कबीरधाम में महिला पर नाबालिग से दुष्कर्म का आरोप, पोक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज
कबीरधाम जिले में एक महिला के खिलाफ नाबालिग बालक के साथ दुष्कर्म के आरोप में पोक्सो अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया है।
UNITED NEWS OF ASIA. सौरभ नामदेव, कवर्धा। छत्तीसगढ़ के कबीरधाम जिले से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसमें एक महिला के खिलाफ नाबालिग बालक के साथ दुष्कर्म का आरोप दर्ज किया गया है। इस मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी महिला को गिरफ्तार कर लिया है और उसके खिलाफ पोक्सो अधिनियम के तहत सख्त कार्रवाई की जा रही है।
यह कार्रवाई धर्मेन्द्र सिंह के निर्देशन में की गई। वहीं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पुष्पेन्द्र बघेल एवं अमित पटेल के मार्गदर्शन तथा एसडीओपी आशीष शुक्ला के पर्यवेक्षण में कबीरधाम पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू की।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, प्रार्थी ने थाना कोतवाली कबीरधाम में शिकायत दर्ज कराई कि उसकी पहचान एक महिला से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से हुई थी। धीरे-धीरे दोनों के बीच बातचीत और मुलाकात का सिलसिला शुरू हुआ, जो बाद में दोस्ती में बदल गया।
आरोप है कि 1 मार्च 2026 को महिला ने नाबालिग को भोरमदेव रोड स्थित एक होटल में बुलाया, जहां उसके साथ दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया गया। घटना के बाद आरोपी महिला द्वारा पीड़ित को डराया-धमकाया गया, जिससे वह मानसिक दबाव में आ गया और तत्काल शिकायत दर्ज नहीं करा सका।
कुछ समय बाद हिम्मत जुटाकर पीड़ित ने पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई। शिकायत मिलते ही थाना कोतवाली में अपराध क्रमांक 123/2026 के तहत पोक्सो अधिनियम की धारा 04 में मामला पंजीबद्ध किया गया और विवेचना शुरू की गई।
कबीरधाम पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए आरोपी महिला को गिरफ्तार कर लिया है और उसे न्यायिक रिमांड पर भेजा जा रहा है। पुलिस का कहना है कि इस मामले में कानून के तहत कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
इस कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक योगेश कश्यप, उप निरीक्षक दिव्या शर्मा एवं कोतवाली थाना की टीम का विशेष योगदान रहा।
पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि सोशल मीडिया के माध्यम से होने वाले संपर्कों में सतर्कता बरतें। विशेष रूप से नाबालिगों की सुरक्षा को लेकर अभिभावकों को जागरूक रहने की आवश्यकता है। किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि या उत्पीड़न की जानकारी तुरंत पुलिस को देने की सलाह दी गई है, ताकि समय पर कार्रवाई कर अपराधों पर रोक लगाई जा सके।
यह घटना समाज में बढ़ते साइबर संपर्कों के बीच सुरक्षा और जागरूकता की आवश्यकता को उजागर करती है। पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि ऐसे मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।