2025 का लेखा-जोखा: बस्तर में फोर्स की निर्णायक बढ़त, 100 मुठभेड़ में 256 माओवादी ढेर, 1573 ने छोड़ी हिंसा

2025 में बस्तर में सुरक्षा बलों की सफलता से माओवादी संगठन को बड़ा झटका लगा। 100 मुठभेड़ों में 256 माओवादी मारे गए, जबकि 1573 ने हिंसा छोड़कर पुनर्वास नीति को अपनाया। हालांकि, संघर्ष में 23 जवान शहीद हुए और 46 नागरिकों की जान भी गई। आईजी सुंदरराज पी ने 2025 की सफलता और आगामी साल में कार्रवाई तेज करने का भरोसा जताया।

Jan 3, 2026 - 17:40
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2025 का लेखा-जोखा: बस्तर में फोर्स की निर्णायक बढ़त, 100 मुठभेड़ में 256 माओवादी ढेर, 1573 ने छोड़ी हिंसा

UNITED NEWS OF ASIA. 2025 का लेखा-जोखा: बस्तर में फोर्स की निर्णायक बढ़त, 256 माओवादी ढेर, 1573 ने छोड़ी हिंसा

जगदलपुर, 3 जनवरी 2026: बस्तर में साल 2025 सुरक्षा बलों के लिए एक निर्णायक वर्ष साबित हुआ। सुरक्षा बलों की कड़ी कार्रवाई और रणनीतिक अभियानों के परिणामस्वरूप, कुल 100 मुठभेड़ हुईं, जिनमें 256 माओवादी मारे गए। इसके अलावा, 898 माओवादी गिरफ्तार हुए और 1573 माओवादी ने हिंसा का रास्ता छोड़कर पुनर्वास नीति को अपनाया, जो क्षेत्र में स्थिरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

बस्तर आईजी सुंदरराज पी ने अपनी प्रेस वार्ता में वर्ष 2025 की कार्रवाई के आंकड़े साझा किए। उन्होंने बताया कि इन मुठभेड़ों में सुरक्षा बलों ने 677 हथियार बरामद किए और 894 आईईडी (इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस) खोजकर निष्क्रिय किए, जिससे कई बड़ी घटनाओं को टलने में मदद मिली। इसके साथ ही उन्होंने बताया कि 23 जवान शहीद हुए और माओवादी हिंसा में 46 आम नागरिकों की भी जान गई।

सुरक्षा बलों के संघर्ष में बलिदान:
साल 2025 में बस्तर में सुरक्षा बलों को बड़ी चुनौतियों का सामना करना पड़ा, जिसमें कई जांबाज जवानों की शहादत हुई। 23 जवानों ने अपनी जान दी, जबकि 46 नागरिकों को भी माओवादी हिंसा में अपनी जान गंवानी पड़ी। इन बलिदानों के बावजूद, सुरक्षा बलों ने संघर्ष को जारी रखते हुए माओवादी गतिविधियों पर निर्णायक बढ़त हासिल की है।

आईजी सुंदरराज पी का बयान:
आईजी सुंदरराज पी ने कहा, “हमारी फोर्स ने ऑपरेशनल सफलता और पुनर्वास नीति पर समान रूप से ध्यान दिया। हमें उम्मीद है कि 2026 में बस्तर और सुरक्षित होगा और माओवादी नेटवर्क को और अधिक कमजोर किया जाएगा।” उन्होंने कहा कि फोर्स का फोकस न केवल मुठभेड़ों पर था, बल्कि इलाके में स्थिरता लाने के लिए माओवादियों के पुनर्वास पर भी ध्यान दिया गया।

बस्तर में सुरक्षा की दिशा में बड़ा कदम:
बस्तर में माओवादी संगठन के खिलाफ वर्ष 2025 की यह सफलता एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित हो सकती है। मुठभेड़ों में मारे गए माओवादियों और गिरफ्तार हुए आतंकवादियों के साथ, जो 1573 माओवादी हिंसा छोड़कर समाज की मुख्यधारा में लौटे, यह दिखाता है कि बस्तर में माओवादी गतिविधियों पर काबू पाने की दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।

साल 2025 में की गई आईईडी निष्क्रियकरण और हथियारों की बरामदगी ने कई बड़ी घटनाओं को टलने में मदद की, और सुरक्षा बलों के द्वारा उठाए गए कदमों से यह संकेत मिलता है कि 2026 में बस्तर और अधिक सुरक्षित और शांतिपूर्ण हो सकता है।

निष्कर्ष:
बस्तर में माओवादी हिंसा के खिलाफ सुरक्षा बलों का लगातार संघर्ष जारी है। 2025 में मिले परिणामों से यह साबित होता है कि एकजुट प्रयासों से माओवादी नेटवर्क को कमजोर किया जा सकता है। 2026 में बस्तर को माओवादी प्रभाव से मुक्त करने के लिए कार्रवाई और तेज करने की योजना है, जो क्षेत्र में स्थिरता और सुरक्षा की ओर एक और महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।