विधानसभा में विधायक भावना बोहरा ने उठाए कृषि, शिक्षा, मत्स्य पालन और ऐतिहासिक धरोहर संरक्षण के मुद्दे
पंडरिया विधायक भावना बोहरा ने विधानसभा सत्र के अंतिम दिन कबीरधाम जिले से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों को उठाया। उन्होंने कृषि विकास, आदिवासी छात्रावासों में रिक्त पद, मत्स्य पालन योजनाओं और राज्य के ऐतिहासिक स्थलों के संरक्षण पर सरकार से जवाब मांगा।
UNITED NEWS OF ASIA. कवर्धा | पंडरिया विधायक भावना बोहरा ने विधानसभा सत्र के अंतिम दिन कबीरधाम जिला एवं प्रदेश से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों को उठाया। उन्होंने कृषि विकास, किसानों के कल्याण, आदिवासी आश्रम एवं छात्रावासों में रिक्त पदों की स्थिति, मत्स्य पालन को बढ़ावा देने वाली योजनाओं तथा राज्य के ऐतिहासिक एवं पुरातात्विक स्थलों के संरक्षण से संबंधित प्रश्न पूछे।
कृषि और किसान कल्याण पर सवाल
विधायक भावना बोहरा ने पंडरिया विधानसभा क्षेत्र के कुल कृषि रकबे एवं उर्वरक और प्रमाणित बीज की मांग, भंडारण और वितरण की जानकारी मांगी।
सरकार की ओर से बताया गया कि क्षेत्र में कुल 1,46,124 हेक्टेयर कृषि भूमि है, जिसमें कवर्धा, पंडरिया और सहसपुर लोहारा शामिल हैं।
वर्ष 2023-24, 2024-25 और 2025-26 के दौरान खरीफ और रबी सीजन में खाद के लक्ष्य से अधिक भंडारण और वितरण किए जाने की जानकारी दी गई, जिससे किसानों को पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित हुई।
आदिवासी छात्रावासों में रिक्त पद
कबीरधाम जिले के आदिवासी आश्रम, शालाओं और छात्रावासों में अधीक्षकों के 44 पद रिक्त होने की जानकारी सामने आई।
सरकार ने बताया कि इन पदों की पूर्ति की प्रक्रिया जारी है, हालांकि समय-सीमा स्पष्ट नहीं की गई है।
छात्रवृत्ति में विलंब के सवाल पर विभाग ने स्पष्ट किया कि केवल दो मामलों में आधार सीडिंग और बैंक खाता बंद होने के कारण भुगतान प्रभावित हुआ है। नई व्यवस्था के तहत अब समय पर भुगतान सुनिश्चित किया जा रहा है।
मत्स्य पालन योजनाओं की स्थिति
नेशनल फिशरीज डिजिटल प्लेटफॉर्म (NFDP) के तहत कबीरधाम जिले में 1448 मत्स्य पालक पंजीकृत हैं।
अब तक 1250 लाभार्थियों को 49.72 लाख रुपये की सहायता दी जा चुकी है।
जिले में 5 मछली पालन केंद्र सक्रिय हैं।
वित्तीय वर्ष 2024-25 में 52.02 लाख रुपये तथा 2025-26 में 60.59 लाख रुपये का बजट स्वीकृत कर पूर्ण रूप से व्यय किया गया, जिससे बड़ी संख्या में हितग्राही लाभान्वित हुए।
ऐतिहासिक स्थलों के संरक्षण पर सरकार का जवाब
राज्य में कुल 109 संरक्षित ऐतिहासिक एवं पुरातात्विक स्थल हैं, जिनमें 46 केंद्र और 63 राज्य संरक्षित हैं।
सरकार के अनुसार सभी स्मारक संरचनात्मक रूप से सुरक्षित हैं और कोई भी स्थल जर्जर स्थिति में नहीं है।
वर्ष 2024-25 में केंद्र संरक्षित स्थलों के लिए 5 करोड़ रुपये और राज्य संरक्षित स्थलों के लिए 80 लाख रुपये आवंटित किए गए।
वहीं 2025-26 में क्रमशः 5.90 करोड़ रुपये और 1.85 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जिनका उपयोग संरक्षण, मरम्मत और पर्यटक सुविधाओं के विकास में किया जा रहा है।