बिजली दरों में बढ़ोतरी आम जनता पर अतिरिक्त बोझ, सरकार फैसला वापस ले : उत्तम जायसवाल
आम आदमी पार्टी ने छत्तीसगढ़ में घरेलू और गैर-घरेलू बिजली दरों में वृद्धि का विरोध किया है। पार्टी के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष उत्तम जायसवाल ने इसे आम उपभोक्ताओं, किसानों और छोटे कारोबारियों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ बताते हुए सरकार से फैसला वापस लेने की मांग की है।
UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l छत्तीसगढ़ में बिजली दरों में प्रस्तावित वृद्धि को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। आम आदमी पार्टी ने राज्य में घरेलू, गैर-घरेलू और कृषि उपभोक्ताओं के लिए बिजली दरों में बढ़ोतरी का विरोध करते हुए इसे आम जनता के साथ अन्याय बताया है।
पार्टी के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष उत्तम जायसवाल ने रायपुर में जारी एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा कि छत्तीसगढ़ जैसे बिजली अधिशेष (सरप्लस) राज्य में बिजली दरों में वृद्धि किया जाना समझ से परे है। उनका कहना है कि छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत नियामक आयोग द्वारा 1 जुलाई 2026 से घरेलू बिजली दरों में 6.23 प्रतिशत वृद्धि किए जाने का निर्णय आम उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डालेगा।
जायसवाल के अनुसार नई दरें लागू होने के बाद घरेलू बिजली उपभोक्ताओं को प्रति यूनिट 20 से 40 पैसे तक अधिक भुगतान करना पड़ सकता है। वहीं गैर-घरेलू श्रेणी के उपभोक्ताओं के लिए भी प्रति यूनिट 30 से 50 पैसे तक की वृद्धि की गई है। इसके अलावा कृषि पंप उपयोग करने वाले किसानों पर भी 20 से 40 पैसे प्रति यूनिट तक अतिरिक्त भार पड़ने की बात कही गई है।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार बड़े बकायादारों से बकाया राशि की वसूली करने में सफल नहीं हो पा रही है, जबकि आम उपभोक्ताओं पर लगातार आर्थिक बोझ बढ़ाया जा रहा है। उनका कहना है कि राज्य में बिजली उपभोक्ता पहले से ही बढ़े हुए बिजली बिलों को लेकर परेशान हैं और नई दरों के लागू होने से उनकी परेशानी और बढ़ेगी।
आम आदमी पार्टी ने यह भी दावा किया कि पिछले कुछ महीनों से उपभोक्ताओं को अपेक्षा से अधिक बिजली बिल मिल रहे हैं। पार्टी का आरोप है कि स्मार्ट मीटर लगाए जाने के बाद कई उपभोक्ताओं ने अधिक रीडिंग और बढ़े हुए बिलों की शिकायत की है। साथ ही बिजली बिल हाफ योजना बंद होने का मुद्दा भी उठाया गया।
उत्तम जायसवाल ने कहा कि बिजली कंपनियों के खर्चों को नियंत्रित करने के बजाय सरकार सीधे उपभोक्ताओं पर भार डाल रही है। उन्होंने इसे सरकार की विफलता बताते हुए कहा कि बिजली क्षेत्र में प्रभावी प्रबंधन की कमी का खामियाजा आम नागरिकों को भुगतना पड़ रहा है।
आम आदमी पार्टी ने राज्य सरकार से बढ़ी हुई बिजली दरों को वापस लेने की मांग की है। पार्टी का कहना है कि यदि सरकार इस निर्णय पर पुनर्विचार नहीं करती है तो आने वाले समय में व्यापक जनआंदोलन किया जाएगा। पार्टी ने संकेत दिए हैं कि जनता के हितों से जुड़े इस मुद्दे को लेकर सड़क से लेकर विभिन्न लोकतांत्रिक मंचों तक विरोध दर्ज कराया जाएगा।
पार्टी नेताओं का कहना है कि बिजली जैसी मूलभूत सुविधा आम नागरिकों की जरूरत से जुड़ी है और किसी भी दर वृद्धि से पहले उपभोक्ताओं की आर्थिक स्थिति तथा राज्य की ऊर्जा क्षमता को ध्यान में रखा जाना चाहिए। फिलहाल बिजली दरों में वृद्धि का मुद्दा प्रदेश की राजनीति में चर्चा का विषय बना हुआ है।