कुसमी में जमीन विवाद ने पकड़ा तूल, पीड़ित ने आत्मदाह की चेतावनी दी, भू-माफियाओं पर फर्जी पट्टे का आरोप

बलरामपुर जिले के कुसमी नगर पंचायत में जमीन विवाद का मामला गंभीर हो गया है। पीड़ित अमजद उर्फ जाकिर हुसैन ने भू-माफियाओं और राजस्व विभाग के अधिकारियों पर फर्जी पट्टा बनाकर पुश्तैनी जमीन हड़पने का आरोप लगाया है। न्याय नहीं मिलने पर उन्होंने कलेक्टर और एसपी कार्यालय के सामने आत्मदाह की चेतावनी दी है।

May 26, 2026 - 16:23
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कुसमी में जमीन विवाद ने पकड़ा तूल, पीड़ित ने आत्मदाह की चेतावनी दी, भू-माफियाओं पर फर्जी पट्टे का आरोप

UNITED NEWS OF ASIA. अली खान, बलरामपुर l बलरामपुर जिले के नगर पंचायत कुसमी से जमीन विवाद का एक गंभीर मामला सामने आया है, जिसने स्थानीय प्रशासन और राजस्व व्यवस्था पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। कुसमी मुख्य मार्ग के किनारे टायर की छोटी दुकान चलाकर परिवार का पालन-पोषण करने वाले अमजद उर्फ जाकिर हुसैन ने भू-माफियाओं और राजस्व विभाग के कुछ अधिकारियों पर पुश्तैनी जमीन हड़पने का आरोप लगाया है। पीड़ित ने न्याय नहीं मिलने पर कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक कार्यालय के सामने आत्मदाह करने की चेतावनी दी है।

पीड़ित परिवार का कहना है कि वे पिछले तीन पीढ़ियों से उक्त जमीन पर रह रहे हैं। जाकिर हुसैन के अनुसार उनके पिता ने वर्ष 1995 में घरेलू जरूरतों के चलते अपनी जमीन का केवल 1 डिसमिल हिस्सा बेचा था। आरोप है कि जमीन खाली देखकर खरीदार की नीयत बदल गई और राजस्व अधिकारियों तथा कर्मचारियों की मिलीभगत से लगभग 5 डिसमिल जमीन का फर्जी पट्टा तैयार करवा लिया गया।

मामले में सबसे बड़ा विवाद दस्तावेजों की तारीखों को लेकर सामने आया है। जाकिर हुसैन का दावा है कि उनके पिता को उक्त जमीन का पट्टा वर्ष 1980-85 के बीच तत्कालीन कलेक्टर द्वारा जारी किया गया था। जबकि दूसरी ओर विपक्षी पक्ष यह दावा कर रहा है कि उनके पास इसी जमीन का पट्टा वर्ष 1972 का है। पीड़ित पक्ष का कहना है कि जब जमीन मूल रूप से उनके परिवार के कब्जे में थी, तो 1972 में किसी दूसरे व्यक्ति को पट्टा कैसे जारी हो सकता है।

यह पूरा मामला वर्तमान में रामानुजगंज सिविल कोर्ट में लंबित है। इसके बावजूद पीड़ित परिवार ने आरोप लगाया है कि बीते दिनों विपक्षी पक्ष प्रशासनिक और पुलिस बल के साथ विवादित जमीन पर कब्जा करने पहुंच गया। पीड़ितों का कहना है कि जब मामला न्यायालय में विचाराधीन है, तब किसी भी प्रकार की कब्जे की कार्रवाई नियमों के खिलाफ है।

घटना से आहत होकर अमजद उर्फ जाकिर हुसैन ने कुसमी थाना, तहसील कार्यालय और जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपा है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि निष्पक्ष जांच नहीं हुई और भू-माफियाओं के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई, तो वे आत्मदाह जैसा कदम उठाने को मजबूर होंगे।

मामले की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय मुस्लिम समाज भी सक्रिय हो गया है। समाज के वरिष्ठ पदाधिकारियों और सदस्यों ने दोनों पक्षों के बीच संवाद कर विवाद को शांतिपूर्ण तरीके से सुलझाने की पहल की है। समाज की ओर से एक सप्ताह का समय लेकर दोनों पक्षों से शांति बनाए रखने की अपील की गई है।

स्थानीय लोगों का आरोप है कि बलरामपुर जिले में भू-माफियाओं का नेटवर्क तेजी से सक्रिय हो रहा है। सरकारी और निजी जमीनों के रिकॉर्ड में कथित हेराफेरी कर जमीन कब्जाने के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। लोगों का कहना है कि कई बार प्रभावशाली लोगों को बचाने के लिए छोटे कर्मचारियों पर कार्रवाई कर मामले को दबा दिया जाता है।

अब इस मामले में प्रशासन और न्यायालय की अगली कार्रवाई पर सभी की नजर टिकी हुई है। वहीं पीड़ित परिवार न्याय की मांग को लेकर लगातार संघर्ष कर रहा है।