भोरमदेव पदयात्रा की तैयारियां तेज, 3 अगस्त को 18 किलोमीटर की ऐतिहासिक यात्रा होगी

कबीरधाम में 3 अगस्त को आयोजित होने वाली भोरमदेव पदयात्रा की तैयारियां तेज हो गई हैं। प्रशासन ने 18 किलोमीटर लंबी यात्रा के लिए सुरक्षा, पेयजल, चिकित्सा, विश्राम, प्रकाश व्यवस्था और निःशुल्क बस सेवा सहित व्यापक इंतजाम किए हैं।

Jul 22, 2026 - 16:51
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भोरमदेव पदयात्रा की तैयारियां तेज, 3 अगस्त को 18 किलोमीटर की ऐतिहासिक यात्रा होगी

UNITED NEWS OF ASIA. कबीरधाम जिले में सावन माह के प्रथम सोमवार, 3 अगस्त 2026 को आयोजित होने वाली ऐतिहासिक भोरमदेव पदयात्रा की तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच गई हैं। यह पदयात्रा सुबह 7 बजे कवर्धा स्थित बूढ़ा महादेव मंदिर से शुरू होकर लगभग 18 किलोमीटर की दूरी तय करते हुए भोरमदेव मंदिर पहुंचेगी। जिला प्रशासन, जनप्रतिनिधियों और सामाजिक संगठनों के सहयोग से इस धार्मिक आयोजन को भव्य और सुव्यवस्थित बनाने की तैयारी की जा रही है।

पदयात्रा की व्यवस्थाओं को लेकर कलेक्टर गोपाल वर्मा ने जनप्रतिनिधियों, पत्रकारों, सामाजिक संगठनों और विभिन्न क्लबों के पदाधिकारियों के साथ बैठक कर सुझाव लिए। बैठक में यात्रा मार्ग पर श्रद्धालुओं के लिए पेयजल, नींबू शरबत, चाय-नाश्ता, विश्राम स्थल, चिकित्सा सुविधा, सुरक्षा, पार्किंग और स्वच्छता सहित सभी आवश्यक व्यवस्थाओं की समीक्षा की गई।

प्रशासन ने बताया कि यात्रा मार्ग में अलग-अलग स्थानों पर श्रद्धालुओं और कांवड़ियों के लिए विश्राम एवं जलपान की व्यवस्था की जाएगी। इसके अलावा स्वास्थ्य विभाग द्वारा चिकित्सा शिविर लगाए जाएंगे और आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाएं भी उपलब्ध रहेंगी। सुरक्षा व्यवस्था के लिए पुलिस बल की तैनाती के साथ लगातार गश्त की जाएगी।

यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए भोरमदेव से कवर्धा तक निःशुल्क बस सेवा संचालित की जाएगी। साथ ही समनापुर से भोरमदेव मार्ग पर पदयात्रा के समय दोपहिया और चारपहिया वाहनों की आवाजाही प्रतिबंधित रहेगी। यात्रियों और वाहन चालकों के लिए वैकल्पिक मार्ग भी निर्धारित किया जाएगा ताकि पदयात्रा बिना किसी बाधा के संपन्न हो सके।

इस वर्ष पदयात्रा को और आकर्षक बनाने के लिए भगवान शिव, भारतीय संस्कृति और लोक परंपराओं पर आधारित धार्मिक एवं सांस्कृतिक झांकियों का प्रदर्शन भी किया जाएगा। रात्रि में यात्रा करने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए समनापुर से भोरमदेव तक विशेष प्रकाश व्यवस्था की जाएगी।

प्रशासन ने अमरकंटक से आने वाले कांवड़ियों के लिए भी विशेष विश्राम शिविर, वाटरप्रूफ टेंट और मूलभूत सुविधाओं की व्यवस्था करने की योजना बनाई है। विभिन्न सामाजिक संगठनों द्वारा यात्रा मार्ग पर भंडारे और प्रसादी वितरण का आयोजन भी किया जाएगा। ज्वाइन हैंड्स ग्रुप ने सावन के प्रत्येक सोमवार को भोरमदेव मंदिर में निःशुल्क भंडारे की घोषणा की है।

जिला प्रशासन का कहना है कि इस वर्ष भी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है। सभी विभागों को समन्वय के साथ कार्य करने और यात्रा को सुरक्षित, व्यवस्थित एवं सफल बनाने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन ने नागरिकों से भी पदयात्रा में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होकर आयोजन को सफल बनाने की अपील की है।