उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने किया 'जोहार जगन्नाथ' कार्यक्रम का शुभारंभ, मनोकामना रथ को दिखाई हरी झंडी
रायपुर के ए.टी. पैलेस में आयोजित 'जोहार जगन्नाथ' कार्यक्रम का शुभारंभ उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने मनोकामना रथ को हरी झंडी दिखाकर किया। कार्यक्रम में भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा की भव्य स्थापना के साथ मीडिया संवाद एवं धार्मिक आयोजन संपन्न हुए।
UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l भगवान जगन्नाथ की पावन रथयात्रा के अवसर पर रायपुर के कोतवाली चौक स्थित ए.टी. पैलेस में आयोजित "जोहार जगन्नाथ" कार्यक्रम का शुभारंभ उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने मनोकामना रथ को हरी झंडी दिखाकर किया। कार्यक्रम में भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और माता सुभद्रा की भव्य स्थापना वैदिक मंत्रोच्चार और विधि-विधान के साथ संपन्न हुई।
इस अवसर पर अरुण साव ने कहा कि "जोहार जगन्नाथ" केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि भगवान जगन्नाथ की भक्ति, आस्था और सेवा से जुड़ा जन अभियान है। उन्होंने कहा कि मनोकामना रथ के माध्यम से श्रद्धालुओं की भावनाएं भगवान के श्रीचरणों तक पहुंचेंगी और पुरी धाम से लाया गया महाप्रसाद जन-जन तक पहुंचेगा। उन्होंने प्रदेश की सुख-समृद्धि, शांति और उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए इस पहल को समाज को आध्यात्मिक चेतना से जोड़ने वाला महत्वपूर्ण प्रयास बताया।
ए.टी. पैलेस परिसर में आयोजित धार्मिक अनुष्ठान में तिलोकचंद बरड़िया, मंजू बरड़िया, बरड़िया परिवार के सदस्य तथा अनोपचंद तिलोकचंद ज्वेलर्स के अधिकारी एवं कर्मचारियों ने भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा की पूजा-अर्चना एवं महाआरती कर प्रदेशवासियों के कल्याण की प्रार्थना की। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे।
भगवान जगन्नाथ की स्थापना के बाद आयोजित मीडिया संवाद में संस्था के पदाधिकारियों ने "जोहार जगन्नाथ" कार्यक्रम की अवधारणा, उसके सामाजिक एवं आध्यात्मिक उद्देश्यों तथा ज्वेलरी उद्योग की वर्तमान स्थिति और भविष्य की संभावनाओं पर विस्तार से जानकारी साझा की।
तिलोकचंद बरड़िया ने बताया कि वर्ष 1957 में भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा के दिन स्थापित अनोपचंद तिलोकचंद ज्वेलर्स अब अपने गौरवशाली 70वें वर्ष में प्रवेश कर चुका है। उन्होंने कहा कि संस्था व्यापार के साथ-साथ सामाजिक, सांस्कृतिक और धार्मिक गतिविधियों में भी सक्रिय भूमिका निभाती रही है। कार्यक्रम का उद्देश्य अधिक से अधिक श्रद्धालुओं को भगवान जगन्नाथ से जोड़ना और उनकी मनोकामनाओं को प्रभु तक पहुंचाने का माध्यम बनना है।
नितिन बरड़िया ने ज्वेलरी उद्योग में आधुनिक तकनीक, गुणवत्ता और पारदर्शिता के बढ़ते महत्व पर प्रकाश डाला, जबकि निकेश बरड़िया ने बताया कि 9 से 16 जुलाई तक श्रद्धालु ए.टी. पैलेस में अपनी मनोकामनाएं लिखकर भगवान जगन्नाथ को समर्पित कर सकेंगे। प्रतिदिन पुरी धाम से लाए गए महाप्रसाद का वितरण भी किया जाएगा। साथ ही संस्था के 70वें स्थापना वर्ष पर रील प्रतियोगिता आयोजित की गई है, जिसमें विजेताओं को 15 हजार, 11 हजार और 5,100 रुपये के नकद पुरस्कार दिए जाएंगे।
कार्यक्रम के समापन पर मीडिया प्रतिनिधियों और अतिथियों के लिए म्यूजिकल तंबोला एवं लंच का आयोजन किया गया। अंत में तिलोकचंद बरड़िया ने सभी अतिथियों और मीडिया प्रतिनिधियों का आभार व्यक्त करते हुए प्रदेशवासियों से "जोहार जगन्नाथ" कार्यक्रम में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने की अपील की।