कांकेर-नारायणपुर बॉर्डर पर सुरक्षा बलों की बड़ी सफलता, जंगल से भारी मात्रा में हथियार और विस्फोटक बरामद
कांकेर जिले के कांकेर-नारायणपुर सीमावर्ती क्षेत्र में सुरक्षा बलों ने नक्सल विरोधी अभियान के दौरान बड़ी सफलता हासिल की है। संयुक्त सर्चिंग अभियान में जंगलों में छिपाकर रखे गए हथियार, विस्फोटक और नक्सली सामग्री बरामद की गई। जिला पुलिस, डीआरजी और बीएसएफ की संयुक्त टीम ने कार्रवाई को अंजाम दिया।
UNITED NEWS OF ASIA. राजेन्द्र मंडावी, कांकेर l कांकेर जिले के कांकेर-नारायणपुर सीमावर्ती क्षेत्र में सुरक्षा बलों ने नक्सल विरोधी अभियान के दौरान बड़ी सफलता हासिल की है। संयुक्त सर्चिंग अभियान के दौरान जंगलों में छिपाकर रखे गए भारी मात्रा में हथियार, विस्फोटक सामग्री और नक्सल साहित्य बरामद किया गया। सुरक्षा एजेंसियों की इस कार्रवाई को नक्सल गतिविधियों के खिलाफ महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।
जानकारी के अनुसार यह अभियान बस्तर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक सुन्दरराज पी., कांकेर पुलिस अधीक्षक निखिल राखेचा और बीएसएफ अधिकारियों के निर्देशन में चलाया गया। थाना कोयलीबेड़ा क्षेत्र अंतर्गत ग्राम गुमचूर के जंगल और पहाड़ी इलाके में जिला पुलिस, डीआरजी और बीएसएफ की संयुक्त टीम सर्चिंग अभियान पर निकली थी। इसी दौरान सुरक्षा बलों को नक्सलियों द्वारा छिपाकर रखा गया डम्प मिला।
सर्चिंग के दौरान मौके से बड़ी मात्रा में हथियार और विस्फोटक सामग्री बरामद की गई। अधिकारियों के मुताबिक डम्प से .303 रायफल के 42 राउंड, 7.62 एसएलआर के 75 राउंड, 5.56 रायफल के राउंड, एसएलआर मैग्जीन फिलर, स्टील कंटेनर, इलेक्ट्रिक डेटोनेटर और नक्सल साहित्य बरामद हुआ है। सुरक्षा बलों ने पूरे इलाके की घेराबंदी कर सावधानीपूर्वक तलाशी अभियान चलाया।
अधिकारियों का कहना है कि बरामद हथियार और विस्फोटक सामग्री का इस्तेमाल नक्सली किसी बड़ी घटना को अंजाम देने के लिए कर सकते थे। समय रहते सुरक्षा बलों की कार्रवाई से नक्सलियों की योजना विफल हो गई। बरामद सामग्री को कब्जे में लेकर नियमानुसार कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
सुरक्षा बलों ने क्षेत्र में सर्चिंग अभियान और तेज कर दिया है। अधिकारियों के अनुसार कांकेर और नारायणपुर के सीमावर्ती जंगल लंबे समय से नक्सल गतिविधियों के लिए संवेदनशील माने जाते रहे हैं। ऐसे इलाकों में लगातार अभियान चलाकर नक्सलियों के ठिकानों और उनके नेटवर्क को कमजोर करने की कोशिश की जा रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि लगातार हो रही संयुक्त कार्रवाइयों से नक्सल संगठनों पर दबाव बढ़ रहा है। पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा बलों द्वारा जंगलों में चलाए जा रहे ऑपरेशन के कारण नक्सलियों की गतिविधियों और उनके संसाधनों पर असर पड़ रहा है।
स्थानीय स्तर पर भी सुरक्षा बलों की इस कार्रवाई को बड़ी सफलता के रूप में देखा जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि लगातार अभियान चलने से इलाके में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत हुई है और लोगों में विश्वास बढ़ा है। वहीं सुरक्षा एजेंसियों ने आम नागरिकों से भी सहयोग की अपील की है, ताकि संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी समय पर मिल सके।
अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में अभियान लगातार जारी रहेगा और किसी भी प्रकार की हिंसक गतिविधि को रोकने के लिए सुरक्षा बल पूरी तरह सतर्क हैं। फिलहाल बरामद सामग्री की जांच की जा रही है और सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि यह डम्प किस नक्सली संगठन से जुड़ा हुआ था।