UNITED NEWS OF ASIA. सुनील कुमार साहू, बालोद । छत्तीसगढ़ के बालोद जिले के लिए गर्व का क्षण सामने आया है, जब जिले के भाई-बहन ने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। उत्तरप्रदेश में आयोजित राष्ट्रीय पावरलिफ्टिंग प्रतियोगिता में भूमि नेभवानी और उनके भाई यश सिंह नेभवानी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए क्रमशः स्वर्ण और रजत पदक जीतकर न केवल अपने परिवार बल्कि पूरे जिले और प्रदेश का नाम रोशन किया है।
प्रतियोगिता का आयोजन 2 से 4 अप्रैल के बीच उत्तरप्रदेश में किया गया, जिसमें देशभर से प्रतिभाशाली खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया। इस कड़े मुकाबले में बालोद की भूमि नेभवानी ने 63 किलोग्राम सब-जूनियर वर्ग में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए कुल 152.5 किलोग्राम वजन उठाकर पहला स्थान हासिल किया और स्वर्ण पदक अपने नाम किया।
वहीं उनके भाई यश सिंह नेभवानी ने 59 किलोग्राम जूनियर वर्ग में 227.5 किलोग्राम वजन उठाकर दूसरा स्थान प्राप्त किया और रजत पदक जीता। दोनों खिलाड़ियों के इस प्रदर्शन ने यह साबित कर दिया कि मेहनत, लगन और निरंतर अभ्यास से राष्ट्रीय स्तर पर भी सफलता हासिल की जा सकती है।
भूमि और यश इससे पहले भी राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं में कई पदक जीत चुके हैं। उनकी इस निरंतर सफलता के पीछे उनकी कड़ी मेहनत, अनुशासन और खेल के प्रति समर्पण का बड़ा योगदान है। परिवार और कोच का मार्गदर्शन भी उनके प्रदर्शन को बेहतर बनाने में अहम भूमिका निभा रहा है।
जिला कलेक्टर दिव्या उमेश मिश्रा ने दोनों खिलाड़ियों को इस शानदार उपलब्धि के लिए हार्दिक बधाई दी है। उन्होंने कहा कि बालोद जिले के युवाओं में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है, आवश्यकता है तो केवल उन्हें सही दिशा और अवसर प्रदान करने की। उन्होंने दोनों खिलाड़ियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि वे आगे भी इसी तरह प्रदेश और देश का नाम रोशन करते रहें।
दोनों खिलाड़ियों ने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता, कोच और सहयोगियों को दिया है। उन्होंने बताया कि उनका अगला लक्ष्य अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए स्वर्ण पदक जीतना है।
इस उपलब्धि से बालोद जिले में खुशी का माहौल है और स्थानीय लोगों के साथ-साथ खेल प्रेमियों में भी उत्साह देखा जा रहा है। यह सफलता अन्य युवाओं के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बन रही है, जो खेल के क्षेत्र में आगे बढ़ना चाहते हैं।
कुल मिलाकर, भूमि और यश की यह उपलब्धि न केवल व्यक्तिगत सफलता है, बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए गौरव का विषय है, जो आने वाले समय में और भी बड़े लक्ष्यों को हासिल करने की प्रेरणा देती है।