पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, प्रार्थी लोकनाथ विश्वकर्मा ने थाना विधानसभा में शिकायत दर्ज कराई कि 4 मार्च 2026 की सुबह लगभग 9 बजे उसके पोते की तबीयत अचानक खराब हो गई थी। बच्चे की स्थिति को देखते हुए दिनेश कुमार विश्वकर्मा उसे अस्पताल लेकर गया था।
इसी बात को लेकर परिवार में विवाद खड़ा हो गया। दिनेश के भाई कमलेश विश्वकर्मा और अखिलेश विश्वकर्मा ने उससे सवाल किया कि वह बच्चे को अस्पताल क्यों लेकर गया। इसी बात पर तीनों भाइयों के बीच बहस शुरू हो गई, जो देखते ही देखते हिंसक झगड़े में बदल गई।
आरोप है कि कमलेश और अखिलेश ने मिलकर दिनेश विश्वकर्मा के साथ हाथ-मुक्कों और डंडे से मारपीट शुरू कर दी। गंभीर रूप से घायल होने के कारण दिनेश की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद परिवार और गांव में सनसनी फैल गई।
मामले की जानकारी मिलते ही विधानसभा थाना पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए अपराध क्रमांक 81/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103(1) और 3(5) के अंतर्गत मामला दर्ज किया।
वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के निर्देशन और थाना प्रभारी विधानसभा के नेतृत्व में पुलिस टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और जांच शुरू की। जांच के दौरान पुलिस ने आरोपी कमलेश विश्वकर्मा और अखिलेश विश्वकर्मा को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से घटना में प्रयुक्त डंडा भी जब्त कर लिया है, जिसे साक्ष्य के रूप में रखा गया है। दोनों आरोपियों से पूछताछ जारी है और आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान कमलेश विश्वकर्मा (27 वर्ष) और अखिलेश विश्वकर्मा (32 वर्ष) के रूप में हुई है। दोनों ग्राम मटिया, थाना विधानसभा, रायपुर के निवासी हैं। दोनों आरोपी मृतक दिनेश कुमार विश्वकर्मा के सगे भाई बताए जा रहे हैं।
इस घटना ने एक बार फिर पारिवारिक विवादों के खतरनाक परिणामों को उजागर कर दिया है। मामूली बात पर शुरू हुआ विवाद इतना बढ़ गया कि उसने एक व्यक्ति की जान ले ली।
फिलहाल पुलिस मामले की विस्तृत जांच कर रही है और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा रही है। गांव में घटना के बाद शोक और तनाव का माहौल बना हुआ है।