बालोद में पेंशनरों और वरिष्ठ नागरिकों के लिए साइबर जागरूकता कार्यक्रम, ठगी से बचाव के बताए उपाय

बालोद जिले में छत्तीसगढ़ पुलिस के साइबर जागृति अभियान के तहत पेंशनरों और वरिष्ठ नागरिकों के लिए विशेष साइबर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। पुलिस अधीक्षक किरण गंगाराम चव्हाण ने डिजिटल अरेस्ट, फर्जी अधिकारी बनकर किए जाने वाले कॉल, वीडियो कॉल ठगी और ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी से बचने के उपाय बताए। वरिष्ठ नागरिकों को OTP, PIN, CVV और पासवर्ड जैसी गोपनीय जानकारी साझा नहीं करने तथा साइबर ठगी होने पर तत्काल 1930 पर शिकायत करने की समझाइश दी गई।

Sep 3, 2026 - 19:13
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बालोद में पेंशनरों और वरिष्ठ नागरिकों के लिए साइबर जागरूकता कार्यक्रम, ठगी से बचाव के बताए उपाय

UNITED NEWS OF ASIA. सुनील साहू, बालोद l जिले में छत्तीसगढ़ पुलिस द्वारा संचालित साइबर जागृति अभियान के अंतर्गत पेंशनरों और वरिष्ठ नागरिकों को साइबर अपराध एवं ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी से बचाव के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। पुलिस अधीक्षक किरण गंगाराम चव्हाण के मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यक्रम में वरिष्ठ नागरिकों को डिजिटल माध्यमों का सुरक्षित तरीके से उपयोग करने तथा साइबर अपराधियों की ठगी से अपनी जीवनभर की मेहनत की कमाई और जमा-पूंजी को सुरक्षित रखने के लिए आवश्यक सावधानियों की जानकारी दी गई।

कार्यक्रम के दौरान वरिष्ठ नागरिकों को वर्तमान समय में सामने आ रहे साइबर अपराध के विभिन्न तरीकों के बारे में समझाया गया। इसमें डिजिटल अरेस्ट के नाम पर डराने वाले कॉल, पुलिस, CBI, ED या अन्य सरकारी अधिकारी बनकर किए जाने वाले फर्जी फोन और वीडियो कॉल, बैंकिंग फ्रॉड, संदिग्ध संदेश तथा अनजान लिंक के माध्यम से होने वाली ठगी प्रमुख रूप से शामिल रही। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि साइबर अपराधी अक्सर लोगों को कानूनी कार्रवाई का डर दिखाकर मानसिक दबाव बनाने की कोशिश करते हैं और इसके बाद पैसे ट्रांसफर करने या बैंकिंग संबंधी जानकारी साझा करने के लिए मजबूर करने का प्रयास करते हैं।

पुलिस अधीक्षक ने वरिष्ठ नागरिकों को विशेष रूप से समझाइश दी कि कोई भी सरकारी एजेंसी फोन या वीडियो कॉल के माध्यम से डराकर पैसे ट्रांसफर करने के लिए बाध्य नहीं करती। ऐसे किसी भी कॉल पर घबराने के बजाय उसकी जानकारी संबंधित विभाग या पुलिस से सत्यापित करनी चाहिए। उन्होंने वरिष्ठ नागरिकों से कहा कि वे किसी अनजान व्यक्ति के साथ OTP, UPI PIN, CVV, पासवर्ड अथवा बैंक खाते से जुड़ी कोई भी गोपनीय जानकारी साझा न करें। संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने और अनजान व्यक्तियों द्वारा भेजे गए संदेशों का जवाब देने से भी बचने की सलाह दी गई।

कार्यक्रम में साइबर ठगी होने की स्थिति में तत्काल कार्रवाई करने पर भी जोर दिया गया। पुलिस ने बताया कि यदि कोई व्यक्ति ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी का शिकार होता है तो उसे बिना देरी किए राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत करनी चाहिए। इसके साथ ही संबंधित बैंक को भी तत्काल इसकी सूचना देनी चाहिए, ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सके। पुलिस का कहना है कि साइबर अपराध की स्थिति में जितनी जल्दी शिकायत दर्ज कराई जाती है, उतनी ही जल्दी संबंधित स्तर पर कार्रवाई की संभावना बढ़ती है।

बालोद पुलिस ने आम नागरिकों, विशेषकर पेंशनरों और वरिष्ठ नागरिकों से डिजिटल माध्यमों का इस्तेमाल करते समय सतर्कता बरतने की अपील की है। पुलिस ने कहा कि साइबर अपराध से बचाव के लिए जागरूकता सबसे महत्वपूर्ण सुरक्षा उपायों में से एक है। वरिष्ठ नागरिकों को परिवार के सदस्यों से भी साइबर सुरक्षा संबंधी जानकारी साझा करने और संदिग्ध गतिविधि सामने आने पर तुरंत पुलिस की मदद लेने के लिए प्रेरित किया गया।

कार्यक्रम में पेंशनर संघ के अध्यक्ष डॉ. चौड़ा, मधुसूदन यादव, सेवानिवृत्त वरिष्ठ शिक्षक सहित बड़ी संख्या में वरिष्ठ नागरिक उपस्थित रहे। पुलिस विभाग की ओर से डीएसपी राजेश बागड़े, डीएसपी बोनीफास एक्का, एसडीओपी विनय कुमार, डीएसपी माया शर्मा, रक्षित निरीक्षक रेवती वर्मा और थाना प्रभारी बालोद शिशुपाल सिन्हा सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे। कार्यक्रम के माध्यम से नागरिकों को सतर्क, जागरूक और सुरक्षित रहने का संदेश दिया गया।