास और विशेष योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर दिया गया।

Jan 22, 2026 - 11:40
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बोर्ड परीक्षा परिणाम सुधार पर कलेक्टर की सख्त पहल, प्राचार्यों को दिए अहम निर्देश

UNITED NEWS OF ASIA.आदर्श तिवारी, सिंगरौली। जिले में बोर्ड परीक्षा परिणामों में सुधार लाने के उद्देश्य से कलेक्टर गौरव बैनल की अध्यक्षता में जिला पंचायत सभागार में शासकीय विद्यालयों के प्राचार्यों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में कलेक्टर ने विगत वर्ष की तुलना में इस वर्ष हाईस्कूल एवं हायर सेकेंडरी बोर्ड परीक्षाओं में बेहतर परिणाम सुनिश्चित करने के लिए ठोस रणनीति के साथ कार्य करने के निर्देश दिए।

कलेक्टर  बैनल ने कहा कि जिले के सभी विद्यालयों में कमजोर छात्रों की समय रहते पहचान की जाए और विषयवार रेमिडियल क्लासेस का नियमित संचालन किया जाए। उन्होंने अभ्यास कार्य, डाउट क्लियरिंग सत्र तथा अतिरिक्त मार्गदर्शन को अनिवार्य बताते हुए कहा कि इससे छात्रों का आत्मविश्वास बढ़ेगा और परीक्षा परिणामों में सुधार देखने को मिलेगा। इसके साथ ही “उड़ान” एवं “निखार” प्रोजेक्ट के प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष जोर दिया गया।

कलेक्टर ने स्पष्ट निर्देश दिए कि छात्रों पर किसी भी प्रकार का मानसिक दबाव न डाला जाए, बल्कि उन्हें सकारात्मक वातावरण में पढ़ाई के लिए प्रेरित किया जाए। उन्होंने कहा कि भयमुक्त शिक्षा ही अच्छे परिणाम की कुंजी है। कम परिणाम देने वाले विद्यालयों पर विशेष निगरानी रखने के निर्देश देते हुए उन्होंने कहा कि ऐसे विद्यालयों में शिक्षण व्यवस्था की नियमित समीक्षा की जाएगी।

बैठक में यह भी निर्देश दिए गए कि जो छात्र लगातार अनुपस्थित रहते हैं, उनके अभिभावकों से सीधे संपर्क कर उनकी समस्या का समाधान किया जाए। साथ ही नाबालिग छात्रों से कार्य कराने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करने के निर्देश भी कलेक्टर ने दिए। उन्होंने कहा कि बच्चों की शिक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

कलेक्टर ने प्राचार्यों से कहा कि वे विद्यालय स्तर पर अनुशासन, नियमित कक्षाएं और समयबद्ध पाठ्यक्रम पूर्णता सुनिश्चित करें। शिक्षक विद्यार्थियों की प्रगति पर निरंतर निगरानी रखें और आवश्यकता अनुसार व्यक्तिगत मार्गदर्शन प्रदान करें।

बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी  जगदीश गोमे, जिला शिक्षा अधिकारी  एस.बी. सिंह सहित शिक्षा विभाग के संबंधित अधिकारी एवं जिले के सभी शासकीय विद्यालयों के प्राचार्य उपस्थित रहे। सभी प्राचार्यों ने बोर्ड परीक्षा परिणामों में सुधार के लिए प्रशासन को पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया।