बलरामपुर में ईंट भट्ठे पर बड़ा हादसा, ट्रैक्टर पलटने से तीन नाबालिग बच्चे गंभीर घायल
बलरामपुर जिले के कमलापुर गांव में ईंट भट्ठे पर काम के दौरान बड़ा हादसा हो गया। ट्रैक्टर पलटने से तीन नाबालिग बच्चे गंभीर रूप से घायल हो गए। स्थानीय लोगों की मदद से बच्चों को कुसमी स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया, जहां से हालत गंभीर होने पर अंबिकापुर जिला अस्पताल रेफर किया गया। घटना के बाद बालश्रम को लेकर ग्रामीणों में भारी आक्रोश है और श्रम विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं।
UNITED NEWS OF ASIA. बलरामपुर जिले के कुसमी विकासखंड अंतर्गत कमलापुर गांव में ईंट भट्ठे पर काम के दौरान बड़ा हादसा हो गया। ट्रैक्टर पलटने की इस घटना में तीन नाबालिग बच्चे गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद इलाके में हड़कंप मच गया और स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को तत्काल कुसमी स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद बच्चों की हालत गंभीर होने पर उन्हें अंबिकापुर जिला अस्पताल रेफर किया गया है।
जानकारी के अनुसार कमलापुर गांव स्थित एक ईंट भट्ठे में नाबालिग बच्चों से काम कराया जा रहा था। इसी दौरान ट्रैक्टर पलट गया, जिसकी चपेट में आने से तीन बच्चे गंभीर रूप से घायल हो गए। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक हादसा अचानक हुआ, जिससे मौके पर अफरा-तफरी की स्थिति बन गई। आसपास मौजूद ग्रामीण तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे और बच्चों को बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाने में मदद की।
घटना के बाद ग्रामीणों में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है। लोगों का आरोप है कि क्षेत्र में लंबे समय से ईंट भट्ठों में बालश्रम कराया जा रहा है, लेकिन संबंधित विभाग इस पर कार्रवाई नहीं कर रहा। ग्रामीणों का कहना है कि 11 से 12 साल के मासूम बच्चों को जोखिम भरे काम में लगाया जाना बेहद गंभीर मामला है। हादसे के बाद लोगों ने श्रम विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते बालश्रम के खिलाफ कार्रवाई की गई होती तो शायद यह हादसा नहीं होता। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही क्षेत्र में संचालित ईंट भट्ठों की जांच कर वहां काम कर रहे बच्चों को सुरक्षित बाहर निकालने की मांग भी उठाई जा रही है।
सूत्रों के अनुसार हादसे के बाद प्रशासनिक स्तर पर जांच शुरू कर दी गई है। संबंधित अधिकारियों द्वारा घटना की जानकारी जुटाई जा रही है और ईंट भट्ठा संचालकों से पूछताछ की तैयारी की जा रही है। हालांकि खबर लिखे जाने तक इस मामले में किसी प्रकार की एफआईआर दर्ज होने या पुलिस कार्रवाई की पुष्टि नहीं हो सकी थी।
बाल अधिकारों से जुड़े जानकारों का कहना है कि नाबालिग बच्चों से मजदूरी कराना कानूनन अपराध है। खासकर खतरनाक और जोखिम वाले कार्यों में बच्चों को लगाना गंभीर उल्लंघन माना जाता है। इसके बावजूद कई ग्रामीण इलाकों में गरीबी और निगरानी की कमी के कारण बालश्रम की घटनाएं सामने आती रहती हैं।
हादसे के बाद क्षेत्र में दहशत और चिंता का माहौल बना हुआ है। घायल बच्चों के परिजन अस्पताल में इलाज को लेकर परेशान नजर आए। वहीं ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन को केवल जांच तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि ऐसे मामलों में जिम्मेदार लोगों पर कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करनी चाहिए ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
फिलहाल घायलों का इलाज अंबिकापुर जिला अस्पताल में जारी है और प्रशासन पूरे मामले की जांच में जुटा हुआ है।