मैनपुर के भाटापानी स्कूल में शिक्षक पर ड्यूटी के दौरान शराब के नशे में रहने का आरोप, मिड-डे मील पर भी सवाल

गरियाबंद जिले के मैनपुर विकासखंड के ग्राम पंचायत भाटापानी स्थित ज्ञान ज्योति प्राथमिक शाला में पदस्थ शिक्षक सतीश कुमार दुबे पर ग्रामीणों ने ड्यूटी समय में कथित तौर पर शराब के नशे में स्कूल पहुंचने का आरोप लगाया है। इसके साथ ही स्कूल में मध्याह्न भोजन की व्यवस्था को लेकर भी ग्रामीणों ने सवाल उठाए हैं। ग्रामीणों का दावा है कि बच्चों को निर्धारित मेन्यू के अनुसार भोजन नहीं दिया जा रहा। बीईओ देवनाथ बघेल ने जांच में आरोप सही पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की बात कही है।

Sep 3, 2026 - 19:22
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मैनपुर के भाटापानी स्कूल में शिक्षक पर ड्यूटी के दौरान शराब के नशे में रहने का आरोप, मिड-डे मील पर भी सवाल

UNITED NEWS OF ASIA. राधे पटेल, गरियाबंद l जिले के मैनपुर विकासखंड से स्कूल व्यवस्था को लेकर एक मामला सामने आया है, जहां ग्राम पंचायत भाटापानी के कामारपारा स्थित ज्ञान ज्योति प्राथमिक शाला में पदस्थ शिक्षक पर ग्रामीणों ने ड्यूटी के दौरान शराब के नशे में स्कूल आने का आरोप लगाया है। ग्रामीणों का कहना है कि शिक्षक सतीश कुमार दुबे को स्कूल समय में कथित तौर पर महुआ शराब के नशे में पाया गया। मामले के सामने आने के बाद शिक्षा व्यवस्था और स्कूल में बच्चों की पढ़ाई को लेकर सवाल उठने लगे हैं।

ग्रामीणों के अनुसार, शिक्षक के स्कूल समय में कथित रूप से नशे की हालत में पाए जाने से विद्यालय के अनुशासन और बच्चों की शिक्षा पर प्रतिकूल असर पड़ने की आशंका है। ग्रामीणों ने शिक्षा विभाग से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि स्कूल में शिक्षक की जिम्मेदारी बच्चों को नियमित रूप से पढ़ाना और विद्यालय की शैक्षणिक व्यवस्था को सुचारु बनाए रखना है। ऐसे में यदि ड्यूटी के दौरान शराब के नशे में रहने की शिकायत सही पाई जाती है तो संबंधित शिक्षक के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।

इसी मामले के साथ स्कूल में संचालित मध्याह्न भोजन व्यवस्था को लेकर भी ग्रामीणों ने गंभीर सवाल उठाए हैं। ग्रामीणों का दावा है कि बच्चों को निर्धारित मेन्यू के अनुसार भोजन नहीं मिल रहा है। आरोप है कि कई बार बच्चों को केवल दाल-चावल ही परोसा जाता है। ग्रामीणों ने भोजन की गुणवत्ता और निर्धारित व्यवस्था के पालन की भी जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों को शासन द्वारा निर्धारित व्यवस्था के अनुरूप भोजन मिलना चाहिए और इसमें किसी तरह की लापरवाही नहीं होनी चाहिए।

ग्रामीणों ने दोनों मामलों को लेकर शिक्षा विभाग से विस्तृत जांच की मांग की है। उनका कहना है कि शिक्षक पर लगाए गए आरोपों के साथ-साथ मध्याह्न भोजन की व्यवस्था की भी मौके पर जांच की जानी चाहिए, ताकि वास्तविक स्थिति सामने आ सके। ग्रामीणों के अनुसार, यदि किसी स्तर पर लापरवाही या अनियमितता सामने आती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की जानी चाहिए।

मामले को लेकर खंड शिक्षा अधिकारी देवनाथ बघेल ने कहा कि उन्हें शिकायत और पूरे मामले की जानकारी मिली है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि जांच के दौरान शिक्षक के शराब पीकर स्कूल आने की पुष्टि होती है तो नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। शिक्षा विभाग की ओर से जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि ग्रामीणों द्वारा लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है।

मध्याह्न भोजन को लेकर लगाए गए आरोपों पर भी विभागीय स्तर पर तथ्य सामने आने का इंतजार है। स्कूलों में बच्चों को निर्धारित शैक्षणिक वातावरण और पोषण संबंधी सुविधाएं उपलब्ध कराना महत्वपूर्ण माना जाता है। ऐसे में ग्रामीणों की शिकायत के बाद संबंधित व्यवस्था की जांच से स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है।

फिलहाल इस पूरे मामले ने भाटापानी के ज्ञान ज्योति प्राथमिक शाला की व्यवस्था को लेकर चर्चा तेज कर दी है। ग्रामीणों की मांग है कि जांच निष्पक्ष तरीके से की जाए और यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो जिम्मेदार लोगों पर नियमानुसार कार्रवाई हो। अब शिक्षा विभाग की जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं और मध्याह्न भोजन व्यवस्था को लेकर लगाए गए आरोपों पर क्या कदम उठाया जाता है, इस पर सभी की नजर बनी हुई है।