बालोद में जल संचय अभियान 2.0 की समीक्षा, 31 मई तक अधिक जल संरचनाएं बनाने के निर्देश
बालोद कलेक्टर दिव्या उमेश मिश्रा ने जल संचय, जन भागीदारी अभियान 2.0 के कार्यों की समीक्षा करते हुए 31 मई तक अधिक से अधिक जल संरचनाओं के निर्माण और उनकी शत-प्रतिशत ऑनलाइन एंट्री के निर्देश दिए।
UNITED NEWS OF ASIA. सुनील कुमार साहू, बालोद। बालोद जिले में जल संरक्षण को लेकर प्रशासन ने अपनी सक्रियता तेज कर दी है। कलेक्टर दिव्या उमेश मिश्रा ने “जल संचय, जन भागीदारी अभियान 2.0” के तहत चल रहे कार्यों की विस्तृत समीक्षा करते हुए सभी विभागों को तय समय सीमा में लक्ष्य पूरा करने के सख्त निर्देश दिए हैं।
संयुक्त जिला कार्यालय के सभाकक्ष में आयोजित बैठक में कलेक्टर ने जिले में जल संरक्षण के लिए किए जा रहे प्रयासों की विभागवार समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि 31 मई तक अधिक से अधिक जल संरचनाओं का निर्माण सुनिश्चित किया जाए और इन सभी कार्यों की शत-प्रतिशत एंट्री JSJB Portal पर अनिवार्य रूप से की जाए।
बैठक के दौरान कलेक्टर ने एक-एक विभाग से उनके निर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने स्पष्ट किया कि जल संरक्षण केवल एक सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि जनभागीदारी से जुड़ा एक महत्वपूर्ण अभियान है, जिसमें सभी विभागों की सक्रिय भूमिका जरूरी है।
इस दौरान शिक्षा विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग, खाद्य विभाग, सहकारिता विभाग सहित अन्य संबंधित विभागों के अधिकारियों से उनके अधीन संचालित जल संरचना निर्माण कार्यों की जानकारी ली गई। इसके साथ ही जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों और नगर पालिकाओं के अधिकारियों से भी उनके क्षेत्रों में किए जा रहे कार्यों की समीक्षा की गई।
कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे इस अभियान को प्राथमिकता में रखें और निर्माण कार्यों को निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा करें। उन्होंने यह भी कहा कि कार्यों की गुणवत्ता से किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाना चाहिए और प्रत्येक निर्माण कार्य का सही तरीके से दस्तावेजीकरण किया जाए।
बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी सुनील चंद्रवंशी, अपर कलेक्टर चंद्रकांत कौशिक, जल संसाधन विभाग के कार्यपालन अभियंता पीयूष देवांगन सहित लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, लोक निर्माण विभाग और ग्रामीण यांत्रिकी सेवा विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।
कलेक्टर ने यह भी कहा कि जल संरक्षण के इस अभियान का उद्देश्य केवल संरचनाएं बनाना नहीं, बल्कि भविष्य के लिए जल सुरक्षा सुनिश्चित करना है। उन्होंने अधिकारियों से आग्रह किया कि वे आम नागरिकों को भी इस अभियान से जोड़ें और उन्हें जल संरक्षण के महत्व के प्रति जागरूक करें।
जिले में बढ़ते जल संकट को देखते हुए यह अभियान अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। यदि सभी विभाग समन्वय के साथ कार्य करें और समय पर लक्ष्यों को पूरा करें, तो आने वाले समय में बालोद जिले में जल स्तर को सुधारने में बड़ी सफलता मिल सकती है।
कुल मिलाकर, प्रशासन की इस पहल से यह स्पष्ट है कि बालोद में जल संरक्षण को लेकर गंभीर प्रयास किए जा रहे हैं और आने वाले दिनों में इसके सकारात्मक परिणाम देखने को मिल सकते हैं।