UNITED NEWS OF ASIA. शिखा दास, महासमुंद l जिले के पिथौरा-सांकरा क्षेत्र में 30 अगस्त को हुए जोंक नदी हादसे का पांच दिन बाद दुखद अंत हो गया। हादसे के बाद से लापता चल रहे मोटरसाइकिल सवार भागीरथी साहू का शव आखिरकार बरामद कर लिया गया है। NDRF, SDRF, पुलिस और स्थानीय ग्रामीणों की संयुक्त टीम पिछले पांच दिनों से लगातार तलाश अभियान चला रही थी। पांचवें दिन पड़ोसी बलौदाबाजार जिले की चांदन-सुखरी नदी में झाड़ियों के बीच भागीरथी साहू का शव मिला। शव मिलने की सूचना के बाद परिजनों में गहरा दुख है और पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल बन गया है।
जानकारी के अनुसार, 30 अगस्त को सांकरा थाना क्षेत्र में जोंक नदी के पुराने पुल पर कार और मोटरसाइकिल के बीच टक्कर हो गई थी। टक्कर के बाद दोनों वाहन अनियंत्रित होकर पुल के नीचे नदी में जा गिरे थे। हादसे में कुल सात लोग प्रभावित हुए थे। कार में सवार बसना दुधिपाली निवासी शिक्षक राजकुमार निषाद की मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि छह लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया था। वहीं मोटरसाइकिल सवार बलौदाबाजार निवासी भागीरथी साहू नदी के तेज बहाव में बह गए थे और घटना के बाद से उनका कोई सुराग नहीं मिल पा रहा था।
भागीरथी साहू की तलाश के लिए SDRF के साथ भिलाई और ओडिशा से पहुंची NDRF की टीमों ने स्थानीय पुलिस और ग्रामीणों के सहयोग से नदी और आसपास के क्षेत्रों में लगातार सर्च ऑपरेशन चलाया। पानी के तेज बहाव और नदी के विस्तृत क्षेत्र के कारण तलाश अभियान चुनौतीपूर्ण रहा। टीमों ने संभावित स्थानों पर खोजबीन जारी रखी। एक दिन पहले भागीरथी साहू की बाइक भी बरामद कर ली गई थी, लेकिन उनके बारे में कोई जानकारी नहीं मिल सकी थी। इसके बाद भी बचाव दल ने तलाश अभियान जारी रखा।
पांचवें दिन सुबह तलाश अभियान के दौरान पड़ोसी बलौदाबाजार जिले की चांदन-सुखरी नदी में झाड़ियों के बीच भागीरथी साहू का शव मिला। बताया गया कि नदी के बहाव के कारण शव हादसे के स्थान से काफी दूर तक पहुंच गया था। सूचना मिलने के बाद NDRF, SDRF और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और शव को बाहर निकाला। इसके बाद पुलिस ने आवश्यक पंचनामा कार्रवाई शुरू की।
भागीरथी साहू के शव मिलने की खबर जैसे ही उनके परिजनों और परिचितों तक पहुंची, परिवार में शोक की स्थिति बन गई। पांच दिनों से परिजन उनके सुरक्षित मिलने की उम्मीद लगाए हुए थे, लेकिन तलाश का अंत बेहद दुखद खबर के साथ हुआ। हादसे के बाद से लगातार चल रहे सर्च ऑपरेशन में जुटी NDRF, SDRF, पुलिस और ग्रामीणों की भूमिका भी महत्वपूर्ण रही।
इस हादसे ने एक बार फिर जोंक नदी के पुराने पुल की स्थिति और वहां यातायात सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े किए हैं। स्थानीय लोगों के बीच पुल की स्थिति को लेकर चिंता बनी हुई है। हादसे में जान गंवाने वाले लोगों के परिवारों के प्रति क्षेत्र के लोगों ने संवेदना व्यक्त की है। फिलहाल पुलिस द्वारा हादसे से जुड़े तथ्यों और परिस्थितियों की आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।