चीन के लिए जासूसी के आरोप में अमेरिकी पत्रकार को 2 साल की जेल, 1 लाख डॉलर लेने का दावा

अमेरिका में चीन के लिए विदेशी एजेंट के तौर पर काम करने के मामले में पत्रकार थॉमस वीर पॉकन II को दो साल जेल की सजा सुनाई गई है। अमेरिकी न्याय विभाग के अनुसार, पॉकन ने चीन से जुड़े लोगों के निर्देश पर काम करने और खुफिया गतिविधियों में मदद करने का अपराध स्वीकार किया था। अदालत के दस्तावेजों में उसे कम से कम 1 लाख डॉलर मिलने की बात सामने आई है। सजा पूरी होने के बाद उसे 36 महीने निगरानी में रहना होगा।

Sep 3, 2026 - 18:08
Sep 3, 2026 - 18:43
 0  3
चीन के लिए जासूसी के आरोप में अमेरिकी पत्रकार को 2 साल की जेल, 1 लाख डॉलर लेने का दावा

UNITED NEWS OF ASIA. अमेरिका l चीन के लिए विदेशी एजेंट के तौर पर काम करने के मामले में अमेरिकी पत्रकार थॉमस वीर पॉकन II को दो साल जेल की सजा सुनाई गई है। अमेरिकी न्याय विभाग के मुताबिक, 51 वर्षीय पॉकन ने इस साल की शुरुआत में अपने खिलाफ लगाए गए आरोपों में अपराध स्वीकार कर लिया था। अदालत के फैसले के अनुसार, जेल की सजा पूरी होने के बाद उसे 36 महीने तक निगरानी में रखा जाएगा। इस अवधि के दौरान उसके विदेश यात्रा करने पर भी प्रतिबंध रहेगा। यह मामला अमेरिका में चीन से जुड़े कथित खुफिया नेटवर्क और विदेशी एजेंट गतिविधियों को लेकर चल रही जांच के बीच सामने आया है।

अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, पॉकन कम से कम 2019 से फरवरी 2026 तक ऐसे लोगों के निर्देश पर काम कर रहा था, जिनके चीन की सरकार से संबंध होने की उसे जानकारी थी। न्याय विभाग का आरोप है कि उसने चीन के मिनिस्ट्री ऑफ स्टेट सिक्योरिटी यानी MSS से जुड़े अभियानों में मदद की। जांच एजेंसियों के मुताबिक, पॉकन से संभावित सहयोगियों की भर्ती करने और संवेदनशील जानकारी हासिल करने के प्रयासों में सहयोग करने को कहा गया था। राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए सहायक अटॉर्नी जनरल जॉन ए. आइजनबर्ग ने आरोप लगाया कि पॉकन ने आर्थिक लाभ के लिए अमेरिका के हितों के खिलाफ काम किया।

अदालती दस्तावेजों के अनुसार, पॉकन को ‘कैथी’ नाम से पहचानी गई एक महिला के साथ काम करने के बदले कम से कम 1 लाख डॉलर मिले थे। दस्तावेजों में यह भी बताया गया है कि कैथी ने दावा किया था कि पॉकन द्वारा तैयार की गई रिपोर्ट चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग तक पहुंचती थीं। पॉकन को ऐसे संभावित सहयोगियों की तलाश और भर्ती के लिए भी कहा गया था, जो गोपनीय जानकारी उपलब्ध करा सकते थे। एक मामले में उसे संभावित सहयोगी को संचार और तकनीकी उपकरणों से संबंधित जानकारी उपलब्ध कराने के निर्देश मिलने की बात सामने आई है।

पॉकन वर्ष 2010 में चीन गया था और वहां CCTV समेत कई चीनी मीडिया संस्थानों के लिए काम किया। वर्ष 2024 से वह सरकारी समाचार एजेंसी शिन्हुआ में संपादक के तौर पर कार्यरत था। पत्रकारिता के दौरान वह ‘टॉम मैकग्रेगर’ नाम का इस्तेमाल भी करता था। उसने अमेरिका-चीन संबंधों और चीन के शहर शेनझेन से जुड़े विषयों पर किताबें भी लिखी हैं। इसी पत्रकारिता पृष्ठभूमि के कारण उसके मामले ने अमेरिका में राष्ट्रीय सुरक्षा और विदेशी प्रभाव से जुड़े सवालों को भी चर्चा में ला दिया है।

पॉकन को फरवरी 2026 में गिरफ्तार किया गया था। जांच के दौरान अधिकारियों को कथित तौर पर यह भी जानकारी मिली कि ‘कैथी’ कई वर्षों तक उसकी अमेरिका यात्राओं का खर्च उठाती थी और उसकी पत्नी के बैंक खातों में भी पैसे भेजती थी। पॉकन के वकील चार्ल्स बर्नहैम ने कहा कि उनके मुवक्किल ने अपनी जिम्मेदारी स्वीकार कर ली है और अदालत के फैसले का सम्मान करेगा। बचाव पक्ष ने यह भी कहा कि सरकार ने अदालत में माना था कि पॉकन ने चीन को कोई गोपनीय या क्लासिफाइड जानकारी उपलब्ध नहीं कराई। वकील के अनुसार, पॉकन सजा के खिलाफ अपील नहीं करेगा।