मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना में नकली मंगलसूत्र देने का आरोप, कांग्रेस ने उठाए सवाल

छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत नकली मंगलसूत्र वितरित किए जाने का आरोप लगाया है। कांग्रेस ने महिला एवं बाल विकास विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए मामले की जांच और जवाबदेही तय करने की मांग की है।

Jun 14, 2026 - 11:24
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मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना में नकली मंगलसूत्र देने का आरोप, कांग्रेस ने उठाए सवाल

UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना को लेकर राज्य सरकार और महिला एवं बाल विकास विभाग पर गंभीर आरोप लगाए हैं। कांग्रेस का दावा है कि मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी क्षेत्र में आयोजित सामूहिक विवाह कार्यक्रम में नवविवाहित जोड़ों को वितरित किए गए मंगलसूत्र नकली पाए गए हैं। पार्टी ने इसे योजना के क्रियान्वयन में गंभीर अनियमितता बताते हुए मामले की जांच की मांग की है।

प्रदेश कांग्रेस की मुख्य प्रवक्ता वंदना राजपूत ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा कि मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना जैसी सामाजिक और संवेदनशील योजना में कथित अनियमितताओं के आरोप चिंताजनक हैं। उन्होंने कहा कि यदि लाभार्थियों को वितरित सामग्री की गुणवत्ता पर सवाल उठ रहे हैं, तो इसकी निष्पक्ष जांच कराई जानी चाहिए और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।

कांग्रेस ने आरोप लगाया कि इससे पहले भी सामूहिक विवाह कार्यक्रमों के आयोजन में विभिन्न प्रकार की अनियमितताओं के मामले सामने आते रहे हैं। पार्टी का कहना है कि रायपुर में आयोजित एक सामूहिक विवाह कार्यक्रम में पंडाल व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठे थे। कांग्रेस ने सरकार से सभी आरोपों पर स्पष्ट स्थिति सामने रखने की मांग की है।

वंदना राजपूत ने यह भी आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के संचालन में पारदर्शिता बनाए रखने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि योजना के लाभार्थियों के चयन और सामग्री वितरण की प्रक्रिया की समीक्षा की जानी चाहिए ताकि किसी भी प्रकार की गड़बड़ी की संभावना समाप्त हो सके।

प्रेस विज्ञप्ति में महिला एवं बाल विकास विभाग की अन्य योजनाओं और खरीद प्रक्रियाओं को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को वितरित की गई कुछ सामग्री की गुणवत्ता को लेकर भी शिकायतें सामने आई हैं। पार्टी ने इन मामलों की स्वतंत्र जांच कराने की मांग की है।

कांग्रेस ने विभाग में पोषण सामग्री की खरीद, आंगनबाड़ी केंद्रों में उपकरणों की खरीद और अन्य योजनाओं में कथित अनियमितताओं का भी उल्लेख किया। पार्टी का कहना है कि विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित की जानी चाहिए ताकि सरकारी संसाधनों का सही उपयोग हो सके।

वंदना राजपूत ने कहा कि सरकार को इन आरोपों पर जवाब देना चाहिए और यदि कहीं भी अनियमितता पाई जाती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जनहित से जुड़ी योजनाओं में पारदर्शिता और गुणवत्ता बनाए रखना सरकार की जिम्मेदारी है।

हालांकि, समाचार लिखे जाने तक राज्य सरकार या महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी। ऐसे में आरोपों की पुष्टि स्वतंत्र जांच या आधिकारिक बयान के बाद ही हो सकेगी।

फिलहाल कांग्रेस द्वारा लगाए गए आरोपों को लेकर राजनीतिक चर्चा तेज हो गई है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि सरकार इन आरोपों पर क्या प्रतिक्रिया देती है और मामले की जांच को लेकर क्या कदम उठाए जाते हैं।