डॉ. ए.के. द्विवेदी को मिली राष्ट्रीय स्तर की बड़ी जिम्मेदारी, NEIAH की वैज्ञानिक सलाहकार समिति में हुए शामिल

इंदौर के वरिष्ठ होम्योपैथी चिकित्सक डॉ. ए.के. द्विवेदी को भारत सरकार के आयुष मंत्रालय द्वारा शिलांग स्थित पूर्वोत्तर आयुर्वेद एवं होम्योपैथी संस्थान (NEIAH) की वैज्ञानिक सलाहकार समिति में सदस्य नामित किया गया है। यह मनोनयन तीन वर्षों के लिए किया गया है, जिससे इंदौर, मध्यप्रदेश और होम्योपैथी जगत को राष्ट्रीय स्तर पर गौरव प्राप्त हुआ है।

Jan 25, 2026 - 16:32
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डॉ. ए.के. द्विवेदी को मिली राष्ट्रीय स्तर की बड़ी जिम्मेदारी, NEIAH की वैज्ञानिक सलाहकार समिति में हुए शामिल

UNITED NEWS OF ASIA. हसिब अख्तर, रायपुर  | इंदौर चिकित्सा एवं आयुष क्षेत्र में इंदौर ने एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर पर अपनी सशक्त पहचान दर्ज कराई है। भारत सरकार के आयुष मंत्रालय ने शहर के वरिष्ठ एवं प्रतिष्ठित होम्योपैथी चिकित्सक डॉ. ए.के. द्विवेदी को शिलांग (मेघालय) स्थित पूर्वोत्तर आयुर्वेद एवं होम्योपैथी संस्थान (NEIAH) की वैज्ञानिक सलाहकार समिति में सदस्य (होम्योपैथी विशेषज्ञ) के रूप में नामित किया है।

संस्थान द्वारा 23 जनवरी 2026 को जारी आधिकारिक पत्र के अनुसार, आयुष मंत्रालय के निर्देशों के तहत डॉ. द्विवेदी को आगामी तीन वर्षों के लिए यह महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है। उल्लेखनीय है कि NEIAH भारत सरकार के अधीन पूर्वोत्तर भारत का एकमात्र स्वायत्त आयुष संस्थान है, जहाँ आयुर्वेद एवं होम्योपैथी की उच्च शिक्षा, अनुसंधान तथा चिकित्सा सेवाएँ एक ही परिसर में संचालित की जाती हैं।

इस उपलब्धि पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए डॉ. ए.के. द्विवेदी ने कहा कि यह दायित्व उनके लिए सम्मान के साथ-साथ एक बड़ी जिम्मेदारी भी है। उन्होंने कहा कि पूर्वोत्तर भारत औषधीय संपदा और संभावनाओं से भरपूर क्षेत्र है और वे अपने अनुभवों के माध्यम से शोध कार्यों को नई दिशा देने का प्रयास करेंगे। साथ ही आयुर्वेद और होम्योपैथी के समन्वय से जनस्वास्थ्य सेवाओं को अधिक प्रभावी बनाने में योगदान देंगे।

डॉ. द्विवेदी के मनोनयन पर  गुजराती समाज, एस.के.आर.पी. गुजराती होम्योपैथी मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य, शिक्षकगण एवं सहकर्मियों ने हर्ष व्यक्त करते हुए उन्हें बधाई दी। विशेषज्ञों का मानना है कि उनका दीर्घ अनुभव संस्थान की नीतिगत योजना, शैक्षणिक विकास और अनुसंधान गतिविधियों को सुदृढ़ करने में अहम भूमिका निभाएगा।

गौरतलब है कि डॉ. ए.के. द्विवेदी वर्ष 2015 से केंद्रीय होम्योपैथी अनुसंधान परिषद (CCRH), आयुष मंत्रालय में वैज्ञानिक सलाहकार बोर्ड के सदस्य के रूप में भी सेवाएँ दे रहे हैं। अप्लास्टिक एनीमिया एवं हीमैटोहाइड्रोसिस जैसी दुर्लभ बीमारियों के उपचार में उनकी विशेषज्ञता के कारण देशभर से मरीज इंदौर आते हैं।

उन्होंने बताया कि पिछले 27 वर्षों से संचालित एनीमिया जागरूकता अभियान को भी केंद्रीय स्तर पर सराहना मिली है। इसी क्रम में इस वर्ष इंदौर में यह अभियान 22 फरवरी से 1 मार्च तक आयोजित किया जाएगा, जिसमें सांसद सेवा प्रकल्प भी सहयोगी रहेगा। यह अभियान आयुष मेडिकल वेलफेयर फाउंडेशन एवं अन्य संस्थाओं के माध्यम से जनहित में संचालित किया जाता है।

डॉ. द्विवेदी ने कहा कि यह उपलब्धि केवल उनकी व्यक्तिगत सफलता नहीं, बल्कि इंदौर, मध्यप्रदेश और समूचे होम्योपैथी जगत के लिए गर्व का विषय है।