धान खरीदी की तारीख 10 फरवरी तक बढ़ाए सरकार: आम आदमी पार्टी, किसानों की मांगों को लेकर चेतावनी

आम आदमी पार्टी छत्तीसगढ़ ने धान खरीदी की अंतिम तिथि 10 फरवरी तक बढ़ाने, भुगतान व्यवस्था में सुधार और किसानों पर लगाए जा रहे प्रतिबंधों को हटाने की मांग की है। मांगें पूरी न होने पर फरवरी में प्रदेशव्यापी आंदोलन की चेतावनी दी गई है।

Jan 4, 2026 - 11:05
Jan 4, 2026 - 11:06
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धान खरीदी की तारीख 10 फरवरी तक बढ़ाए सरकार: आम आदमी पार्टी, किसानों की मांगों को लेकर चेतावनी

UNITED NEWS OF ASIA. हसिब अख्तर, रायपुर। छत्तीसगढ़ में धान खरीदी को लेकर किसानों को हो रही परेशानियों के खिलाफ आम आदमी पार्टी ने राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पार्टी के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष उत्तम जायसवाल ने कहा कि धान खरीदी शुरू होने के बाद से ही किसानों को लगातार समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है, लेकिन सरकार इस ओर कोई ठोस कदम नहीं उठा रही है। आम आदमी पार्टी ने इससे पहले भी विज्ञप्ति, ज्ञापन और 12 दिसंबर 2025 को प्रदेशव्यापी धरना प्रदर्शन कर सरकार का ध्यान आकर्षित किया था, बावजूद इसके किसानों की अनदेखी जारी है।

आम आदमी पार्टी के किसान विंग के प्रदेश अध्यक्ष तारेंद्र चंद्राकर ने बताया कि सरकार द्वारा धान खरीदी की अंतिम तिथि 31 जनवरी निर्धारित की गई है, जबकि विभिन्न तकनीकी और प्रशासनिक कारणों से इस वर्ष धान खरीदी में देरी हुई है। ऐसे में धान खरीदी की तिथि बढ़ाकर 10 फरवरी 2026 की जानी चाहिए, ताकि किसान अपनी पूरी फसल बेच सकें। उन्होंने यह भी मांग की कि स्वर्णा धान को बारीक धान की श्रेणी में शामिल किया जाए, जिसे फिलहाल मोटे धान की श्रेणी में लिया जा रहा है। साथ ही जिन किसानों का पंजीयन या रकबा सुधार किसी कारण से नहीं हो पाया है, उन्हें प्रक्रिया पूरी कराकर खरीदी का अवसर दिया जाए।

प्रदेश उपाध्यक्ष अभिषेक मिश्रा ने भुगतान व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि किसानों को केवल जिला सहकारी बैंकों के माध्यम से भुगतान की अनिवार्यता समाप्त की जाए और उन्हें अपनी पसंद के किसी भी बैंक में भुगतान लेने की सुविधा मिले। उन्होंने किस्तों में भुगतान की व्यवस्था को भी समाप्त करने की मांग की और कहा कि किसान को आवश्यकता अनुसार पूरी राशि एक साथ मिलनी चाहिए। इसके अलावा धान खरीदी केंद्रों में किसानों की फोटो खींचने की अनिवार्यता और अत्यधिक सख्ती को भी गैरजरूरी बताया।

प्रदेश उपाध्यक्ष एवं प्रवक्ता प्रियंका शुक्ला ने आरोप लगाया कि सरकार की नीतियां किसानों से कम धान खरीदने की साजिश का हिस्सा हैं। उन्होंने कहा कि सोसायटियों में लंबे समय तक धान पड़े रहने से सूखत का नुकसान होता है, जिसका भुगतान सरकार नहीं कर रही है। कई खरीदी केंद्रों में अब तक डेली लिमिट नहीं बढ़ाई गई है, जिससे खरीदी प्रभावित हो रही है। उन्होंने सरगुजा क्षेत्र की अमेरा खदान परियोजना का मुद्दा उठाते हुए किसानों की कृषि भूमि छीने जाने पर भी चिंता जताई।

आम आदमी पार्टी ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने किसानों की इन मांगों को जल्द पूरा नहीं किया, तो फरवरी 2026 में किसानों के साथ मिलकर प्रदेशव्यापी उग्र आंदोलन किया जाएगा। प्रेसवार्ता में पार्टी के कई वरिष्ठ नेता उपस्थित रहे।