विश्व पर्यावरण दिवस पर लक्ष्मी राजवाड़े ने किया पौधरोपण, हरित छत्तीसगढ़ निर्माण का दिया संदेश
विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर भटगांव नगर पंचायत की पुष्प वाटिका में महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने आम और अमरूद के पौधे लगाकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। उन्होंने नागरिकों से पौधरोपण को जनआंदोलन बनाने और प्रकृति संरक्षण में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया।
UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर सूरजपुर जिले के भटगांव नगर पंचायत स्थित पुष्प वाटिका में महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। इस दौरान उन्होंने आम और अमरूद के पौधे लगाए तथा नागरिकों से प्रकृति के संरक्षण को जनआंदोलन का स्वरूप देने की अपील की। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और स्थानीय नागरिकों ने भी उत्साहपूर्वक भाग लिया और पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की
इस अवसर पर लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि वृक्ष केवल हरियाली बढ़ाने का माध्यम नहीं हैं, बल्कि पर्यावरण संतुलन बनाए रखने, शुद्ध वायु उपलब्ध कराने और आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य की नींव रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि आज पूरी दुनिया जलवायु परिवर्तन, बढ़ते तापमान और प्रदूषण जैसी गंभीर चुनौतियों का सामना कर रही है। ऐसे समय में प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है कि वह पर्यावरण संरक्षण के लिए अपनी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करे।
उन्होंने कहा कि एक पौधा लगाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उसकी नियमित देखभाल और संरक्षण भी उतना ही आवश्यक है। यदि हर व्यक्ति कम से कम एक पौधा लगाए और उसे वृक्ष बनने तक संरक्षित रखे, तो पर्यावरण संरक्षण की दिशा में बड़ा परिवर्तन लाया जा सकता है। उन्होंने लोगों से अपने घरों, विद्यालयों, कार्यालयों और सार्वजनिक स्थानों पर अधिक से अधिक पौधे लगाने का आह्वान किया।
मंत्री ने कहा कि हरित और स्वच्छ वातावरण किसी भी विकसित और समृद्ध समाज की पहचान होता है। राज्य सरकार पर्यावरण संरक्षण और हरित क्षेत्र के विस्तार के लिए विभिन्न योजनाओं और अभियानों के माध्यम से लगातार प्रयास कर रही है। हालांकि इन प्रयासों की सफलता तभी संभव है जब आम नागरिक भी इसमें सहभागी बनें और पर्यावरण संरक्षण को अपनी सामाजिक जिम्मेदारी समझें।
लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि प्रकृति हमें जीवन के लिए आवश्यक सभी संसाधन प्रदान करती है। इसलिए प्रकृति के प्रति संवेदनशील होना और उसके संरक्षण के लिए कार्य करना हम सभी का नैतिक कर्तव्य है। उन्होंने कहा कि यदि आज हम पर्यावरण के प्रति जागरूक होकर कदम उठाएंगे, तो आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ, सुरक्षित और स्वस्थ वातावरण प्रदान कर सकेंगे।
कार्यक्रम में उपस्थित जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और स्थानीय नागरिकों ने भी पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया। सभी ने मिलकर अधिक से अधिक वृक्ष लगाने और उनकी देखभाल करने का संकल्प दोहराया। विश्व पर्यावरण दिवस पर आयोजित यह कार्यक्रम पर्यावरण जागरूकता, सामुदायिक भागीदारी और प्रकृति संरक्षण के प्रति सामूहिक जिम्मेदारी का प्रेरणादायी संदेश देने में सफल रहा। साथ ही यह पहल हरित छत्तीसगढ़ के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में देखी जा रही है।