बालोद में राजस्व पखवाड़ा: गुरूर और डौण्डीलोहारा में लग रहे शिविर, समस्याओं का मौके पर समाधान
बालोद जिले में राजस्व पखवाड़ा के तहत गुरूर और डौण्डीलोहारा अनुविभाग में शिविर आयोजित कर नागरिकों की राजस्व संबंधी समस्याओं का त्वरित निराकरण किया जा रहा है।
UNITED NEWS OF ASIA. सुनील कुमार साह, बालोद। बालोद जिले में आम नागरिकों की राजस्व संबंधी समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए “राजस्व पखवाड़ा” के अंतर्गत विशेष शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। राज्य शासन के निर्देशानुसार जिले के सभी क्षेत्रों की तरह गुरूर और डौण्डीलोहारा अनुविभाग के राजस्व ग्रामों में भी 1 अप्रैल से नियमित रूप से शिविर लगाए जा रहे हैं।
इन शिविरों का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में लंबित राजस्व प्रकरणों का शीघ्र निराकरण करना और आम नागरिकों को उनके अधिकारों से संबंधित सेवाएं सरलता से उपलब्ध कराना है। शिविरों में नामांतरण, बटवारा, नक्शा सुधार, त्रुटि सुधार, आय, जाति, निवास प्रमाण पत्र सहित अन्य राजस्व मामलों से जुड़े आवेदन स्वीकार किए जा रहे हैं। विशेष बात यह है कि पात्र मामलों का मौके पर ही निराकरण भी किया जा रहा है, जिससे लोगों को कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ रहे हैं।
प्रशासन द्वारा इस अभियान को तीन चरणों में आयोजित किया जा रहा है। पहला चरण 1 अप्रैल से 15 अप्रैल 2026 तक, दूसरा चरण 4 मई से 18 मई 2026 तक और तीसरा चरण 1 जून से 15 जून 2026 तक निर्धारित किया गया है। इन निर्धारित तिथियों में संबंधित ग्रामों में शिविर लगाए जाएंगे, जिसकी सूचना पहले से ही मुनादी और अन्य माध्यमों से ग्रामीणों तक पहुंचाई जा रही है।
अनुविभागीय अधिकारी राजस्व रामकुमार सोनकर ने बताया कि गुरूर क्षेत्र में शिविरों की जानकारी समय-समय पर दी जा रही है, ताकि अधिक से अधिक लोग इसका लाभ उठा सकें। वहीं शिवनाथ बघेल ने बताया कि डौण्डीलोहारा अनुविभाग में इस अभियान को सफल बनाने के लिए तहसीलदार, नायब तहसीलदार और अन्य अधिकारियों द्वारा नियमित रूप से शिविरों का निरीक्षण किया जा रहा है।
उन्होंने यह भी बताया कि शिविरों में प्राप्त आवेदनों का प्राथमिकता के आधार पर निराकरण सुनिश्चित किया जा रहा है। इससे न केवल लोगों की समस्याएं कम हो रही हैं, बल्कि प्रशासन के प्रति विश्वास भी मजबूत हो रहा है।
राजस्व अधिकारियों ने जिले के नागरिकों से अपील की है कि वे अपने लंबित राजस्व मामलों के समाधान के लिए निर्धारित तिथियों में आयोजित शिविरों में उपस्थित होकर इस जनहितकारी पहल का लाभ उठाएं।
यह पहल ग्रामीण क्षेत्रों में प्रशासनिक सेवाओं की पहुंच बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। इससे न केवल पारदर्शिता बढ़ेगी, बल्कि समयबद्ध तरीके से समस्याओं का समाधान भी संभव हो सकेगा।
कुल मिलाकर, बालोद जिले में चल रहा राजस्व पखवाड़ा अभियान शासन और प्रशासन की जनहितकारी सोच को दर्शाता है, जो आम जनता की समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर हल करने के लिए प्रतिबद्ध है।