पैरी उद्गम स्थल भाठीगढ़ में त्रि-दिवसीय संगीतमय श्री रामचरित मानस सम्मेलन का भव्य आयोजन

मैनपुर से 3 किमी दूर पैरी उद्गम स्थल ग्राम भाठीगढ़ में 27 से 29 जनवरी 2026 तक त्रि-दिवसीय संगीतमय श्री रामचरित मानस सम्मेलन आयोजित किया जा रहा है। दूसरे दिन राम-सीता विवाह प्रसंग सहित भक्ति गीतों से वातावरण भक्तिमय हो उठा।

Jan 28, 2026 - 17:30
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पैरी उद्गम स्थल भाठीगढ़ में त्रि-दिवसीय संगीतमय श्री रामचरित मानस सम्मेलन का भव्य आयोजन

UNITED NEWS OF ASIA. रुपेश साहू, गरियाबंद | मैनपुर से लगभग 3 किलोमीटर दूर स्थित पवित्र पैरी उद्गम स्थल ग्राम भाठीगढ़ में त्रि-दिवसीय संगीतमय  रामचरित मानस सम्मेलन का भव्य आयोजन किया जा रहा है। यह धार्मिक आयोजन 27 जनवरी 2026 से 29 जनवरी 2026 तक श्रद्धा, भक्ति और आस्था के साथ संपन्न हो रहा है। आयोजन स्थल पर प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचकर रामकथा का श्रवण कर पुण्य लाभ अर्जित कर रहे हैं।UNITED NEWS OF ASIA. सम्मेलन के दूसरे दिन कथा वाचक  राम रूचि मानस परिवार, कोलियायारी (भखारा), जिला धमतरी द्वारा अत्यंत भावपूर्ण और संगीतमय प्रस्तुति दी गई। इस दौरान कथा वाचक श्रीमती राधा साहू ने भगवान श्री राम एवं माता सीता के विवाह प्रसंग को अत्यंत रोचक, भावनात्मक और भक्तिरस से ओत-प्रोत ढंग से प्रस्तुत किया। उन्होंने शिव धनुष भंग, सीता स्वयंवर, जयमाला प्रसंग एवं चारों भाइयों के विवाह की कथा का सजीव वर्णन कर श्रोताओं को भाव-विभोर कर दिया।

कार्यक्रम के दौरान कुमारी द्रोपति साहू द्वारा प्रस्तुत भक्तिमय गीतों ने संपूर्ण वातावरण को भक्तिरस में सराबोर कर दिया। श्रद्धालु देर तक कथा और भजनों में लीन नजर आए। दूसरे दिन की प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम स्थल को राममय बना दिया।

आयोजन के प्रथम दिन विभिन्न मानस परिवारों द्वारा सुंदर प्रस्तुतियाँ दी गईं, जिनमें जय भोला मानस परिवार भाठीगढ़, जय मां शीतला मानस परिवार धवलपुर, संगम मानस परिवार छिपली, तुलसी के संदेश मानस परिवार गागरा कुरूद, भवानी महिला मानस परिवार फूर्रा भखारा तथा गंधर्व मानस परिवार भैंसमुंडी भानूप्रतापपुर शामिल रहे। वहीं द्वितीय दिवस जय मां पैरी गंगा मानस परिवार गढ़ियाभाठा, श्रीराम जानकी मानस परिवार विरौद (अभनपुर), जय दंतेश्वरी मानस परिवार टोकरो (अभनपुर), श्रीराम रूचि मानस परिवार कोलियायारी तथा जगजननी मानस परिवार बठेना (धमतरी) द्वारा भी भव्य प्रस्तुतियाँ दी गईं।

सम्मेलन के दौरान पूरे दिन श्रद्धालु भक्तों के लिए भंडारे की व्यवस्था की गई है, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु प्रसाद ग्रहण कर रहे हैं। आयोजन समिति एवं ग्रामवासियों के सहयोग से यह धार्मिक आयोजन क्षेत्र में आस्था, संस्कृति और सामाजिक एकता का संदेश दे रहा है।