रीफर्बिश्ड स्मार्टफोन खरीद रहे हैं तो रहें सावधान, सस्ता सौदा पड़ सकता है भारी

रीफर्बिश्ड स्मार्टफोन कम कीमत में प्रीमियम डिवाइस खरीदने का विकल्प देते हैं, लेकिन खरीदारी में खराब डिवाइस, नकली पार्ट्स और अकाउंट लॉक जैसी समस्याओं का जोखिम भी रहता है। फोन खरीदने से पहले सेलर, IMEI, बैटरी, अकाउंट लॉक, वारंटी और रिटर्न पॉलिसी की जांच करना जरूरी है।

Sep 17, 2026 - 18:43
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रीफर्बिश्ड स्मार्टफोन खरीद रहे हैं तो रहें सावधान, सस्ता सौदा पड़ सकता है भारी

UNITED NEWS OF ASIA. स्मार्टफोन की कीमतों में बढ़ोतरी के बीच कम बजट में प्रीमियम डिवाइस खरीदने के लिए कई ग्राहक रीफर्बिश्ड फोन का विकल्प चुन रहे हैं। पुराने iPhone और Samsung जैसे प्रीमियम मॉडल अपेक्षाकृत कम कीमत में उपलब्ध होने के कारण इनकी मांग बनी रहती है। रीफर्बिश्ड फोन को आमतौर पर जांच और टेस्टिंग के बाद दोबारा बिक्री के लिए तैयार किया जाता है और जरूरत पड़ने पर खराब पार्ट्स बदले जाते हैं। हालांकि, बाजार में उपलब्ध हर रीफर्बिश्ड फोन की कंडीशन एक जैसी नहीं होती, इसलिए खरीदारी से पहले अच्छी तरह जांच करना जरूरी है।

रीफर्बिश्ड स्मार्टफोन खरीदते समय सबसे पहले सेलर की विश्वसनीयता देखनी चाहिए। भरोसेमंद विक्रेता फोन की कंडीशन, इस्तेमाल और उपलब्ध वारंटी जैसी जानकारी स्पष्ट रूप से देता है। खरीदने से पहले रिटर्न और रिप्लेसमेंट पॉलिसी को भी ध्यान से पढ़ना चाहिए। इसके अलावा पक्का बिल या इनवॉयस लेना जरूरी है, ताकि भविष्य में किसी समस्या की स्थिति में खरीदारी का रिकॉर्ड मौजूद रहे।

मैन्युफैक्चरर-सर्टिफाइड रीफर्बिश्ड फोन भी एक विकल्प हो सकते हैं। उदाहरण के लिए Samsung अपने Certified Re-Newed प्रोग्राम के तहत कुछ स्मार्टफोन उपलब्ध कराता है। कंपनी के अनुसार ऐसे डिवाइस इंस्पेक्शन और फंक्शनल टेस्टिंग से गुजरते हैं। खरीदारी से पहले संबंधित कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट पर डिवाइस, वारंटी और रीफर्बिश्ड प्रोग्राम की जानकारी जरूर जांचनी चाहिए।

अगर किसी रीफर्बिश्ड स्टोर से फोन खरीदा जा रहा है तो डिवाइस की ग्रेडिंग समझना भी जरूरी है। फोन पर मौजूद स्क्रैच, डिस्प्ले की स्थिति और बॉडी की कंडीशन के बारे में जानकारी लें। संभव हो तो खरीदारी से पहले फोन को खुद देखकर कैमरा, स्पीकर, माइक्रोफोन, बटन और टचस्क्रीन की जांच करें। फिंगरप्रिंट सेंसर या Face ID जैसे फीचर्स भी टेस्ट किए जाने चाहिए। रिप्लेस किए गए पार्ट्स की जानकारी सेलर से मांगना भी उपयोगी रहेगा।

फोन खरीदने से पहले IMEI नंबर की जांच सबसे महत्वपूर्ण चरणों में से एक है। डिवाइस में दिखाई देने वाला IMEI नंबर बिल पर दर्ज नंबर से मेल खाना चाहिए। भारत में IMEI से जुड़ी जानकारी CEIR सेवा के माध्यम से भी जांची जा सकती है। यदि कोई विक्रेता IMEI नंबर बताने से मना करता है या फोन का बिल उपलब्ध नहीं कराता, तो खरीदारी को लेकर अतिरिक्त सावधानी बरतनी चाहिए।

iPhone खरीदते समय यह देखना जरूरी है कि पुराने मालिक का Apple अकाउंट डिवाइस से पूरी तरह हटाया गया है। फोन की बैटरी हेल्थ भी जांचनी चाहिए। इसी तरह Android स्मार्टफोन में पिछले मालिक का Google अकाउंट हटना चाहिए और डिवाइस को खरीदने से पहले पूरी तरह रीसेट किया जाना चाहिए। फोन में किसी पुराने मालिक का व्यक्तिगत डेटा मौजूद नहीं होना चाहिए।

क्लासिफाइड वेबसाइट या किसी व्यक्ति से रीफर्बिश्ड फोन खरीदते समय विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। संभव हो तो डिवाइस को खुद देखकर और उसकी पूरी जांच करने के बाद ही भुगतान करें। फोन चोरी या गुम होने से संबंधित स्थिति की भी उपलब्ध माध्यमों से जांच की जा सकती है। बिना जांच किए एडवांस पेमेंट करने से बचना बेहतर है।

रीफर्बिश्ड स्मार्टफोन कम कीमत में अच्छा हार्डवेयर उपलब्ध करा सकते हैं, लेकिन सिर्फ कम कीमत देखकर खरीदारी नहीं करनी चाहिए। सेलर की विश्वसनीयता, IMEI, बैटरी हेल्थ, अकाउंट लॉक, डिवाइस की कंडीशन, बिल, वारंटी और रिटर्न पॉलिसी की पुष्टि करने के बाद ही फोन खरीदना चाहिए।