भूमिहीन मजदूर गनेशु डहरिया को योजनाओं से मिला आर्थिक संबल, परिवार की बदली तस्वीर

कबीरधाम जिले के ग्राम चिमरा निवासी गनेशु डहरिया को दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना के तहत प्रतिवर्ष 10 हजार रुपये की सहायता मिल रही है। वहीं उनकी पत्नी को महतारी वंदन योजना का लाभ भी प्राप्त हो रहा है, जिससे परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है।

Jul 10, 2026 - 18:11
 0  2
भूमिहीन मजदूर गनेशु डहरिया को योजनाओं से मिला आर्थिक संबल, परिवार की बदली तस्वीर

UNITED NEWS OF ASIA. कवर्धा। कबीरधाम जिले के ग्राम चिमरा निवासी गनेशु डहरिया के परिवार के जीवन में सरकारी योजनाओं ने आर्थिक मजबूती का नया आधार दिया है। वर्षों से मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण करने वाले गनेशु डहरिया को दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना के तहत प्रतिवर्ष 10 हजार रुपये की आर्थिक सहायता मिल रही है। वहीं उनकी पत्नी उर्मिला बाई डहरिया को महतारी वंदन योजना के अंतर्गत हर महीने एक हजार रुपये की सहायता राशि प्राप्त हो रही है। दोनों योजनाओं का लाभ मिलने से परिवार की आर्थिक स्थिति पहले की तुलना में अधिक मजबूत हुई है।

52 वर्षीय गनेशु डहरिया के पास खेती योग्य भूमि नहीं है और मजदूरी ही उनके परिवार की आजीविका का मुख्य साधन है। सीमित आय के कारण परिवार की रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करना कई बार चुनौती बन जाता था। घर के आवश्यक खर्चों के लिए भी उन्हें कई बार इंतजार करना पड़ता था। इसी दौरान उन्हें दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना की जानकारी मिली।

पात्रता के आधार पर योजना में पंजीयन होने के बाद अब उन्हें प्रतिवर्ष 10 हजार रुपये की सहायता राशि सीधे बैंक खाते में प्राप्त हो रही है। गनेशु डहरिया का कहना है कि इस राशि से परिवार की दैनिक आवश्यकताओं की पूर्ति करने, बच्चों के खर्च पूरे करने तथा अन्य जरूरी कार्यों में काफी मदद मिलती है। इससे आर्थिक दबाव कम हुआ है और जरूरत के समय किसी से उधार लेने की स्थिति भी काफी हद तक समाप्त हुई है।

गनेशु डहरिया बताते हैं कि पहले उन्हें लगता था कि सरकारी योजनाओं का लाभ केवल जमीन वाले किसानों तक सीमित रहता है, लेकिन इस योजना से जुड़ने के बाद उनकी सोच बदली है। उनका कहना है कि अब उन्हें विश्वास है कि शासन भूमिहीन कृषि मजदूर परिवारों की जरूरतों का भी ध्यान रख रहा है। उनके अनुसार, हर वर्ष मिलने वाली सहायता राशि परिवार के लिए बड़ा सहारा बन गई है और भविष्य के प्रति भरोसा भी बढ़ा है।

परिवार को दूसरी महत्वपूर्ण सहायता महतारी वंदन योजना से मिल रही है। उनकी पत्नी उर्मिला बाई डहरिया को प्रतिमाह एक हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्राप्त हो रही है। इस राशि का उपयोग घरेलू खर्चों और आवश्यक जरूरतों को पूरा करने में किया जा रहा है। दोनों योजनाओं का संयुक्त लाभ मिलने से परिवार की आर्थिक स्थिति में सकारात्मक बदलाव आया है और छोटे-छोटे खर्चों को लेकर चिंता भी कम हुई है।

गनेशु डहरिया ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और छत्तीसगढ़ शासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह योजना भूमिहीन मजदूर परिवारों के लिए सम्मान और आत्मनिर्भरता का माध्यम बन रही है। उनका मानना है कि ऐसी योजनाएं आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को सामाजिक सुरक्षा देने के साथ-साथ बेहतर जीवन की दिशा में आगे बढ़ने का अवसर भी प्रदान कर रही हैं।